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हिन्दू नव वर्ष पर कविता 2018 – Hindu New Year Poem in Hindi – हिन्दू नव वर्ष पोएम इन हिंदी – Hindu Nav Varsh Kavita Hindi me

वैसे तो पूरी दुनिया में नया साल 1 जनवरी को मनाया जाता हैं लेकिन भारती में हिन्दू धर्म में नया साल गुड़ी पढ़वा वाले दिन मनाया जाता हैं| इसके पीछे भी एक बहुत बड़ा कारण हैं| कहा जाता हैं की इसी दिन भगवान् ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण करा था| कुछ पुराणिक कथाओ में इस बात का भी ज़िक्र हैं की इसी दिन श्री राम रावण को पराजित करके आयोध्या वापस आई थे और उनका राजतिलक हुआ था| आज इस आर्टिकल में हम आके लिए नव वर्ष हिंदी कविताए, गीत, नये साल पर काव्य, गुड़ी पढ़वा कविता इन हिंदी, मराठी, गुजराती, तमिल, तेलगु, आदि की जानकारी देंगे|

हिन्दू नव वर्ष की कविता

इस वर्ष हिन्दू नव वर्ष 18 मार्च 2018 यानी की रविवार से आरम्भ हो रहा है| इसी दिन चैत्र नवरात्री भी शुरू हो रही हैं| आप सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं|

अवनी से अंबर तक छाया नववर्ष।
सिन्दूरी भोर लिए आया नववर्ष।।
तैरते हवाओं में पंछी रंगीन।
ले आए प्राची से उजियारे दिन।
झरनों ने भैरवी में गाया नववर्ष।
सिन्दूरी भोर लिए आया नववर्ष।।
मधु किरणें पूरब से आई छुम-छुम।
घोल गई रेवा के जल में कुमकुम।।
सुखद रात सुप्रभात लाया नववर्ष।
सिन्दूरी भोर लिए आया नववर्ष।।
शाखों पर फूल नए चमकीली पातें।
बांट रहा स्नेहिल सूरज सौगातें।।
अलसायी धूप खिली भाया नववर्ष।
सिन्दूरी भोर लिए आया नववर्ष।।

हिन्दू नव वर्ष पोएम इन हिंदी

हिन्दू नव वर्ष कविता

यहाँ से आप Hindu New Year poem in Hindi language & Hindi Font स्टूडेंट्स के लिए (शब्दों) में देख व pdf डाउनलोड कर सकते हैं| साथ ही class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चे इन्हे अपने स्कूल फंक्शन celebration व प्रोग्राम में सुना सकते हैं| साथ ही आप चाहें हिन्दू नव वर्ष की बधाई तो भी देख सकते हैं |

Kab tak phool barsenge naye saal par,
Yeh bhi ho jayega ek din purana,
Jayenge sookh yeh saare phool,
Iske ant ka karega intezar zamana
Door ho jayegi sabhi duvidhayen,
Naye saal mein hoga naya savera,
Nav-varsh lagta atyant bharosemand,
Jhooti ummeeden ban jaati sahara
Purana hoga jab yeh naya saal,
Ho jayegi ummeed ki kiran ojal,
Dhoka de gaya yeh saal bhi,
Aao kare iska bhi qatal,
Naye saal mein kya hai nayapan,
Hai to keval tarikh mein badal,
Vijay prapt ho saal ke har din,
Paida kar utna aatmabal

हिन्दू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें कविता

आज हम आपके लिए लाये हैं Hindu Nav Varsh poems in hindi language & font, हिन्दू नव वर्ष शायरी, हिन्दू नव वर्ष पर गीत और कवितायें आदि जिन्हे आप pdf download कर अपने रिश्तेदार, facebook friends, whatsapp groups, dost, परिवार जन व बेस्टफ्रेंड को व्हाट्सप्प व एफबी पर सेंड कर सकते हैं|

फिर आया है नया साल
सर्द रातों की एक हवा जागी
और बर्फ़ की चादर ओढ़
सुबह के दरवाज़े पर दस्तक दी उसने
उनींदी आँखों से सुबह की अंगड़ाई में भीगी ज़मीन से ज्यों फूटा
एक नया कोपल
नए जीवन और नई उमंग
नई खुशियों के संग
दफ़ना कर कई काली रातों को
झिलमिलाते किरनों में भीगता
नई आशाओं की छाँव में
नए सपनों का संसार बसाने
बर्फ़ीली रात की अंगड़ाई के साथ
बसंत के आने की उम्मीद लिए
आज सब पीछे छोड़
चला वो अपनाने नए आकाश को
नए सुबह की नई धूप में
नई आशाओं की नई किरन के संग
आज फिर आया है नया साल
पीछे छोड़ जाने को परछाइयाँ

जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला,
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला..
कुछ ख्वाईशैं दिल मे रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..
कुछ छोड़ कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मे ..
कुछ मुझसे बहुत खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..
कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं..
कुछ शायद अनजान हैं..
कुछ बहुत परेशान हैं..
कुछ को मेरा इंतजार हैं ..
कुछ का मुझे इंतजार है..
कुछ सही है
कुछ गलत भी है.
कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये।

हिन्दू नव वर्ष 2074 कविताएं

नये वर्ष का करें सभी हम,
मिलकर सारे ऐसा स्वागत,
भूल सारे वैर भाव हम,
मन में हो प्रीती की चाहत.
नहीं किसी का बुरा करें हम,
सीखें मानवता से रहना,
सच्ची -मीठी वाणी बोलें,
कटुवचन न कभी कहना!
नये -नए संकल्प करें हम
अब है आगे हमको बढ़ना,
भूखे -प्यासे दीन -दुखी की ,
आगे बढ़ कर सेवा करना.
सबके लिए हो मंगलमय इस,
नए वर्ष का इक -इक पल,
भविष्य स्वर्णिम और सुखद हो,
सबके लिए हो उज्जवल कल.

Hindu New Year Poem in Hindi

नव वर्ष की नव सुबह
मैं ये इज़हार करता हूँ
मैं आज भी सिर्फ
तुमसे से ही प्यार करता हूँ
है साल नया है नयी उमंग
दिल पर छाया है सिर्फ तुम्हारा रंग
चाहे बीतें युग या गुज़रें महीने और साल
बदलेगा ना मेरे इस दिल का हाल
ये धड़केगा तुम्हारे लिये
ये तड़पेगा तुम्हारे लिये
ये वादा मैं तुमसे
आज अभी करता हूँ
नव वर्ष की नव सुबह मैं
ये ऐतबार करता हूँ
तुम भी ये मुझे बतलाओगी कि
मैं सिर्फ तुमसे प्यार करती हूँ

Hindu Nav Varsh Poem in हिंदी

आइये देखें कुछ हिन्दू नव वर्ष पर कविता यानी की बेस्ट हिन्दू नई ईयर कविताएं फॉर किड्स|

ख़ुद को भूलने की हद तक
नशे में डूबे लोगों ने
स्वागत किया
नए साल का !
बेलग़ाम ज़िन्दगी को
और भूलते हुए
याद रहा तो बस
आख़िरी रात का
वह आख़िरी पल
जिसके बाद
सिर्फ ‘कलेण्डर’ नया हुआ
और ख़ुमार उतरने के बाद
सबों की ज़िन्दगी
वही रही
जिसको भूल जाने के लिए
उन्होंने किए थे
सारे यत्न !
नए साल में
काश …. हो पाती
नई बात !

हिन्दू नव वर्ष पर हास्य कविता

कुछ नया होता है..
कुछ पुराना पीछे रह जाता है;
कुछ ख्वाईशैं दिल मैं रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं;
कुछ छौड कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मैं ..
कुछ मुझसे खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..
कुछ मुझे भूल गये…
कुछ मुझे याद करते है…
कुछ शायद अनजान है…
कुछ बहुत परेशान है…
कुछ को मेरा इंतज़ार है…
कुछ का मुझे इंतज़ार है…
कुछ सही है….
कुछ गलत भी है….
कोई गलती तो माफ़ कीजिये….
और कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये

हिन्दू नव वर्ष पर कविता हिंदी में

अक्सर लोग हिन्दू नव वर्ष के अवसर हिन्दू नव वर्ष पर श्लोक , Hindu Nav Varsh par shlok, हिन्दू नव वर्ष पर शेरो शायरी, हिन्दू नव वर्ष के कोटेशन, हिन्दू नव वर्ष के दोहे पर भी सर्च करते हैं|

नये वर्ष की नयी सुबह
नयी कलम और नयी डायरी
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
मुग्ध हो जाएँ दुनिया सारी
खामोश जुबां के शब्द बनूं
टूटे सपनो के टुकड़े चुनूं
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
भटके अपनो की राह बुनूं
दीन-दुखी जन की पीड़ा
हर दिल तक पहुँचा पाऊँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
सबके दिल को छू जाऊँ
निर्बल का मान बचा पाऊँ
निर्धन की जान बचा पाऊँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
हर दिल को रोशन कर जाऊँ
जंग लगे दिल के दरवाजों
के तालों को तोड़ सकूँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
सबके दिलों को जोड़ सकूँ
झूठ का पर्दाफाश करूँ
और सच का मैं आगाज़ करूँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
सबके दिलों में राज करूँ
प्रकाश की सविता बन जाऊँ
आस की सरिता बन आऊँ
काश ! लिखूँ कुछ ऐसा कि
खुद ही कविता बन जाऊँ

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