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योग दिवस पर कविता 2018 – International Yoga Day Poem in Hindi – Yoga Diwas Par Kavita

International yoga day 2018: 21 जून 2018 को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज की तेजी से विकसित दुनिया में हमारा स्वास्थ्य हमेशा हिस्सेदारी पर है| हम अपने स्वास्थ्य की देखभाल करने के महत्व को भूल जाते हैं जो की काफी ज़रूरी है| शारीरिक अभ्यास करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाने की वजह से ऐसा होता है| इसलिए योग करने से हम जल्दी स्वस्थ भी रह सकते हैं वो भी बिना गयम या कहीं बाहर जाए| आइये इस योग दिवस हम देखते हैं कुछ योग शायरी, Poem On International Yoga Day In English, व्यायाम पर कविता, योग दिवस पर लेख, योग पर नारे, योग पर स्लोगन, योग पर श्लोक, 21 जून योग दिवस, International Yoga day poem in hindi आदि |

Yoga day poem in hindi

योग दिवस कब मनाया जाता है: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भारत समेत पूरे विश्व भर में 21 जून 2018 को मनाया जाएगा| इस दिन गुरुवार का दिन है|  आइये देखें अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कविता लिखें| जिसके लिए हम पेश कर रहे हैं International Yoga Day Par Kavita, International Yoga day Hindi poem| आइये अब हम आपको अंतर्राष्ट्रीय विश्व योग दिवस कविता, योग दिवस पर निबंध, International Yoga Day poem in english, International Yoga Day Speech, International Yoga Day poems, International Yoga Day in hindi, International Yoga Day poem in telugu, World Yoga day poem in tamil & योग दिवस पर लेख आदि की जानकारी देंगे|

भाई अपने तन से मन से, दूर कुरोग करें।
आओ योग करें। आओ योग करें।।

स्वास्थ्य हमारा अच्छा है तो, सारा कुछ है अच्छा।
रोग ग्रसित अब नहीं एक भी, हो भारत का बच्चा।।

सूर्योदय से पहले उठकर, निपटे नित्य क्रिया।
सदा निरोगी काया जिसकी, जीवन वही जिया।।

उदाहरण कोई बन जाए, वह उद्योग करें।।
आओ योग करें। आओ योग करें।।

सांसों का भरना-निकालना, प्राणायाम हुआ।
अपने दिल-दिमाग का भाई, यह व्यायाम हुआ।।

किया भ्रामरी और भस्त्रिका, शुचि अनुलोम-विलोम।
सुन्दर है कपाल की भाती, पुलक उठे हर रोम।।

सांस-सांस द्वारा ईश्वर से, हम संयोग करें।
आओ योग करें। आओ योग करें।।

सभी शक्तियों का यह तन है, सुन्दर एक खजाना।
यौगिक क्रिया-कलापों द्वारा, सक्रिय इन्हें बनाना।।

फल-मेवा-पकवान दूध-घी, सब कुछ मिला प्रकृति से।
हमने निज खाना-पीना ही, किया विकृत दुर्मति से।।

ज्ञान और अपने विवेक से, हम सब भोग करें।
आओ योग करें। आओ योग करें।।

पानी और हवा दूषित हो, कुछ न करें ऐसा हम।
चले संभलकर थोड़ा तो यह, दुनिया बड़ी मनोरम।।

सुख से जिएं और सुख से ही, हम जीने दें सबको।
वेद-पुराण-शास्त्र सारे ही, यह बतलाते हमको।।

ईश प्रदत्त शक्ति-साधन का, हम उपयोग करें।
आओ योग करें। आओ योग करें।।

योग दिवस पर हिंदी कविता

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आओ हम सब मिलकर योग दिवस मनायें,
गांव-गांव और शहर-शहर में, इसकी अलख जगायें

योग का मतलब है जोड़ना,
मोह को मन से तोड़ना,
मानव को प्रकृति से जोड़ना,
चित्त की वृत्तियों को सिकोड़ना।
बस इतनी सी बात, लोगों को समझायें
आओ हम सब मिलकर, योग दिवस मनायें।

इसमें न कोई खर्चा, न कोई और दिखावा है,
स्वस्थ रहें हम कैसे, बस इसका ही बढ़ावा है।
लेकर चटाई हम सब, धरती पर बैठ जायें,
आओ हम सब मिलकर, योग दिवस मनायें।

चाहे खड़े हों, चाहे बैठे हों, या चाहे हों लेटे,
योग एक स॔तुलन है, विविध विधा लपेटे।
गहरी लम्बी सांस खींचकर, इसे शुरू करायें,
आओ हम सब मिलकर, योग दिवस मनायें।

पद्मासन हो वज्रासन हो, या हो चकरा आसन,
ध्यानमग्न हो बैठ जायें, बिना करे प्राशन।
सबसे पहले उठकर, इसको ही अपनायें,
आओ हम सब मिलकर योग दिवस मनायें।

