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World Disability Day Speech 2018 – World Handicapped Day Speech in Hindi & English pdf Download

World Disability Day 2018: हर साल 3 दिसंबर को विश्व विकलांग दिवस मनाया जाता है | यह दिन संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1992 में विकलांगजनो के लिए बराबरी,रोकथाम ,प्रचार के विषयों पर ध्यान देने के लिए मनाया जाता है | यह दिन उनके अधिकारों के बारे में लोगों को जागरूक करने व उन्हें समाज में समान रूप से देखे जाने के लिए और उनकी आर्थिक और समाजिक स्थिति पर गौर देने के लिए मनाया जाता है | इस दिन को मानाने का मुख्य उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों के जीवन के पहलुओं पर ध्यान देने और उन्हें सुधारने का है |

Speech on International Day of Disabled persons

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विश्व दिव्यांग दिवस 1992 से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निशक्त जनों को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू किया गया है | इस दिवस से लोग निशक्त लोगो से मिलकर उनके साथ अपना सुख दुःख बाँटते है | World Disability Day दिव्यांग दिवस को न केवल मानसिक रोगियों या शारीरिक विकलांग व्यक्तियों के लिए प्रोत्साहन दिवस है बल्कि ये असाध्य रोगों से पीड़ित रोगियों को भी प्रोत्साहित करने का अवसर है |

अंग्रेजी में नि:शक्त या विकलांग शब्द की व्याख्या की शुरुवात “Handicapped या Disabled” के रूप में की जाती है | आगे चलकर 1980 के दशक में इस परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया गया | अमेरिका के Democratic National Committee ने विकलांगो के लिए Handicapped की जगह Differently Abled शब्द के इस्तेमाल पर जोर दिया , जो अपने पूर्ववती शब्द Handicapped या Disabled” की तुलना में ज्यादा स्वीकार्य हुआ | नि:शक्तजनों की भावना को समझते हुए उन्हें एक सौम्य और करुणामयी शब्द से नवाजकर इस समिति ने भी अतिरिक्त योग्यता का प्रमाण प्रस्तुत किया|

वर्तमान में भारतीय परिदृश्य पर विचार करे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर प्रसारित होने वाले “मन की बात” कार्यक्रम में विकलांगो या नि:शक्तो के लिए “दिव्यांग” शब्द का प्रयोग किये जाने की बात कही | यह शब्द जनमाध्यमो में भी दिखाई सुनाई देने लगा है ऐसे में आमजनों में भी इस शब्द का प्रचलन बढने लगा है तथ जनमानस के बीच इस शब्द की स्वीकार्यता स्थापित होने लगी है | नि:शक्तो और विकलांगो को दिव्यांग कहकर सम्बोधित करना एक विशिष्ट प्रकार का विचार है | दिव्यांग शरीर वाले लोग कुछ मायने में भले शारीरिक तौर पर कमजोर होते है लेकिन ज्ञान ,मेधा और तार्किक शक्ति के लिहाज से अन्य व्यक्तियों से कम नही आंके जा सकते है |

World Handicapped day speech

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वर्ष 1976 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा के द्वारा “विकलांगजनों के अंतरराष्ट्रीय वर्ष” के रुप में वर्ष 1981 को घोषित किया गया था। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर विकलांगजनों के लिये पुनरुद्धार, रोकथाम, प्रचार और बराबरी के मौकों पर जोर देने के लिये योजना बनायी गयी थी। समाज में उनकी बराबरी के विकास के लिये विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिये, सामान्य नागरिकों की तरह ही उनके सेहत पर भी ध्यान देने के लिये और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिये “पूर्ण सहभागिता और समानता” का थीम विकलांग व्यक्तियों के अंतरराष्ट्रीय वर्ष के उत्सव के लिये निर्धारित किया गया था। सरकारी और दूसरे संगठनों के लिये निर्धारित समय-सीमा प्रस्ताव के लिये संयुक्त राष्ट्र आम सभा के द्वारा “विकलांग व्यक्तियों के संयुक्त राष्ट्र दशक” के रुप में वर्ष 1983 से 1992 को घोषित किया गया था जिससे वो सभी अनुशंसित क्रियाकलापों को ठीक ढंग से लागू कर सकें।

ज्यादातर लोग ये भी नहीं जानते कि उनके घर के आस-पास समाज में कितने लोग विकलांग हैं। समाज में उन्हें बराबर का अधिकार मिल रहा है कि नहीं। अच्छी सेहत और सम्मान पाने के लिये तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिये उन्हें सामान्य लोगों से कुछ सहायता की ज़रुरत है, । लेकिन, आमतौर पर समाज में लोग उनकी सभी ज़रुरतों को नहीं जानते हैं। आँकड़ों के अनुसार, ऐसा पाया गया है कि, लगभग पूरी दुनिया के 15% लोग विकलांग हैं।

