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विश्व जनसंख्या दिवस पर कविता 2018 – World Population Day Poem in Hindi – वर्ल्ड पापुलेशन डे कविता

विश्व जनसंख्या दिवस 2018: आज के समय में भारी मात्रा में बढ़ती आबादी के चलते ग्लोबल वार्मिंग, पोल्युशन और डिफोरस्टेशन जैसी गंभीर समस्या तेज़ी से फ़ैल रही है| विश्व जनसँख्या दिवस एक ऐसा दिन है जो की पूरे विश्व में मनाया जाता है| इस दिन को मनाने का मकसत पूरे विश्व में बढ़ती जनसंख्या के बारे में लोगो को जागरूक करना है| यह दिन हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है|इस तारिक में यह पर्व मानने के पीछे भी एक कारण है 11 जुलाई संन 1987 में पूरे विश्व की जनसंख्या बढ़कर पांच अरब हो गई थी तब इस विशेष पर्व को 11 जुलाई को मनाने का फैसला किया गया| आज के इस पोस्ट में हम आपको world population day poem in hindi, वर्ल्ड पापुलेशन डे पोएम इन हिंदी, best poem on world population day, world population day short poem जिन्हे आप अपने स्कूल के विश्व जनसंख्या दिवस कविता को प्रतियोगिता, कार्यक्रम या भाषण प्रतियोगिता में प्रयोग कर सकते है| ये कविता खासकर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है|

Small Poem on World Population Day

विश्व जनसंख्या दिवस कब मनाया जाता है: संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व जनसंख्या दिवस जिसे वर्ल्ड पापुलेशन डे भी कहते हैं प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को मनाया जाता है| इस साल भी यह दिन 11 जुलाई 2018 को मनाया जाएगा| अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है विश्व जनसंख्या दिवस पर कविता लिखें| यहाँ हमने हर साल 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 व 2018 के अनुसार world population day kavita, Thoughts on World Population Day in Hindi, a poem on world population day, विश्व जनसंख्या दिवस पर नारे, world population day poems, world population day in poem, विश्व जनसंख्या दिवस पर निबंध, short poems on world population day, विश्व जनसंख्या दिवस पर भाषण, poem on world population day in hindi, Posters on World Population Day with Slogans, world population day poem in english, world population day poems in hindi, वर्ल्ड पापुलेशन डे कविताएं प्रदान की है आदि जिसे आप whatsapp, facebook व instagram पर अपने groups में share कर सकते हैं|

जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही
खाद्द्यान्न संकट खड़ा हो गया
उर्जा संकट बढ़ा हो गया
भुखमरी चारो ओर बढ़ी

गरीबी की समस्या सामने खड़ी
जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही
बेरोजगारी हताशा ला रही
आर्थिक संकट की चिंता खाय जा रही

महंगाई तेजी से बढ़ रही
आम लोगो का जीना मुश्किल कर रही
जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही

भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ रहा
जनता को न्याय नहीं मिल रहा
जंगल काटे जाते है
पेड़ न कोई लगाते है
जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही

बहुत से समस्याए पैदा कर रही
चारो ओर प्रदुषण बढ़ते जा रहा
नई नई बीमारिया फैला रहा
खतरे में है वन्यजीवों का जीवन

हो रहे रोज उनपर नए नए सितम
जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही

हमें इन समस्यायों से निजात पाना होगा
जनसंख्या के बढ़ने पे अंकुश लगाना होगा
हमें कुछ तो कदम उठाना होगा
छोटा परिवार , सुखी परिवार का नारा लगाना होगा

Short Poem on World Population Day in Hindi

World population day theme 2018: इस साल की विश्व जनसंख्या दिवस 2018 थीम है “Family Planning is a Human Right” यानी की “पारिवारिक योजना एक मानव अधिकार है”| अगर आप विश्व जनसंख्या दिवस के लिए पोएम Sayings, World Population Day Image Wallpapers, Slogans, Messages, world jansankhya divas photo, SMS, Doctors Day Quotes in Hindi, Whatsapp Status, Words Character तथा भाषा Hindi font, hindi language, English, Urdu, Tamil, Telugu, Punjabi, English, Haryanvi, Gujarati, Bengali, Marathi, Malayalam, Kannada, Nepali के Language Font के 3D Image, Pictures, Pics, HD Wallpaper, Greetings, Photos, Free Download जानना चाहे तो यहाँ से जान सकते है|