योग बहुत है फायदेमंद, जैसे शाक मूल और कंद,
मिट जाये सारे मन के द्वंद्व, बिना क्लेश और बिना क्रंद।
दैनिक जीवनचर्या का, हिस्सा इसे बनायें,
आओ हम सब मिलकर योग दिवस मनायें।

आयुर्वेद और योग का, झंडा हम फहरायें,
भारतदेश और विश्व को, रोगमुक्त बनायें।
इसी प्रतिज्ञा को लेकर, हम आगे बढ़ते जायें,
आओ हम सब मिलकर योग दिवस मनायें।

International Yoga Day Poem in Hindi

Yoga day poems in english

International yoga day 2018 theme

Yoga day theme: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित 2018 समारोह के लिए थीम को ‘शांति के लिए योग’ रखा गया है यानी की ‘Yoga for Peace.’

Why India never had a yoga day before,
Nevertheless, it is the place where yoga originated
India does not need any yoga day,
As every day is yoga day for the Indians,
However, It is better that
There is a day of yoga
As it will bring awareness among those people
Who are less acquainted with yoga
In India, yoga has various aspects
As it has been handed over to the disciples by a Guru
That is why we are having
Guru-Poornima (A full moon day) -A day for Guru
Instead of any yoga day
In India, yoga is just a tool for realizing the highest
Master is more important in Indian’s life than yoga
As by the grace of the master
One can cross the ocean of world
Even without yoga.

Yog divas par kavita

इन इंटरनेशनल योग डे पोयम्स, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कविता, विश्व योग दिवस 21 जून विद्यार्थियों और बच्चों के लिए कविता को आप Hindi, English, sanskrit, Tamil, Telugu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Kannada, Malayalam, Nepali के Language व Font के अनुसार बधाई सन्देश, Poem के Image आदि जिसे आप whatsapp, facebook व instagram पर अपने groups में share कर सकते हैं| इस साल के साथ वर्ष 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017, 2018 का कलेक्शन निचे देखें जिसे आप pdf download भी कर सकते हैं|

हे मानव ! अपने जीवन में,
यदि नित्यदिन करोगे योगा ।
तो बिना रुपइया खर्च किए,
शत प्रतिशत लाभ तुम्हें होगा।

हर कोई इसे कर सकता है,
छोटा, बड़ा, अमीर, गरीब।
न औषधि की आवश्यकता है,
न ही बीमारी आये करीब।

भांति-भांति के आसन हैं,
और भिन्न-भिन्न हैं नाम।
शरीर के हर एक हिस्से को,
मिलता इससे बहुत आराम।

आभार प्रकट करता हूँ मैं,
“मोदी जी” की सरकार का।
जिन्होंने बीड़ा उठा लिया है,
सब रोगों के उपचार का।

21 जून को प्रण कर ले हम,
प्राणायाम सभी अपनाएंगे।
बाबा रामदेव के आसन से,
जन जीवन समृद्ध बनाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कविता

मुक्तक –

बिन खर्चे एक रुपिया ।

कह दो तुम शुक्रिया ॥

योग से मिटे सब रोग,

तो तू क्यों न कर रिया॥

कविता :

न होगा कोई रोग।

सकोगे सब सुख भोग॥

खुश रहेंगे सब लोग।

जो होगा रोज योग॥

रहेगी जो सदा ताजगी।

न होगी दवाई दिवानगी॥
डाॅक्टर से भी रहोगे दूर।

उम्र भी बढ़ेगी भरपूर॥

बढ़ेगी शारीरिक क्षमता।

दिखेगी मानसिक दक्षता॥

थकान न कभी सतायेगी।

तंदरुस्ती सदा पास आयेगी॥

कवि– अमित चन्द्रवंशी

Yoga day poem in hindi

International Yoga Day Poem In Marathi

हे मानव! अपने जीवन में,
यदि नित्यदिन करोगे योगा।
तो बिना रुपइया खर्च किए,
शत प्रतिशत लाभ तुम्हें होगा।
हर कोई इसे कर सकता है,
छोटा, बड़ा, अमीर, गरीब।
न औषधि की आवश्यकता है,
न ही बीमारी आये करीब।

भांति-भांति के आसन हैं,
और भिन्न-भिन्न हैं नाम।
शरीर के हर एक हिस्से को,
मिलता इससे बहुत आराम।

आभार प्रकट करता हूँ मैं,
“मोदी जी” की सरकार का।
जिन्होंने बीड़ा उठा लिया है,
सब रोगों के उपचार का।

21 जून को प्रण कर ले हम,
प्राणायाम सभी अपनाएंगे।
बाबा रामदेव के आसन से,
जन जीवन समृद्ध बनाएंगे।

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