स्वप्रमाणित घोषणा पत्र का प्रारूप 2020

स्वप्रमाणित घोषणा पत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसकी जरूरत हमें कभी ना कभी तो पड़ी होगी. चाय हम बात करें जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रमाण पत्र की आवश्यकता हमें कभी ना कभी तो पड़ती ही होगी जैसा कि हम जानती हैं पहले के समय में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए हमें किसी भी सरकारी अधिकारी या किसी विभाग के अधिकारी के हस्ताक्षर की आवश्यकता पड़ती थी जिसके लिए हमें ₹100 से लेकर ₹500 तक की मूल राशि चुकानी पड़ती थी और इसी कारण वर्षा में कई बार सरकारी दफ्तरों के ना जाने कितने चक्कर काटने पड़ते थे परंतु हाल ही में ही सरकार ने आम नागरिकों के लिए स्वप्रमाणित घोषणा पत्र बनवाने की अनुमति दे दी गई है। अगर आप भी स्वप्रमाणित घोषणा पत्र के बारे में जानकारी जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको स्वप्रमाणित घोषणा पत्र फार्म up का प्रारूप संलग्न pdf download इससे संबंधित सभी जानकारी प्रदान करेंगे। निवेदन करते हैं इस पोस्ट को अंतिम तक ध्यान से पढ़ें।

स्वप्रमाणित घोषणा पत्र एक ऐसा पत्र है जिससे कोई भी व्यक्ति ऊपर लिखे हुए लेख को प्रमाण करता है की यह सत्य है एवं अगर उस विषय में कोई भी गलती या गलत संदेश पाया जाता है तो वह व्यक्ति उसका स्वयं उत्तरदायित्व होगा। घोषणापत्र को बनाने का मुख्य कारण यही है कि किसी भी विषय को प्रमाण देना और यह साबित करना कि इस विषय में निम्नलिखित बात सही है।

Swa Pramanit Ghoshna Patra

स्वप्रमाणित घोषणा पत्र एक ऐसा पत्र है जिसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति प्रमाण कहता है कि पत्र के ऊपर दी गई जो भी जानकारी लिख रही है वह सत्य है। अगर उस पत्र में लिखी गई प्रमाणिकता पर कोई भी कमियां गलती पाई जाती है तो क्या व्यक्ति उस प्रमाण का उत्तरदाई होगा। वैसे ही जैसे अगर हम कोई भी ऑनलाइन आवेदन करते हैं जिसके लिए हम को जानकारी देनी होती है। स्वप्रमाणित घोषणा पत्र इस कारण भी बनवाया जाता है कि अगर किसी व्यक्ति के पास किसी चीज का प्रमाण देने के लिए कोई सबूत नहीं होता और उसे वह चीज सत्य साबित करनी होती है तो उसके लिए स्वप्रमाणित घोषणा पत्र देना आवश्यक है और यह प्रमाण पत्र एक प्रकार के शपथ के रूप में काम करता है। इन्हीं तथ्यों को साबित करने के लिए एक ₹10 के टाइम पेपर पर यह सब रामायण का घोषणा पत्र बनवाया जाता है। और इस प्रमाण पत्र को कानूनी रूप से साबित करने के लिए इसे नोटरी द्वारा भी प्रमाणित करवाया जाता है।

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आपकी जानकारी के लिए बता दें वरना बहुत ही आसान है। यदि आप भी जानना चाहते हैं कि घोषणापत्र को कैसे भरा जाता है तो नीचे दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

  • सबसे पहले आपको शपथ कर्ता में अपना नाम भरना होगा।
  • इसके बाद आपको पिता या माता के नाम के स्थान पर अपने पिता का नाम एवं अपने माता का नाम भरना होगा एवं यदि आप विवाहित महिला है तो आपको अपने पति का नाम भी भरना होगा एवं यदि आप अविवाहित हैं तो आपको अपने पिता का नाम भरना होगा।
  • इसके बाद आपको अपनी उम्र दर्ज करनी होगी।
  • जाति का स्थान पर अपनी जाति भरनी होगी। निवास स्थान के विकल्प पर आपको अपने घर का पता भरना होगा। जिला के स्थान पर आपको अपने जिले का नाम भरना होगा।
  • जिस राज्य के आप निवासी हैं उस राज्य का नाम भरें|
  • इसके बाद जिस उद्देश्य के लिए अब घोषणा पत्र दे रहे हैं उसका विवरण दर्शाएं जैसे आई के लिए या आयु के लिए या जाति से संबंधित या विकलांगता के लिए या मकान या दुकान या रोजगार के लिए या चुनाव से संबंधित आदि विकल्प के लिए घोषणा पत्र की जानकारी दें।
  • अंत में आपको जहां के लिए घोषणा पत्र बनना है उस स्थान को भरना होगा एवं दिनांक तथा अपने हस्ताक्षर दर्ज करने होंगे।

swa pramanit ghoshna patra pdf

अगर आप सफलता घोषणापत्र बनना चाहते हैं तो उसे पीडीएफ के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं। के रूप में डाउनलोड करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं उसके बाद उसको भर के जमा करवा सकते हैं।

