संत रविदास शायरी 2022 – Ravidas Jayanti Shayari in Hindi

Ravidas Jayanti Shayari in Hindi

Sant Ravidas Shayari 2022- संत रविदास जी महान कवि, समाज सुधारक और ईश्वर के भक्त थे। वह अपनी महान कविताओं, शायरी और उद्धरणों के लिए जाने जाते हैं। उनका जन्म वर्ष 1450 में हुआ था। उनका गृहनगर उत्तर प्रदेश में वाराणसी था। अपने महान संघर्ष और Poems के साथ, उन्होंने सभी बुरे कर्मों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।उनकी कुछ शायरी बहुत प्रसिद्ध हैं और अभी भी लोगों द्वारा उपयोग की जाती हैं। यदि आप उनकी कुछ बेहतरीन शायरी ढूंढ रहे हैं, तो यहां कुछ हैं Ravidas Jayanti Shayari in Hindi, गुरु रविदास जयंती शायरी, संत रविदास जयंती शायरी, गुरु रैदास जयंती शायरी, गुरु रविदास शायरी|

यहाँ संत रविदास की कुछ बहुत ही प्रसिद्ध शायरी हैं, जिन्हें आप कॉपी और शेयर कर सकते हैं।आप भी पढ़ Ravidas ke Dohe सकते हैं।

Ravidas Jayanti Shayari in Hindi

GURU RAVIDAS JI JAYANTI SHAYARI

कह रैदास तेरी भगति दूरि है, भाग बड़े सो पावै। तजि अभिमान मेटि आपा पर, पिपिलक हवै चुनि खावै। गुरु रविदास जयंती की हार्दिक बधाइयाँ। हैप्पी गुरु रविदास जयंती। Click To Tweet हिंदू तुरक नहीं कछु भेदा सभी मह एक रक्त और मासा। दोऊ एकऊ दूजा नाहीं, पेख्यो सोइ रैदासा।। गुरु रविदास जयंती की हार्दिक बधाइयाँ। हैप्पी गुरु रविदास जी जयंती। Click To Tweet वर्णाश्रम अभिमान तजि, पद रज बंदहिजासु की। सन्देह-ग्रन्थि खण्डन-निपन, बानि विमुल रैदास की।। Click To Tweet कृस्न, करीम, राम, हरि, राघव, जब लग एक न पेखा। वेद कतेब कुरान, पुरानन, सहज एक नहिं देखा।। गुरु रविदास जयंती की हार्दिक बधाइयाँ। हैप्पी गुरु रविदास जयंती। Click To Tweet

गुरु रविदास जयंती शायरी

जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात। रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात।। गुरु रविदास जयंती की हार्दिक बधाइयाँ। हैप्पी गुरु रविदास जयंती। Click To Tweet मन चंगा तोह कठौती में गंगा। संत परंपरा के महान योगी और परम ज्ञानी संत श्री रविदास जी को कोटि कोटि नमन। हैप्पी गुरु रविदास जयंती। Click To Tweet अगर एक आर्य अकेला है तो उससे स्वयं अध्ययन करना चाहिए। आगर दो हो तो उन्हे परस्पर प्रशनोत्तर कर्ण चाहिये और अगर एक से ज्यादा हो तो उन्हे सत्संग करना चाहिए और वेदो के अध्ययन पढ़ने चाहिए। हैप्पी गुरु रविदास जयंती! Click To Tweet प्रभु जी तुम चंदन हम पानी तो हाय मोही मोही तो अंत कैसा तुझे सुजंता कच्छू नहीं चल मन हर छत्सल पाराहूं। !! हैप्पी गुरु रविदास जी जयंती !! Click To Tweet

 

Ravidas Jayanti Shayari in Hindi

भला किसी का नहीं कर सकते तो बुरा किसी न मत करना फूल जो नहीं बन सकते तुम कांटे बनकर मत रहना! हैप्पी गुरु रविदास जयंती! Click To Tweet

