Essay in Hindi - निबंध

सुरक्षा दिवस पर निबंध – National Safety Day Essay in hindi for Class 1-12 School Students pdf Download

national safety day 2022:  राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 4 मार्च को मनाया जाता है और 4 मार्च से एक सप्ताह का अभियान आयोजित किया जाता है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह अभियान के रूप में जाना जाता है, जो किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों पर ध्यान केंद्रित करता है। इस लेख में हम आपको राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस निबंध, एस्से की जानकारी देंगे|ये निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है|

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर निबंध/ Essay on National Safety Week / Day in Hindi

national safety day theme 2022: “Nurture young minds”

प्रस्तावना / राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस क्या है –

लोगों के बीच में सुरक्षा जागरुकता को बढ़ाने के लिए हर साल 4 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस अथवा राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह अभियान मनाया जाता है। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एक स्वशासित संस्था है जो लोक सेवा के लिए गैर लाभांस और गैर सरकारी संस्था है जो कुछ सदस्यों के साथ मुंबई में सोसाइटी एक्ट के तहत 4 मार्च 1966 में स्थापित हुआ था। सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी सहायता सेवा के साथ उनको लाभ पहुँचाने के द्वारा उनके आर्थिक नुकसान और विभिन्न मानव समस्या सहित जीवन को सुरक्षित करने के लिये वार्षिक आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अभियान चलाया जाता है। निजी क्षेत्रों में व्यापक तौर पर सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम के प्रदर्शन के द्वारा औद्योगिक दुर्घटना से कैसे सावधान रहे इस बारे में लोगों को जागरुक बनाने के लिये पूरे उत्साह के साथ इस दिवस को मनाया जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा अभियान पूरे सप्ताह चलता है जिस दौरान सुरक्षा जरुरतों के तहत लोगों के लिये विभिन्न प्रकार की खास गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस कब है / राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह कब है / राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस कब मनाया जाता है / राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह कब मनाया जाता है –

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस अथवा राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह पूरे एक सप्ताह का सुरक्षा अभियान है जो हर साल 4 मार्च से 10 मार्च तक मनाया जाता है। वर्ष 2022 में, राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह 4 मार्च गुरुवार से लेकर 10 मार्च बुधवार के दिन तक मनाया जायेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का इतिहास –

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एक स्वशासित संस्था है जो लोक सेवा के लिए गैर लाभांस और गैर सरकारी संस्था है जो कुछ सदस्यों के साथ मुंबई में सोसाइटी एक्ट के तहत 4 मार्च 1966 में स्थापित हुआ था। इस अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औद्योगिक सुरक्षा के लिए व्यापक चेतना जगाने का उद्घोष किया था जहाँ आठ हजार सदस्य शामिल हुए थे।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का उद्देश्य –

विभिन्न स्वास्थ्य और पर्यावरण आंदोलन सहित सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिये पूरे देश भर में राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस अथवा राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस को कार्यस्थलों पर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है। सुरक्षा को बढ़ावा देना केवल परिषद की ही जिम्मेदारी नही बल्कि उसमें प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग होना चाहिए। राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्धारा प्रारंभ किया गया यह अभियान सफल बनाने के लिए आधारित क्रियाकलाप, कानूनी माँग के साथ स्व-अनुपालन और पेशेवर एसएचई (सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण) गतिविधियों को कार्यस्थल पर कर्मचारियों के बीच बढ़ावा देना जरुरी है। राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के प्रति व्यक्तियो को जागरूक करने के लिए सरकार द्धारा कई प्रकार के आयोजन किए जाते है जैसे संगठन के कर्मचारियों द्धारा सुरक्षा के कार्यक्रम दिखाना, अभियान से सम्बंधित फिल्म दिखाना, अभियान से सम्बंधित व्यक्तियों को पुरस्कार वितरित करना, अभियान से पोस्टर लगाना, नारा वितरण करना, चर्चा करना, सेमिनार करना आदि विभिन्न सार्वजनिक समारोह जैसे निम्न राष्ट्रीय स्तर के क्रियाकलाप पूरे सप्ताह के लिये संपन्न होते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह का लक्ष्य है विभिन्न स्वास्थ्य और पर्यावरण आंदोलन सहित सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरुक करना तथा अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में मुख्य सुरक्षा भूमिका निभाने के लिये बड़े स्तर पर लोगों की भागीदारी को पाने के लिये यह दिवस मनाया जाता है। अपने कर्मचारियों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण क्रियाकलापों को बढ़ावा देने के द्वारा कंपनी के मालिकों के द्वारा सहभागी दृष्टीकोण के उपयोग को ये बड़े स्तर पर अभियान मनाने के द्वारा प्रेरित करता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की थीम –