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स्वप्रमाणित घोषणा पत्र के लाभ क्या है

बहुत ही महत्वपूर्ण पत्र है यह बयान करता है की निम्नलिखित दी हुई जानकारी का प्रमाण क्या है एवं यह सही है या गलत है। इस घोषणापत्र का बहुत ही कानूनी महत्व एवं वैधता है। यदि आपको किसी चीज की जानकारी देनी होती है पर आपके पास उसको साबित करने के लिए कोई ठोस दस्तावेज या सबूत नहीं होता है उसके लिए स्वप्रमाणित घोषणा पत्र के जरिए आप उस चीज का कानूनी प्रमाण प्रदान कर सकते हैं। किसी भी तथ्य को साबित एवं सार्वजनिक रूप से प्रमाण प्रदान करने के लिए भी यह दस्तावेज बहुत ही आवश्यक है।

Swa pramanit praman patra प्रयोग कहां किया जाता है

स्वप्रमाणित घोषणा पत्र शपथ पत्र का प्रयोग हम कौन कौन जगह कर सकते हैं जहां पर हमारे पास कोई ठोस प्रमाण नहीं होता है अति कोई कानूनी सबूत उपलब्ध नहीं होता है। उदाहरण के रूप में बताएं तो अगर हमें अपनी आय को साबित करना होता है एवं उसके लिए हमारे पास कोई प्रमाण नहीं होता है तो इसी कारणवश हम आय प्रमाण पत्र बनाते हैं जिससे हम अपनी आय को कानूनी रूप से साबित कर सकते हैं। यह शपथ पत्र या घोषणा पत्र किसी भी कानूनी विभाग या व्यक्ति के मान्य होता है। निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए।

  • विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया के समय।
  • विद्यालय में दाखिला लेने के लिए।
  • डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस का प्रमाण देने के लिए।

स्व प्रमाणित घोषणा पत्र का प्रारूप

जैसे कि हम नाम से ही समझ जाते हैं कि घोषणा पत्र व्यक्तित्व बनाता है जब उसे कुछ बताना होता है या कुछ घोषणा करनी होती है उस समय घोषणापत्र बहुत काम आता है। इस स्वप्रमाणित घोषणा पत्र के अंतर्गत जानकारी हमारे स्वयं के संबंध में होती है तभी बनवाते हैं। किसी कारणवश यह प्रमाण पत्र हमें शपथ कर्ता द्वारा अपने बारे में ही दिया जाता है। एक शपथ पत्र को कोई भी अधिकारी या नोटरी द्वारा सिद्ध किया जाता है या स्थापित करने के लिए एवं यह दर्शाने के लिए कि यह बात सत्य है उसके लिए इसको नोटरी द्वारा प्रमाणित करवाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता देती है सब प्रमाण पत्र सिविल प्रक्रिया संहिता 1906 की धारा 53 के अधीन नियुक्त नोटरी द्वारा प्रमाणित किया जाता है।

  • वह कोई भी अधिकारी या अन्य उच्च अधिकारी जिसे उच्च न्यायालय द्वारा इस कार्य करें नियुक्त किया जाता है वह इस प्रमाण पत्र को प्रमाणित करता है।
  • किसी भी अन्य न्यायालय द्वारा जिसे राज्य सरकार के द्वारा इस कार्य के लिए विशेष रुप से सशक्त किया गया है वह इस शपथ पत्र का प्रमाण करता है।

स्वप्रमाणित घोषणा पत्र का महत्व क्या है

ऊपर दी जानकारी के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि स्वप्रमाणित घोषणा पत्र एवं शपथ पत्र एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है एवं यह कैसा प्रलेख है जिसका बहुत ही कानूनी महत्व है और इसकी बहुत ही मान्यता है। कोई भी व्यक्ति विशेष या कोई भी कानूनी भाग अभिलेख को अमान्य नहीं साबित कर सकता।