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बाल दिवस पर कविता 2018 – Children’s Day Poem in Hindi, English & Marathi for Class 1-12 Students

Children’s Day 2018: 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है जो पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती भी है। जवाहर लाल नेहरू एक उत्कृष्ट राजनेता थे और स्वतंत्र भारत के पहले प्रधान मंत्री थे। उनके बच्चों के लिए बहुत अप्रेम एवं स्नेह था और उन्हें बहुत प्यार था| जब 1963 में उनकी मृत्यु हुई तो इसके बाद हर वर्ष उनके जन्मदिन पर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया गया| | राजनीति में आने से पहले वे एक विद्यालय में अध्यापक थे| पूरे भारत में बाल दिवस मनाया जाता है| इस दिन सभी स्कूल एवं कॉलेज में भिन्न प्रोग्राम होते है|  ये कविता खासकर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है|

बाल दिवस पर कविता

बाल दिवस कब मनाया जाता है: बाल दिवस को हर वर्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाता है| इस पर्व हर वर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है| आइये अब हम आपको children’s day poems english, children’s day poem in hindi language, children’s day poem in tamil, childrens day poem, Childrens Day Message, bal diwas ki kavita in hindi, Bal diwas quotes, बाल दिवस की कविता इन हिंदी, बाल दिवस कविता, children’s day पोएम, bal diwas kavita, bal diwas kavita in hindi, bal diwas hindi kavita, बाल दिवस पर भाषण,बाल दिवस की कविता, Children’s Day Essay in Hindi, children’s day poem in english, Children’s Day Shayari in Hindi, बाल दिवस पर कविता इन हिंदी,  Happy Children’s Day Image , किसी भी भाषा जैसे Hindi, हिंदी फॉण्ट, मराठी, गुजराती, Urdu, उर्दू, English, sanskrit, Tamil, Telugu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Malayalam, Nepali, Kannada के Language व Font में साल 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 का full collection जिसे आप अपने स्कूल व सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे whatsapp, facebook (fb) व instagram पर share कर सकते हैं|आप सभी को बाल दिवस की शुभकामनाएं|

‘प्रभात’
नेहरू चाचा तुम्हें सलाम
अमन-शांति का दे पैगाम
जग को जंग से बचाया
हम बच्चों को भी मनाया
जन्मदिवस बच्चों के नाम
नेहरू चाचा तुम्हें सलाम
देश को दी हैं योजनाएं
लोहा और इस्पात बनाए
बांध बने बिजली निकाली
नहरों से खेतों में हरियाली
प्रगति का दिया इनाम
नेहरू चाचा तुम्हें प्रणाम

बाल दिवस पर हास्य कविता

चाचा नेहरु प्यारे थे,
भारत माता के राजदुलारे थे!,
देश के पहले पधानमंत्री थे,
स्वतंत्रता के सैनानी थे!
अचकन में फूल लगाते थे,
हमेशा ही मुस्काते थे!
बच्चो से प्यार जताते थे!
चाचा नेहरु प्यारे थे!
देश विदेश यह घूमते थे,
बहुत सारी जानकारी प्राप्त करते थे,
फिर भी अपने देश से यह प्यार करते थे!
चाचा नेहरु राजकुमारे थे!
बच्चे इनको सदा प्यार से,
चाचा नेहरू कहते।
चाचाजी इन बच्चों के बीच,
बच्चे बनकर रहते है॥
एक गुलाब ही सब पुष्पों में,
इनको लगता प्यारा।
भारत मां का लाल यह,
सबसे ही था न्यारा॥
सारे जग को पाठ पढ़ाया,
शांति और अमन का।
भारत मां का मान बढ़ाया,
था यह ऐसा लाल चमन का॥