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2022 का थीम “आधुनिक तकनीक की मदद से सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कि गुणवत्ता को बढ़ाना” (Enhance safety and health performance by use of advanced technology) था। हालाँकि राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2022 की थीम अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।

उपसंहार –

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पूरे एक सप्ताह का सुरक्षा अभियान है जो हर साल 4 मार्च से 10 मार्च तक मनाया जाता है। स्वास्थ्य संगठनों और औद्योगिक सदस्यों सहित सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं में एक साथ संसक्ति के द्वारा इसे मनाया जाता है। निम्न लक्ष्यों को पूरा करने के लिये परिषद के द्वारा एसएचई नारों और संदेशों के साथ सभी केन्द्रीय डिज़ाइन विज्ञापन संबंधी सामानों और उपयोगी छपाई जैसे बैज, स्टीकर, बैनर, निर्देश कार्ड, आदि के साथ वो अच्छे से उपलब्ध कराते हैं। कार्यस्थल पर लोगों के बीच एसएचई क्रियाकलापों को विकसित और मजबूत करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। अपनी जिम्मेदारी को बहुत अच्छी तरह से निभाने के लिये विभिन्न विषयों के ऊपर औद्योगिक कर्मचारियों के लिये सुरक्षा गतिविधियों पर आधारित शिक्षण कार्यक्रम रखे जाते हैं।

essay on national safety day

national safety day in india 4 मार्च 1966 को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की स्थापना की गई। एक सप्ताह तक यह दिवस जिस जगह मनाया जाता है। वहाँ उस स्थान और उसके चारोंओर की जगह की सुरक्षा जागरूकता को बढावा दिया जाता है।

लेकिन इस प्रकार की सुरक्षा के लिये जनता को जागरूक करना केवल हमारे परिषद की ही जिम्मेदारी नहीं है बल्कि उसमें हर एक व्यक्ति का सहयोग होना जरुरी है।

तब राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के द्धारा यह सुरक्षा दिवस प्रारम्भ किया गया और इस तरह लोग इस अभियान में सहयोग देने लगे और इस तरह लोगों अपने अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में जानने लगे। इससे पहले 1930 में एक जर्मन वैज्ञानिक एच. डब्ल्यू. हेनरिच ने घोषणा की “दुर्घटना तो हर किसी के साथ होती है पर यह जानबूझकर नहीं की जाती है।

तब राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के दिन भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिये प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने की शुरूआत की। उसके बाद से औद्योगिक दुर्घटनाओं की दर में कुछ कमी आई है। यह अभियान लोगों की सुरक्षा और आवश्यकताओं को ध्यान रखते हुये विशिष्ट गतिविधियों का विकास करने के लिये बनाया गया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह मनाने का उद्देश्य Purpose of National Safety Week and Day Celebration in Hindi

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाने के निम्नलिखित उद्देश्य हैं –

देश के विभिन्न हिस्सों में, स्वास्थ्य और पर्यावरण आंदोलन में सुरक्षा लाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।
विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में प्रमुख खिलाड़ियों की भागीदारी प्राप्त करने के लिये।
आवश्यकता-आधारित गतिविधियों के विकास को बढ़ावा देना, कार्यस्थलों पर सांविधिक आवश्यकताओं और पेशेवर एस एच ई प्रबंधन प्रणालियों के साथ आत्मनिर्भरता।
कार्यस्थल को सुरक्षित बनाने में नियोक्ता, कर्मचारियों और उनकी ज़िम्मेदारी से संबंधित अन्य लोगों को याद दिलाने के लिए।
संक्षेप में, उपरोक्त उद्देश्यों कार्यस्थल में एस एच ई-संस्कृति बनाने और मजबूत करने और कार्य संस्कृति के साथ एकीकृत करने के समग्र लक्ष्य का हिस्सा हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस कार्यस्थल करने वाली जगह पर सुरक्षा को बढ़ावा दिया गया और पूरे भारत वर्ष में यह दिवस मनाया जाता है।

