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कारगिल विजे दिवस पर कविता 2019 – Kargil Diwas Poem in Hindi Pdf Download

Kargil Diwas Poem in Hindi

Kargil Vijay Diwas 2019: भारत बहादुर योद्धाओं की भूमि है, हम यह दावा करने के लिए लड़ते हैं कि हमारा क्या है। हमारी भारतीय सेना ऐसे योद्धाओं से भरी हुई है और वर्ष 1999 में, दुनिया ने हमारी भारतीय सेना की वीरता को देखा, जब हमने पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध पर विजय प्राप्त की थी। भारतीय सेना ऐसे योद्धाओं से भरी हुई है और वर्ष 1999 में, दुनिया ने हमारी भारतीय सेना की वीरता को देखा, जब हमने पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध पर विजय प्राप्त की थी। भारत बहादुर योद्धाओं की भूमि है, हम यह दावा करने के लिए लड़ते हैं कि हमारा क्या है। इस जीत का जश्न मनाने के लिए कारगिल विजय दिवस पूरे भारत में मनाया जाता है। इस जीत का जश्न मनाने के लिए कारगिल विजय दिवस पूरे भारत में मनाया जाता है।

Kargil Vijay diwas poem in hindi

Kargil Vijay diwas 2019 Date: हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई को है|

कारगिल की पर्वत चोटी दुश्मन था वहाँ ऊँचाई पर I
चोरी से घुस आया बुजदिल था उतरा वह नीचाई पर I
वीरों ने धावा बोला और मारा फेंका गहराई पर I
देश गर्व करता है अपने युवकों की तरुणाई पर I

वीर बांकुरों ने ललकारा पर्वत चोटी थी ठण्ड भरी I
था सुभाष सा जोश बुलंदी भगत सिंह सी खरी खरी I
वीर शिवा जी राणा प्रताप की याद में ऑंखें क्रोध भरी I
मार भगाया दुश्मन को भागी वो फौजें डरी डरी I

सन उन्नीस सौ निन्यानवे छब्बीस जुलाई विजय का दिन I
जोश भरा था वीरों में अवसर आया वह मन भावन I
कुर्बानी को याद किया भावों में डूब गया हर मन I
कारगिल विजय दिवस पर गर्वित आज भी होता है हर मन I

कारगिल विजय दिवस कविता

हुआ देश आजाद तभी से , कश्मीर हमारे संग आया।
विभाजन से उपजे पाक को, उसका कृत्य नहीं भाया।

रंग बिरंगी घाटी कब से,पाक कि नज़र समाई थी।
कश्मीर को नापाक करने, कसम उसी ने खाई थी।

वादी पाने की चाहत में, सैंतालीस से जतन किया।
तीन युद्ध में मुंह की खाई, फिर से वही प्रयास किया।

बार बार वह मुँह की खाये, उसको शर्म न आनी थी।
छल प्रपंच करने की फितरत, उसकी बड़ी पुरानी थी।

दारा करे सीधे लड़ने में, अपनी किस्मत कोसा था।
आतंकी के भेष में उसने, भष्मासुर को पोषा था।

हूर और जन्नत पाने को, आतंकी बन आते थे।
भारत की सेना के हाथों, काल ग्रास बन जाते थे।

जन्नत को दोज़ख बनने में, कोई कसर न छोड़ी थी।
मासूमों को हथियार थमा, बिषम बेल इक बोई थी।

तभी शांति की अभिलाषा ले, अटल कि बारी आई थी।
जाकर जब लाहौर उन्होंने, सद इच्छा दिखलाई थी।

भाईचारे की मिसाल दे, छद्म युद्ध को रोका था।
पाकिस्तानी सेना ने फिर , पीठ में छुरा भोंका था।

सन निन्यानबे मई माह, फिर से धावा बोला था।
चढ़ कर करगिल की चोटी पर, नया मोरचा खोला था।

भारत की जाबांजो ने तब, उस पर कठिन प्रहार किया।
बैठे गीदड़ भेड़ खाल में, उनका तब संहार किया।

एक से एक दुर्गम चोटी को, वापस छीन के’ लाए थे।
देश कि खातिर माताओं ने, अपने लाल गंवाए थे।

तीन महीने चले युद्ध में,फिर से मुंह की खाई थी।
मिस एडवेंचर के चक्कर में, जग में हुई हंसाई थी।

आज मनाकर विजय दिवस हम, उसको याद करायेंगे।
ऐसी गलती फिर मत करना, नानी याद दिलायेंगे।

पाकिस्तानी सेना को किया परास्त
करो याद भारत के वीर जवानों को।
कारगिल की चोटी पर लहराया तिरंगा
उन देश भक्तों की कुर्बानी को।

दुश्मन के सैनिकों को मार गिराया
नाकामयाब किया उनकी चालों को।
श्रद्धा सुमन अर्पित उन साहसी
निडर भारत भूमि के लाडलों को।

बर्फ पर चलते दुश्मन को मार गिराते
रात जागते देश की रक्षा करने को।
आंधी हो तूफान हो या हो रेगिस्तान
याद करो उन वीरों की शहादत को।

देश के लोग सुकून से सोते रात भर
शत् शत् नमन ऐसे पहरेदारों को।
तब वह खाते अपने सीने पर गोलियां
भूलों नहीं ऐसे देश के रखवालों को

Kargil Vijay diwas poem in english

Kargil Diwas Poem in english

Kargil ki parvat choti dushman tha vahan unchai per.
Chori se ghus aya bujdil tha utara vah neechai per.
Veeron ne dhava bola mara fenka gahrai per,
Desh garv karata hai apane yuvakon ki tarunai per.