इसलिये, विकलांगजनों की वास्तविक स्थिति के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिये इस उत्सव को मनाना बहुत आवश्यक है। विकलांगजन “विश्व की सबसे बड़ी अल्पसंख्यकों” के तहत आते हैं और उनके लिये उचित संसाधनों और अधिकारों की कमी के कारण जीवन के सभी पहलुओं में ढ़ेर सारी बाधाओं का सामना करते हैं।

World Disability day speech

‘अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस’ अथवा ‘अन्तर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस’ प्रतिवर्ष 3 दिसंबर को मनाया जाता है। वर्ष 1976 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा के द्वारा ‘विकलांगजनों के अन्तर्राष्ट्रीय वर्ष’ के रुप में वर्ष 1981 को घोषित किया गया था। वर्ष 1992 से संयुक्त राष्ट्र के द्वारा इसे अन्तर्राष्ट्रीय रीति-रिवाज़ के रुप में प्रचारित किया जा रहा है।

दिव्यांगता प्रायः जन्म से, परिस्थितिजन्य अथवा दुर्घटना के कारण होती है। सर्वविदित है कि समाज में दिव्यांगजन की स्थिति चुनौतीपूर्ण होती है। दिव्यांगता के कारण जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो व्यक्ति इस कठिनाई पर विजय प्राप्त कर सकता है।

World Disability day speech in Hindi

यह निर्विवाद सत्य है कि प्रत्येक दिव्यांगजन में किसी न किसी प्रकार की विशेष प्रतिभा विद्यमान होती है। आवश्यकता होती है कि उनकी इच्छा शक्ति को जागृत कर उनके आत्मविश्वास को दृढ़ करते हुए उनकी प्रतिभा को विकसित कर उनको आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे वह सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।

अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर विभिन स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा अनेक गोष्ठियों व कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा विशिष्ट प्रतिभा के धनी दिव्यांगजन, उनके सेवायोजकों एवं दिव्यांगजन के हितार्थ कार्य करने वाले व्यक्ति विशेष एवं संस्थाओं को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाता है।

World Disability day speech in Hindi

भारत का सविधान अपने सभी नागरिको के लिए समानता ,स्वतंत्रता ,न्याय एवं गरिमा सुनिश्चित करता है | हाल के वर्षो में विकलांगो के प्रति समाज का नजरिया तेजी से बदला है | यह माना जाता है कि यदि दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर तथा प्रभावी पुनर्वास की सुविधा मिले तो वे बेहतर गुणवत्तापूर्ण जीवन व्यतीत कर सकते है | दिव्यांगो की बढती योग्यता की पहचान की जा रही है और उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल किये जाने पर बल दिया जा रहा है |

वर्तमान में कई संस्थाए शारीरिक और मानसिक रूप से निशक्तो या दिव्यांगो के लिए प्रशिक्षण केंद्र , विद्यालय , सामूहिक आवास आदि कुशलता से चला रही है | इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय संस्थाए भी ऐसे व्यक्तियों के लिए काम करने वाली संस्थाओ को आर्थिक मदद देकर महत्चपूर्ण भूमिका अदा कर रही है | अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में सयुंक्त राष्ट्र संघ द्वारा चलाई जा रही संस्थाए भी है जो इस दिशा में व्यवस्थित रूप से कायक्रमो का संचालन कर रही है |

सयुंक्त राष्ट्र संघ ने इस मान्यता पर बल देने में प्रमुख भूमिका अदा की है कि निशक्तो के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में उनकी खुद की भागीदारी मुख्य रूप से होनी चाहिए | इससे न केवल बेहतर काम होगा बल्कि काम करते हुए निशक्त व्यक्तियों को देखकर अन्य नि:शक्तो का भी हौसला बढ़ेगा | यदि इस सिद्धांत पर वास्तविक तौर पर अमल हर देश में होने लगे तो विकलांगो की समस्याए काफी हद तक हल हो सकती है |

World Disability day speech in English

International day of disabled persons 2018 would fall at Monday, on 3rd of December. The United Nations Staff Union, the Department of General Assembly and Conference Management, Office of Human Resources Management and Office of Central Support Services will be jointly celebrating a series of events in the UN headquarters on the 03rd December. Various seminars, conferences, workshops and presentations are to be organised to commemorate the day.

Various social and nonprofit organizations will be organizing various campaigns and events. Two of the NGOs in Mumbai have joined hands to celebrate the day with an event named ‘STRIDE-2018 – Walk with Dignity’ where person with disabilities will showcase their talents on the stage. They will also get a chance to walk with professional models on the ramp.

The International Day of Disabled Persons 2018 Theme is “Empowering persons with disabilities and ensuring inclusiveness and equality”. This theme aims to empower individuals with disabilities so that they can get a sustainable and equitable development. The Secretary General of the United Nations will launch the first ever report on disability and development this year which will help the sustainable global agenda for the persons with disability.

Most of the people even do not known that how many people are disabled in the society around their houses. They are getting their equal rights like normal people in the society or not. They need some assistance by the normal people to rise in the life, to get dignity and life of well being. But, generally the people in the society never know all the needs of them. According to the record, it is found that approximately 15% of the total population of the world is disabled people.

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