कैसे मनाया जाता है राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस? How National Safety Week or Day is Celebrated in Hindi?

मनुष्यों को जागरूक करने के लिये सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के दिन कई प्रकार के आयोजन करते है जैसे- अपने कार्यकर्ताओं द्धारा सुरक्षा के प्रति नये- नये कार्यक्रम शुरू किये जाते हैं, इस अभियान से सम्बंधित लोगों को जानकारी दी जाती है, इस कार्यक्रम से सम्बंधित व्यक्तियों को पुरुस्कृत भी किया जाता है।

अभियान से संबंधित पोस्टर भी लगाये जाते हैं, इस सुरक्षा अभियान का नारा भी बनाया जाता है, इसके बारे में कई जगह पर लोगों से चर्चा भी की जाती है, सुरक्षा से संबंधित सेमिनार भी किये जाते हैं, इत्यादि ।

when national safety day started essay

आज हमारे द्वारा दिए गए National Safety Day पर कुछ संक्षिप्त निबंध (short essays) और लंबे निबंध (long essays), निश्चित रूप से आयोजन समारोह या बहस प्रतियोगिता (debate competition) यानी स्कूल कार्यक्रम में स्कूल या कॉलेज में निबंध में भाग लेने में छात्रों की सहायता करेंगे। इन National Safety Day पर हिंदी स्पीच हिंदी में 100 words, 150 words, 200 words, 400 words जिसे आप pdf download भी कर सकते हैं|

चाहे दुनिया का कोई भी देश क्यों ना हो,उस देश की सीमाओं,वहाँ के नागरिकों,महिलाओं और बच्चों की,साथ ही साथ देश की भूमि,पर्यावरण,प्राकृतिक संसाधनों,फसलों, जंगलों, पेड़ पौधों, जीवजन्तुओं तथा जल आदि की सुरक्षा अति आवश्यक है।और अपने देश,वहां के हर नागरिक व समाज की सुरक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

इसी कर्तव्य को निभाने के लिए “राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस/सप्ताह (National Safety Day in India)“ मनाया जाता है।जहां पर लोगों को अपने और अपने लोगों की, अपने राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनको इस बारे में जानकारी भी दी जाती हैं।

क्या है भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद

4 मार्च 1966 को “राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद” की स्थापना हुई थी।भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एक स्वशासित संस्था है।यह संस्था लोक सेवा के लिए बनाई गई है।राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद एक गैर लाभकारी और गैर सरकारी संस्था है।इसकी स्थापना “सोसाइटी एक्ट” के तहत 4 मार्च 1966 को मुंबई में की गई।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस की स्थापना
(Establishment of National Safety Day in India)

4 मार्च 1966 को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की स्थापना की गई थी।1972 में “राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद” द्वारा 4 मार्च को “राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (National Safety Day in India)” मनाने का निर्णय लिया गया।इसीलिए 4 मार्च हर साल राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (National Safety Day) के रूप में मनाया जाता है।शुरुआत में इसके सदस्यों की कुल संख्या 8000 थी।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाने का उद्देश्य
(Aim to celebrate National Safety Day in India)

कार्य स्थलों पर सुरक्षा को बढ़ावा देने तथा लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (National Safety Day) प्रतिवर्ष 4 मार्च को पूरे देश में मनाया जाता है।4 मार्च 1966 को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की स्थापना हुई थी।तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए व्यापक चेतना जगाने पर विशेष ध्यान देने सम्बन्धी अपने वक्तव्य से इस कार्यक्रम की शुरुआत थी।