Veer bankuron ne lalakara parvat choti thi thand bhari.
Tha Subhash sa josh bulandi Bhagat Singh si khari khari.
Veer Shiva ji Rana Pratap ki yad men ankhen krodh bhari
Mar bhagaya dushman ko bhagi vo faujen dari dari.

San unnis sau ninyanve chhabbis July vijay ka din .
Josh bahra tha veeron men avaser aya vah man bhavan.
Kurbani ko yad kiya bhavon men dub gaya her man.
Kargil vijay divas per garvit aj bhi hota hai her man.

Kargil Vijay diwas short poem in english

With Himalayas in the north
Indian ocean in the south
Arabian sea in the west
Bay of Bengal in the east.
I love my nation
With developed culture
And beautiful sculpture
The people have no rest
To do their work best.
I love my nation
They give us rice in ration
They dress in latest fashion
They do many inventions
Which are about fiction.
I love my nation
With number of hill station
Which are God’s creation
It give us protection
And save us from tension.

Kargil Vijay diwas poem in marathi

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देशापासून स्वातंत्र्यानंतर, काश्मीर आपल्याबरोबर आला
विभाजित करून उत्पादित पाकिस्तानने हे केले नाही.

रंगीबेरंगी घाटीच्या काळापासून पाककडे एक नजर होती.
तिने केवळ कश्मीरचा स्वाद घेतला होता, तिने शपथ घेतली होती.

चाळीस-सात जणांपासून बचावासाठी वादग्रस्त होण्याची इच्छा आहे.
तीन युद्धांत तोंडाच्या मुखपत्राने पुन्हा त्याच प्रयत्नांची पुनरावृत्ती केली.

त्याने वारंवार आपले तोंड खाल्ले, त्याला लाज वाटली नाही.
फसवणूकीची प्रकृती ही त्यांची वृद्ध होती.

दारा थेट त्यांच्याशी लढा देत लढला.
विश्वासघाताच्या ट्रेलमध्ये तो भीष्मसुराचा नर्तक होता.

हूर आणि परादीस मिळविण्यासाठी दहशतवादी होते.
भारतीय सैन्याच्या हातात तणाव निर्माण झाला.

नरकात बळी पडण्यासाठी, कोणीही नोकरी सोडली नाही.
हात निर्दोषांना देण्यात आले, बिशमची घंटा पेरली गेली.

फक्त अटल येण्याची वेळ आली तेव्हाच शांतीची इच्छा होती
तो लाहोरला गेला तेव्हा त्याची इच्छा दिसून आली.

बंधुत्वाच्या दाखल्यांनी भयंकर युद्ध टाळले.
पाकिस्तानी सैन्याने पुन्हा मागे सरकले होते.

सन निन्यानाबने पुन्हा मे मध्ये मला फोन केला होता.
कारगिलच्या शीर्षावर नवीन मोर्चा उघडला.

तेव्हा भारताच्या जब्बानो यांनी त्याला कठोर परिश्रम केले.
Skins मध्ये seated मेंढी, नंतर ते नष्ट होते.

ते एका बाजूला दुसर्या दुर्गम शिखरावर परत आणले गेले.
देशाच्या फायद्यासाठी, माता त्यांच्या लाल गमावले.

तीन महिन्यांच्या युद्धांत पुन्हा एक मुखपत्र होता.
मिस अॅडव्हेंचरच्या प्रसंगी, जगात एक हशा होती.

आज, विजय दिन साजरा करीत, आपण त्यांना आठवण करून देऊ.
अशी चूक करू नका, नॅनी तुम्हाला आठवण करून देईल.

पाकिस्तानी सैन्याने पराभव केला
भारताच्या बहादुर सैनिकांना लक्षात ठेवा.
कारगिलने ट्रायकोलरला ध्वजांकित केले
त्या देशांतील भक्तांचे बलिदान

शत्रू सैन्याने ठार मारले
त्याच्या हालचाली अयशस्वी
पूजेची देवी
निडर भारत भूमीची महिला

बर्फावर बर्फ
रात्री जागृत देशाचे संरक्षण करण्यासाठी.
वादळ किंवा वाळवंट
त्या नायकांचे शहीद लक्षात ठेवा.

देशाचे लोक रात्रभर आरामशीर झोपतात
अशा रक्षकांना शमशात नमन
मग त्याच्या छातीवर खाते गोळ्या
अशा देशाच्या पालकांना विसरू नका