Children’s day poems

Children's day poems

बाल-दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।
जगह-जगह पर मची हुई खुशियों की रेलमपेल ।
बरस-गांठ चाचा नेहरू की फिर आई है आज,
उन जैसे नेता पर सारे भारत को है नाज ।
वह दिल से भोले थे इतने, जितने हम नादान,
बूढ़े होने पर भी मन से वे थे सदा जवान ।
हम उनसे सीखे मुसकाना, सारे संकट झेल ।
हम सब मिलकर क्यों न रचाए ऐमा सुख संसार
भाई-भाई जहां सभी हों, रहे छलकता प्यार ।
नही घृणा हो किसी हृदय में, नहीं द्वेष का वास,
आँखों में आँसू न कहीं हों, हो अधरों पर हास ।
झगडे नही परस्पर कोई, हो आपस में मेल ।
पडे जरूरत अगर, पहन ले हम वीरों का वेश,
प्राणों से भी बढ़कर प्यारा हमको रहे स्वदेश ।
मातृभूमि की आजादी हित हो जाएं बलिदान,
मिट्टी मे मिलकर भी माँ की रक्खें ऊंची शान ।
दुश्मन के दिल को दहला दें, डाल नाक-नकेल ।
बाल दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।

Poem on children’s day

बाल-दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।
जगह-जगह पर आज मची है, खुशियों की रेलमपेल ।
वर्षगाँठ चाचा नेहरू की, फिर से आई है आज…
उन जैसे नेता पर पूरे भारतवर्ष को है नाज।
दिल से इतने भोले थे वो, जितने हम नादान,
बूढ़े होने पर भी मन से थे वे सदा जवान ।
हमने उनसे मुस्काना सीखा, सारे संकट झेल
हम सब मिलकर क्यों न रचाए ऐसा सुख संसार
जहां भाई भाई हों सभी, छलकता रहे प्यार,
न हो घृणा किसी ह्रदय में, न द्वेष का वास,
न हो झगडे कोई, हो अधरों का हास,
झगडे नहीं परस्पर कोई, सभी का हो आपस में मेल,
पड़े जरूरत देश को, तो पहन लें हम वीरों का वेश,
प्राणों से बढ़कर प्यारा है हमें अपना देश,
दुश्मन के दिल को दहला दें, डाल कर नाक नकेल
बाल दिवस है आज साथियों, आओ खेलें खेल…

Children’s day poem in hindi

कितनी प्यारी दुनिया इनकी,
कितनी मृदु मुस्कान।
बच्चों के मन में बसते हैं,
सदा, स्वयं भगवान।

एक बार नेहरू चाचा ने,
बच्चों को दुलराया।
किलकारी भर हंसा जोर से,
जैसे हाथ उठाया।

नेहरूजी भी उसी तरह,
बच्चे-सा बन करके।
रहे खिलाते बड़ी देर तक
जैसे खुद खो करके।

बच्चों में दिखता भारत का,
उज्ज्वल स्वर्ण विहान।
बच्चे मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

बच्चे यदि संस्कार पा गए,
देश सबल यह होगा।
बच्चों की प्रश्नावलियों से,
हर सवाल हल होगा।

बच्चे गा सकते हैं जग में,
अपना गौरव गान।
बच्चे के मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

Children’s day poems in english

A Beautiful Poem on Children’s’ Day

A child is blessed everyday,

To fulfill the dreams and & overcome hopes and fears.

This children’s day isn’t just for the children;

But to remind the adults to dry their tears.

From hearts and minds,

Spirits and souls.

Children love each other with no strings,

So on this children’s day;

I pray that all of us hold,

To one another’s hands and together sing.

Today in this land and all around the world,

We too have the spirits of ‘Chacha Nehru’ to follow.

To love our fellow youths as once he did;

This is a spirit that has encouraged the hearts that had become hollow…

I hold in my heart the hopes and wishes,

Of every teacher today in this place;

With hugs and love and heartfelt kisses;

to let me know that this is ‘Children’s day.

Children’s day poems from teachers

चाचा नेहरु का बच्चो से है बहुत पुराना नाता
जन्मदिन चाचा नेहरु का बाल दिवस कहलाता
चाचा नेहरु ने देखे थे नवभारत के सपने
उस सपने को पूरा कर सकते है उनके अपने बच्चे
बाल दिवस के दिन हम सभी बच्चे मिलकर गीत ख़ुशी के गायेगें
चाचा नेहरु के चरणों में फूल मालाये चढ़ायेगें!
शालाओं में भी होते है नये नये आयोजन
जिसको देख कर आनंदित होते है हम बच्चो के तन मन
बाल दिवस के इस पवन पर्व पर एक शपथ ये खाओ
ऊँच नीच का भेद भूलकर सबको गले लगाओ!

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