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Samrat Ashok in Hindi – सम्राट अशोक का इतिहास

samrat-ashoka-ki-biography

अशोक सम्राट भारत के महान सम्राटो में से एक थे।इनके पिता का नाम बिन्दुसार था।अपने पिता के शासन के दौरान वह तक्षिला और उज्जैन के राज्यपाल थे | अशोक का कार्यकाल 249 -232 ई० पू० तक रहा। 268 B . C . में अपने भाइयों को सफलतापूर्वक हराने के बाद उन्होंने सिंघासन हासिल किया |
अशोक के राजगद्दी पर पद ग्रहण(273 B.C )तथा उसके वास्तविक राज्याभिषेक( 268 B .C) में चार साल का अंतर था |

अशोक का परिवार

उनकी माँ का नाम सुभदरंगी था | उनका विवाह उज्जयिनी की राजकुमारी देवी या वेदिसा से हुआ था,इसके अलावा उनकी दो अन्य पत्नियों थी जिनमेंसे एक का नाम असंधिमित्रा और दूसरी का नाम करुवकी था | इनके दो बेटे थे जिनके नाम है कुणाल और तलुका लेकिन महेंद्र ,तिवारा ( सिर्फ एक जिसका अभिलेख में वर्णन किया गया है ) साथ ही इनकी दो बेटियाँ थी जिनके नाम है संघमितरा व चारुमति|

कलिंग के साथ युद्ध

कलिंग ओडिशा में था |उनके लगातार 9 saal युद्ध के बाद सफलता कलिंगा पर सफलता प्राप्त की| कलिंगा युद्ध बहुत ही दर्दनाक और भीषण युद्ध हुआ था जिसका उल्लेख शिलाराजाज्ञा में किया गया है|
इस युद्ध में 1.5 लाख लोग घायल हुए जबकि कई हजार लोग युद्ध के दौरान मारे गए |

इतिहास में अशोक का स्थान :

अशोक ने दुनिया भर में लोगों को जियो व जीने दो का नारा सिखाया | उसने जानवरों के प्रति हमदर्दी जताई |उनकी शिक्षा प्रणाली में,पारिवारिक संस्था तथा वर्तमान सामाजिक वर्ग पर बल दिया |उन्होंने देश के लोगो के अंदर राजनीतिक एकता की भावना पैदा की| उन्होंने सभी को एक धर्म, एक भाषा,तथा व्यवहारिक दृष्टि से एक रहने की जागरूकता की|

10 lines on Samrat Ashoka Biography :-

  1. सम्राट अशोक दुनिया के प्रसिद्ध एवं शक्तिशाली भारतीय मौर्य राजवंश के महान सम्राट थे।
  2. उन्हें देवानांप्रिय अशोक मौर्य से भी जाना जाता है।
  3. अशोक का साम्राज्य आज का पुरे भारत, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, म्यान्मार के अधिकतर बसा हुआ है।
  4. अशोक मौर्य को ‘चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य कहा जाता है।
  5. जिसका अर्थ है – ‘सम्राटों का सम्राट’, और यह स्थान भारत में केवल सम्राट अशोक को ही मिला है।
  6. अशोक ने बौद्ध -धर्म के धर्म का प्रचार पुरे एशिया में और अन्य महाद्विपों में किया।
  7. यह साम्राज्य प्राचीन काल से लेकर आज के समय तक का सबसे बड़ा भारतीय साम्राज्य रहा है।
  8. चक्रवर्ती सम्राट अशोक विश्व के सभी महान एवं शक्तिशाली सम्राटों एवं राजाओं में से एक रहे हैं ।
  9. उनको बेहतर कुशल प्रशासन तथा बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए भी जाना जाता है।
  10. सम्राट अशोक के संदर्भ के निम्न स्तंभ एवं शिलालेख आज भी भारत के कई स्थानों पर दिखाई देते है।

History of Samrat Ashoka in हिंदी:-

सम्राट अशोक भारतीय मौर्य साम्राज्य के तीसरे शासक थे। अशोक मौर्या की भारत के सभी महाद्वीपों में से सबसे विशाल साम्राज्य में गिनती होती है। उन्होंने 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन किया । 

उन्होंने बौद्ध परंपरा को भी बढ़ावा दिया।सम्राट का वर्णन 304 से 232 ईसा पूर्व तक रहा था।सम्राट अशोक के इतिहास के पन्नो में अलग ही वर्णन है, इसलिए सम्राट अशोक की ऐतिहासिक जानकारी हमें आसानी से कहीं भी मिल जाती है।इतिहास में ((ashok samrat history in hindi)अशोक को परोपकारी सम्राट कहा जाता है।अशोक प्रेम, सहिष्णूता, सत्य, अहिंसा एवं शाकाहारी जीवनप्रणाली के सच्चे समर्थक थे।अशोक सम्राट की जीवनी  गुजराती भाषा (Samrat Ashok History in Gujarati Language )में भी उपलब्ध है जिसके लेखक श्री भूपेंद्रसिंह रोल है। अशोक की पूरी कहानी आपको मराठी भाषा (Full History in Marathi ) में भी बड़ी आसानी से मिल जाएगी, (samrat ashoka chi mahiti marathi madhe sarat -yh marathi bhasha me vyakhyaat hai .

