Dohe

समय का महत्व पर दोहे – समय के ऊपर दोहे – Samay ke Mahtava par Dohe – Anmol Vachan

समय बहुत ही बलवान होता है| अगर एक बार जो समय चला जाए तो फिर वो वापिस नहीं आता है| सबसे अच्छा सही समय अभी है क्योंकि कल कभी नहीं आता है| इसलिए जो करना है आज करें, इसलिए आज हम आपके सामने पेश करने जा रहे हैं समय के महत्व पर दोहे – समय के ऊपर दोहे (importance of time) जिन्हे आप विद्यार्थियों, students, बच्चे जिनके बोर्ड की परीक्षा चल रही है उन्हें whatsapp पर भेज कर समय का मूल्य बता सकते हैं|

समय का महत्व पर शायरी

अभी तो थोडा वक्त हैं,
उनको आजमाने दो,
रो-रोकर पुकारेंगे हमें,
हमारा वक्त तो आने दो…

रोने से किसी को पाया नहीं जाता,
खोने से किसी को भुलाया नहीं जाता,
वक़्त सबको मिलता है ज़िन्दगी बदलने के लिए
पर ज़िन्दगी नहीं मिलती वक्त बदलने के लिए.

बुरा वक्त तो सबका आता हैं,
कोई बिखर जाता हैं कोई निखर जाता हैं…

वक्त तू कितना भी सता ले हमे लेकिन याद रख,
किसी मोड़ पर तुझे भी बदलने पर मजबूर कर देंगे…

वक़्त बदलने से उतनी तकलीफ नहीं होती,
जितनी किसी अपने के बदल जाने से होती है.

जब आप का नाम जुबान पर आता हैं,
पता नहीं दिल क्यों मुस्कुराता हैं,
तसल्ली होती है मन को कोई तो है अपना,
जो हँसते हुए हर वक्त याद आता हैं…

समय के महत्व पर कविता

समय तो होता है बलवान
चलते रहना इसका काम
समय रहते जो जाने इसे
वही बन जाए भाग्यवान
चाहे जो परिस्थिति आए
या आलस तुम्हें बहकाए
लेना समझदारी से काम
समय से करना सारे काम
हर वस्तु पैसे से मिल जाए
है समय ही जो ना ले पायेँ
एक बार हांथ से जो निकले
फिर लौट कभी भी न आये

समय का महत्व पर दोहे

समय लाभ सम लाभ नहिं, समय चूक सम चूक
चतुरन चित रहिमन लगी, समय चूक की हूक

समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जात
सदा रहै नहीं एक सी, का रहीम पछतात

आदरणीय गुरुदेव श्री सादर प्रणाम,
समय कितना अनमोल है कोई आपसे जाने.
समय की फिर भी कीमत है परन्तु
आपके द्वारा रचे दोहे अनमोल हैं
हार्दिक बधाई गुरुदेव श्री

गया समय आता नही, करनी को कर आज।
मत कर सोच-विचार तू, करले अपने काज।
तभी तो समय को बडा बलवान कहा गया है

समय के ऊपर दोहे

समय पर छोटी कविता

Samay kabhi bhi vyarth na khona,
samay pe jagana samay pe sona,
samay bada hota balwaan,
karo sada iska sammaan.
Samay ka pahiya chalta jaaye,
kabhi dhoop to chhanv ye laaye,
chetan rehata sada kisaan,
boya beej, sajaa khaliyaan.
Samay pe vaahan aate jaate,
manjil par sabko pahunchaate,
samay ka karta jo apamaan,
hota uska hai nuksaan.
Saath samay ke chalte jaayein,
pyar namrata hum apnaayein,
paaye jag mein yash sammaan,
aage badhe hum banein mahaan.
Samay se karte jo abhyaas,
puri hoti unaki aas,
aayi pariksha ho gaye paas,
ab kaahe hum bhye udaas.

समय दोहा

क्यों कभी कभी समय
जैसे रुक सा जाता है
पीडा के झंझावात मे
बवंडर लाता है

पीडा की काली अंधियारी रातों मे
समय गुजारे न गुजरता है
शायद दुख की परछाई से
आगे निकल्ने मे
यह भी डरता है

समय कभी किसी का
साथ नहीं निभाता ह
पर जो इसका साथ निभाए
यह उसी का हो जाता है

आने वाला समय अभी
इतिहास बन जाएगा
वर्तमान को भविष्य का आईना दिखाएगा

कबीर के समय पर दोहे

समय के साथ कदम मिलाकर
चलने का जमाना
हुआ अब पुराना
और वक्त से आगे चलने का राज
हमने कभी न जाना

समय का चक्र कहीं हम
जो रोक पाते
तो समय की कमी का कभी
बहाना न बनाते

समय ने देखो हमे
क्या से क्या बना दिया
कल सपना बुना था
आज स्वयं मिटा दिया

समय बीत जाता है
छोड जाता है याद
गुलाम बना रखा सबको
बस स्वयं ही आजाद

समय के कदमों की
आहट नहीं होती
चुपचाप आकर गुजर जाए
तो मन मे कभी राहत नहीं होती

समय बड़ा बलवान पर कविता

 समय बड़ा बलवान हुआ है समय समय पर भारी।
समय रहा जी सबका राजा जिससे दुनिया हारी।।
पलक झपकते सुबह हुई है पलक झपकते शाम।
पलक झपकते जख्म मिले हैं पलक झपकते वाम।।
समय समय की बलिहारी है समय समय पर होता।
कभी कोई तो बहुत दुखी हो दिल से हर्षित होता।।
समय समय की ताकत ऐसी देखे दुनिया सारी।
समय बड़ा बलवान हुआ है समय समय पर भारी।
समय बदला हरिश्चन्द्र का चला गया धनधाम।
राजा मोरध्वज भी हारे समय रहा बलवान।।
समय बदला रामचन्द्र का जंगल जंगल भटके।
सिया चली गईं भाई मरा जब प्रान अधर में अटके।।
समय समय के समय चक्र को न टाल सके नरनारी।
समय बड़ा बलवान हुआ है समय समय पर भारी।।
रीते हुए इंसान को जिसने बना दिया हजारी।
समय बड़ा बलवान हुआ समय समय पर भारी।
पर वही समय जो कृष्ण मित्र पर आकर ऐसा चमका।
तीन लोक की मिली सम्पदा समय का दामन दमका।
सुदामा जैसे दीन हीन का इक नया किरदार दिखा।
तीन लोक का मालिक अब तो समय का हकदार दिखा।।

समय का महत्व

जो समय पर समझ आ जाए
ज्ञान कहलाता है
जो समय से पहले समझ जा
महान कहलाता है

समय की गति बलवान है
पर जो उसे नाप पाए
वही तो महान है

समय के पद-चिन्हों पर
चलकर मिलती नहीं
मंजिल कभी

समय का पहिया न रुका है
न रुकेगा
बस हर कोई उसके सम्मुख झुकेगा

समय को पकड पाना भी
अब आसान है
देखो बच्चों मे छुपे बूढों को
जिनके सम्मुख बडे भी नादान हैं

समय के साथ कदम हमें
मिलाना न आया
चले जब भी इसके पीछे
तो इसने खूब रुलाया

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