World Population Day Poem in Hindi

जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही
खाद्द्यान्न संकट खड़ा हो गया
उर्जा संकट बड़ा हो गया

भुखमरी चारो ओर बढ़ी
गरीबी की समस्या सामने खड़ी
जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही

बेरोजगारी हताशा ला रही
आर्थिक संकट की चिंता खाए जा रही
महंगाई तेजी से बढ़ रही
आम लोगो का जीना मुश्किल कर रही

जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही
भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ रहा
जनता को न्याय नहीं मिल रहा
जंगल काटे जाते है
पेड़ न कोई लगाते है

जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही
चारो ओर प्रदुषण बढ़ते जा रहा
नई नई बीमारिया फैला रहा
खतरे में है वन्यजीवों का जीवन
हो रहे रोज उनपर नए नए सितम

जनसंख्या जो ये तेजी से बढ़ रही
बहुत से समस्याए पैदा कर रही
हमें इन समस्यायों से निजात पाना होगा
जनसंख्या के बढ़ने पे अंकुश लगाना होगा
हमें कुछ तो कदम उठाना होगा

Short Poem on World Population Day in English

कौन कहता है
दुनिया की जनसंख्या सात अरब है
मुझे तो लगती यह सात सौ अरब है।

हर आदमी के होते हैं
कई चेहरे, कई रूप
छाँव के रंग बदल जाते हैं
जब आती है कड़ी धूप।

एक संत के चेहरे में
छिपा रहता है शैतान
त्यागी जिसे कहता है जग
आसमां छूता है उसका गुमान।

बिजली से कड़कते हैं
जो बन शब्दों के जाल
हकीकत में खामोश कर देता है उन्हें
किसी का डर तो किसी का माल।

जिसके चेहरे पर मुस्कुराहट, सौम्यता
और विनम्रता का निर्झर बहता है
उसके हाथों में कहीं छिपा
एक खूनी खंजर रहता है।

सच के साथ खड़े होकर
करते हैं जो संपादक झूठ का पर्दाफाश
उनकी नजरों से सुरक्षित है एक औरत
नहीं कर सकते इसका भी विश्वास।

मंदिर में जाकर
चन्दन का जिसने टीका लगाया होगा
नहीं जान सकता कोई
उसके मन में कितना मैल समाया होगा।

सत्य, अहिंसा, मुक्ति पर
जो देता है हर रोज गुरु ज्ञान
कितने अपराधों में होगा संलग्न
नहीं लगा सकते इसका भी अनुमान।

समाज सेवा की आड़ में
सेक्स स्कैंडल जैसे घृणित कार्यों को अंजाम
अहिंसा का मुखौटा लगाकर भी
होता है यहाँ कत्ले आम।

छद्म नारीवादियों के रूप में
जन्मे हैं नारी के नए शोषक
लिखते हैं जो प्रेम शास्त्र
उनमें से कई मिलेंगे नफरत के पोषक।

कायरों ने ओढ़ी शेरों की खाल
सन्यासी हो रहे मालामाल हैं
सच्चा आदमी पहचानना है मुश्किल
हर ओर मकड़ी के जाल हैं।

चिंता जनसंख्या से ज्यादा मुझे
एक आदमी में छिपे सौ चेहरों की है
किसी मासूम को अपना निशाना बनाये
खौफ़नाक पहरो की है।

देर-सबेर बढ़ती जनसंख्या पर
लगाम लग भी जायेगी
पर मुखौटे बदलने की यह प्रवृत्ति
तो दिनों-दिन बढ़ती ही जायेगी।

जनसँख्या नियंत्रण के साथ ही हो नियंत्रण
एक जन में छिपे दुर्जन इरादों पर भी
प्यार की झूठी कसमों पर
और नेता के झूठे वादों पर भी।

क्योंकि समस्याएं मात्रात्मक से ज्यादा
अब गुणात्मक हो रही है
दिखते हैं यहाँ शरीर ही शरीर
आत्माएं सबकी कहीं खो रही है।

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