सम्राट Ashoka Full Story in Hindi pdf:-

अशोक का जीवन परिचय जानने के लिए आपको निचे दी गयी जानकारी को ध्यान से पढ़ना होगा।

  • महान सम्राट राजा राजवंश के चक्रवर्ती का जनम ईसापूर्व 304 में हुआ।
  • सम्राट राजा प्रियदर्शी देवताओं ke प्रिय थे।
  • उन्हें देवानांप्रिय अशोक मौर्य से भी जाना जाता है।
  • अशोक का जन्म 304 इसा पूर्व(B.C) में पाटलिपुत्र (Patliputra) में हुआ था।
  • इनके पिता का नाम राजा  बिन्दुसार था।
  • उनकी माता का नाम धर्मा था।
  • इनकी 16 पटरानियाँ और 101 भाई थे।
  • उनके तीन भाइयो के नाम ही इतिहास में बताये गए हैं जो इस प्रकार हैं – सुसीम बड़े भाई थे ,अशोक और तिष्य छोटे भाई थे ।
  • घर के भाइयो से युद्ध जीतकर ही उन्होंने राजगद्दी प्राप्त की।
  • अशोक महान ने बौद्ध धर्म का प्रचार जैसे :- श्रीलंका, अफगानिस्तान, पश्चिम एशिया, मिस्र तथा यूनान में भी करवाया था।
  • वे राजवंशी परिवार के थे।उन्हें बचपन से ही युद्ध के लिए तैयार गया ।
  • उन्हें तलवारबाजी, शिकार भी सिखाई गयी ।
  • वे बहुत शक्तिशाली थे की लकड़ी के डंडे से ही एक शेर को मार गिरा सकते थे ।
  • उनका राजकाल समय ईसा पूर्व 273 से 232 तक मानते है।
  • अशोक अपने पूरे जीवन काल मे एक भी युद्ध में हारे नहीं थे।
  • अपने जीवन में अशोक ने 20 से ज़्यादा विश्वविद्यालयों की स्थापना की थी।
  • अशोक के द्वारा अपने जीवन में बनाया गया अशोक चिन्ह आज भारत का राष्ट्रीय चिन्ह माना जाता है। 
  • गौतम बुद्धा के बाद बौद्ध धर्म में अशोक का नाम आता है।
  • कलिंगा युद्ध के बाद उनके विचार बदल गए साथ ही वो पहले राजा थे जिन्होंने कलिंगा को युद्ध में हराया था।
  • उन्होंने बौद्ध धर्म के विचार को अपनाया और पुरे विश्व में इनका प्रचार किया।
  • इनके शासक काम को स्वर्णिम काल के रूप में याद किया जाता है।
  • श्रीलंका में बौद्ध धर्म का प्रचार अशोक के बेटे महेंद्र और पुत्री संघमित्रा ने किया।
  • अशोक ने अपने सिद्धांतो का नाम धम्म नाम रखा था। 
  • अशोक ने राज – सिहांसन पाने के लिए अपने कई भाइयो की हत्या की थी।
  • उनकी रानी को महारानी देवी कहा जाता है।
  • अशोक की मृत्यु 232 ई. पू. मानी जाती है।

Samrat ke putra ka kya naam tha?

Ashok ke पुत्र  ka naam -महेंद्र तथा पुत्री संघमित्रा था।

Chakravarti Ashok Samrat ka Shastra त्याग:-

सभी लोग जानते हैं की कलिंगा युद्ध के बाद अशोक सम्राट(सम्राट अशोकचक्रवर्ती)ने शास्त्र त्याग दिए थे और उन्होंने अहिंसा का मार्ग अपनाया था।कलिंगा युद्ध समाप्त होने पर जब अशोक ने चारो और खून खराबा देखा तो उनके विचार बदल गये वे सोचने लगे की कितनी ज़िंदगी तबाह करकर उन्होंने इस युद्ध में विजय पायी है और इससे उनका मन अशांत हो गया था और फिर उन्होंने फैसला किया की राजगद्दी की बजाय बौद्धधर्म को स्वीकार करेंगे।
उस समय बौद्ध भिक्षु ने उन्हें प्रतिज्ञा दिलवाई कि जब तक उनके शरीर में प्राण रहेंगे बस सदा अहिंसा का पालन करेंगे, सबसे प्रेम करेंगे और उनकी करुणाभाव सभी को मिलेगा।
उन्होंने अपना जीवन प्रजा की सेवा में लगा दिया और साथ ही सभी religion को एक ही दृष्टि से देखने लगे।

Samrat Ashok (सम्राट अशोक चक्रवर्ती) and Diwali:-

यह माना जाता है कि इस दिन पर सम्राट अशोक samrat ashok dhangar ने अपना धर्म बौद्ध धर्म में परिवर्तित किया इसके कारण बौद्ध समुदाय द्वारा दीवाली मनायी जाती है। यही कारण है कि वे अशोक विजयादशमी के रूप में दीवाली मनाते है। वे मंत्र जाप के साथ ही सम्राट अशोक याद करके इसे मनाते हैं।

अशोक की मृत्यु (Ashoka Death)

उनकी मृत्यु 40 साल के शासन के बाद 232 B . C .में हुई थी|उनकी मृत्यु के बाद साम्राज्य पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में बांटा गया|
पूर्वी हिस्से परउनके पोते दसरथ ने शासन किया और पश्चिमी हिस्से को संप्रति ने संभाला |265 B.C. में उनके साम्राज्य का वर्णन बहुत विशाल है|

निष्कर्ष : सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म को पूरी दुनिया में पहुंचाया और उसे विश्व धर्म बनाया| पूरे हिंदुस्तान को राष्ट्र एकता की भावना में बदला |

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