यह दिवस (National Safety Day in India) भारत के उन वीर अमर सपूतों को भी समर्पित हैं।जिन्होंने अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान देकर अपनी मातृभूमि की रक्षा की।यह देश इन दिनों भारत माता के इन सपूतों को नमन तथा याद करता है जिन्होंने अपनी मातृभूमि को अपने खून से सींचा है।

देश की सीमाओं के ये प्रहरी (सैनिक) दिन देखते हैं ना रात, धूप देखते ना छांव, भूमि देखते हैं ना ग्लेशियर।बस रात दिन अपने देश की सीमाओं की रक्षा में हर वक्त मुस्तैद रहते हैं।ताकि देश में अमन व शांति का माहौल बना रहे।देशवासी चैन की सांस ले सकें और निश्चिंत होकर सो सके।

राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह (National Safety Week in India)

भारत में प्रतिवर्ष 4 मार्च को National Safety Day मनाया जाता है।लेकिन यह एक दिवसीय कार्यक्रम ना होकर पूरे एक सप्ताह का कार्यक्रम होता है। यानी राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस अभियान को पूरे एक सप्ताह ( 4 मार्च से 10 मार्च ) तक देशभर में चलाया जाता है।इसीलिए इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह (National Safety week) ” के नाम से भी जाना जाता है।

इसमें भारत के सभी नागरिकों को अपनी सुरक्षा तथा देश की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।साथ ही यह कार्यक्रम विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मनाया जाता है।इसीलिए उद्योगपतियों द्वारा कर्मचारियों /श्रमिकों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएं।

इस बात पर विशेष जोर दिया जाता है।इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस में श्रमिकों को नियमों तथा उनसे जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाती है।

national safety day essay in english

आइये अब हम आपको essay on National Safety Day, National Safety Day essay in hindi, essay on National Safety Day in hindi, आदि की जानकारी देंगे|

National Safety Day/Safety Week Campaign focuses on the importance of reduction of the rate of industrial accidents and also focuses on the areas that have not yet been covered by any safety legislation. The campaign urges several organisations to participate in developing several activities as per their legal safety requirements. The campaign is mostly comprehensive, general and flexible.

National Safety Day: Objectives

– To spread Safety, Health and Environment (SHE) movement to various parts of the country.

– To ensure the participation of different industrial sectors at different levels.

– To promote a participative approach for the employees in SHE activities.

– To promote several developmental activities required for self-compliance and professional SHE management systems at workplaces.

– To cover voluntary SHE movement sectors.

– To motivate and remind employers, employees, and others of their responsibility in making the workplace safer.

Note: The above objectives highlight the overall goal of creating and strengthening SHE culture in the workplace and integrate it with the work culture.

National Safety Day: History

The Ministry of Labour, Government of India set up the National Safety Council of India (NSC) on 4 March 1966. To develop and sustain the movement on SHE that is focusing on safety, Health and Environment at the national level. Basically, NSC is an autonomous body. Therefore, the foundation day of the National Safety Council was decided to observe as National Safety Day in 1972. It was also decided to celebrate it as National Safety Week (NSW) Campaign that will last for one week.

Let us tell you that in 1962 during the 22nd Labour Minister’s Conference a decision was taken in a conference focusing on ‘Safety in factories’.

About National Safety Council (NSC)

As mentioned above on 4 March 1966, the National Safety Council was established by the Ministry of Labour, Government of India (GOI) to sustain a voluntary movement on SHE at the national level. It is an apex non-profit making, tripartite body that is registered under the Societies Registration Act 1860 and the Bombay Public Trust Act 1950.

Activities focusing on the objectives of NSC are performed including conducting specialised training courses, conferences, seminars, and workshops, conducting consultancy studies like safety audits, hazard evaluation, and risk assessment, etc. Not only this several national and international conferences like XIII World Congress (1993) and APOSHO Conferences (1995 and 2016). It also implemented several prestigious projects that are organised by NSC. In the course of more than 50 years of service, it has built technical experts and competence to meet the emerging challenges.