GURU RAIDAS SHAYARI

आज का दिन है खुशी भरा आप को पूरे परिवार साहित्य गुरु रविदास जयंती की बोहत बोहत शुभकामनाये! Click To Tweet गुरु जी मैं तेरी पतंग हवा विच उड़ दी जवांगी गुरु जी दोर हठो ना छड़ि मैं कट्टी जवान Gi गुरु रविदास जयंती दी लाख लाख वधैयां! Click To Tweet चरन पता सीसांना, सो ठाकुर संपती समां। Click To Tweet

आप Ravidas ki Poems भी पढ़ सकते हैं।

GURU RAIDAS SHAYARI- गुरु रैदास जयंती शायरी

चारि बेद जाकै सुमृत सासा, भगति हेत गावै रैदासा।। Click To Tweet जा देखे घिन उपजै, नरक कुंड मेँ बास। प्रेम भगति सों ऊधरे, प्रगटत जन रविदास।। Click To Tweet जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात। रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात।। Click To Tweet कह रैदास तेरी भगति दूरि है, भाग बड़े सो पावै। तजि अभिमान मेटि आपा पर, पिपिलक हवै चुनि खावै। Click To Tweet

GURU RAVIDAS KE DOHE

वर्णाश्रम अभिमान तजि, पद रज बंदहिजासु की। सन्देह-ग्रन्थि खण्डन-निपन, बानि विमुल रैदास की।। Click To Tweet जा देखे घिन उपजै, नरक कुंड मेँ बास। प्रेम भगति सों ऊधरे, प्रगटत जन रैदास।। Click To Tweet गुरु मिलीया रविदास जी दीनी ज्ञान की गुटकी। चोट लगी निजनाम हरी की महारे हिवरे खटकी।। Click To Tweet जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात। रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात।। Click To Tweet

 

गुरु रविदास के अनमोल वचन

रैदास कहै जाकै हृदै, रहे रैन दिन राम। सो भगता भगवंत सम, क्रोध न व्यापै काम।। Click To Tweet

Happy Guru Ravidas Jayanti Shayari

रैदास कनक और कंगन माहि जिमि अंतर कछु नाहिं। तैसे ही अंतर नहीं हिन्दुअन तुरकन माहि।। Click To Tweet जा देखे घिन उपजै, नरक कुंड मेँ बास। प्रेम भगति सों ऊधरे, प्रगटत जन रैदास।। Click To Tweet रविदास जन्म के कारनै, होत न कोउ नीच। नर कूँ नीच करि डारि है, ओछे करम की कीच।। Click To Tweet

 

Happy Guru Ravidas Jayanti Shayari Quotes

करम बंधन में बन्ध रहियो, फल की ना तज्जियो आस। कर्म मानुष का धर्म है, सत् भाखै रविदास।। Click To Tweet कृस्न, करीम, राम, हरि, राघव, जब लग एक न पेखा। वेद कतेब कुरान, पुरानन, सहज एक नहिं देखा।। Click To Tweet ऐसा चाहूँ राज मैं जहाँ मिलै सबन को अन्न। छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहै प्रसन्न।। Click To Tweet कह रैदास तेरी भगति दूरि है, भाग बड़े सो पावै। तजि अभिमान मेटि आपा पर, पिपिलक हवै चुनि खावै।। Click To Tweet

Happy Guru Ravidas Jayanti 2022 Shayari

हिंदू तुरक नहीं कछु भेदा सभी मह एक रक्त और मासा। दोऊ एकऊ दूजा नाहीं, पेख्यो सोइ रैदासा।। Click To Tweet हरि-सा हीरा छांड कै, करै आन की आस। ते नर जमपुर जाहिंगे, सत भाषै रविदास।। Click To Tweet गुरु मिलीया रविदास जी दीनी ज्ञान की गुटकी। चोट लगी निजनाम हरी की महारे हिवरे खटकी।। Click To Tweet वर्णाश्रम अभिमान तजि, पद रज बंदहिजासु की। सन्देह-ग्रन्थि खण्डन-निपन, बानि विमुल रैदास की।। Click To Tweet

 

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