नेशनल सेफ्टी डे एस्से इन हिंदी

अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है विश्व युवा दिवस पर निबंध लिखें| यहाँ हमने हर साल 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 व 2022 के अनुसार National Safety Day Essay for school, paragraph on Safety Day, Safety Day Slogans in Hindi, नेशनल सेफ्टी डे nibandh , नेशनल सेफ्टी डे पर लेख, essay on National Safety Day, essay for students, नेशनल सेफ्टी डे एस्से दिया हुआ जिसे आप अपने स्कूल कम्पटीशन में लिख सकते है|

प्रत्येक वर्ष 4 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2022 में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 4 मार्च, 2022 शुक्रवार को मनाया जायेगा। अब इस दिवस को राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के रूप में मनाया जाने लगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह 4 मार्च से 10 मार्च तक मनाया जाता है।

महत्व
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। देश की सुरक्षा केवल दुश्मन देशों से नहीं है। अपने देश की सुरक्षा अंतरिक सुरक्षा से है जैसे बीमारी से सुरक्षा, चोरी, हत्या जैसे अपराधों से सुरक्षा की जाये। इसी महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।

National Safety Day 2022 (राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस)
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस को अब राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह कहा जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस हर साल 4 मार्च को मनाया जाता है। इसे मनाने का मकसद लोगों को जीवन के महत्व से अवगत कराना है। देश में हो रही दुर्घटनाओं के लिए सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करना। हम देश की सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से शांति और अमन से रह सकते हैं।

History of National Safety Day (राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का इतिहास)
भारत सरकार द्वारा 4 मार्च को नेशनल सेफ्टी काउंसिल स्थापना हुई थी। इसी लिए इस दिन को नेशनल सेफ्टी डे के रुप में मनाया जाता है। नेशनल सेफ्टी काउंसिल 4 मार्च, 1972 को की गयी थी। इस संगठन की स्थापना सन् 1966 में मुंबई सोसाइटी अधिनियम के तहत हुई थी।

National Safety Day 2022
यह भारत सरकार, श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 4 मार्च 1965 को सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर एक स्वैच्छिक आंदोलन उत्पन्न करने और विकसित करने के लिए स्थापित किया गया था।

भारत में सड़क दुर्घटना से लगभग 1,50,000 के पार है। तथा सड़क दुर्घटना में घायल की संख्या 50,000 के पास है। यह आंकड़ा 2019 का है। वर्ष 2020-2022 के लिये मंत्रालय द्वारा डेटा प्रकाशित किया जाना अभी बाकी है।

National Safety Day Theme 2022 (राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2022 की थीम)
National Safety Day Theme 2022 in Hindi: राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का स्मरणोत्सव हर साल एक थीम पर आधारित होता है। इसलिए, राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2022 का विषय “सड़क सुरक्षा (सड़क सुरक्षा)” (“Sadak Suraksha (Road Safety)”) है।

इस प्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह मनाने का एक मात्र उद्देश्य कि लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। सभी लोगों को अपनी सुरक्षा स्वयं करनी चाहिए। लेकिन जा लोगों नहीं जानते है उन्होंने जागरूक करना है।

10 Lines on National Safety Day for Children and Students

  1. The National Safety Day is celebrated every year on 4th March in order to raise awareness among the industrial workers about safety.
  2. The program celebration aims to highlight the role of safety in preventing industrial accidents and causalities.
  3. The Government of India observed the first National Safety Day on 4th March 1972.
  4. The day is celebrated by industry, trade unions, government, NGO’s and regulatory agencies across the nation.
  5. The event is also celebrated across the country by various companies by organizing campaigns, seminars, quizzes, debates and panel discussions.
  6. The objective of celebrating National Safety Day is to ensure the commitment of workers towards safety and health.
  7. Every year the National Safety Day is celebrated across the nation with a theme to promote awareness about safety among industrial workers.
  8. National Safety Day 2019 theme was “Cultivate and Sustain a Safety Culture for Building Nation”.
  9. The National Safety Day 2019 celebration created awareness about the role of safety in building the nation.
  10.  Safety activities based training programs, safety competitions, safety mock drills are held for employees at many industrial units on the occasion.