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भगत सिंह के शहीदी दिवस पर शायरी 2019 – भगत सिंह पर शायरी – 23 March 1931 Shaheed Diwas Slogans नारे व विचार

भगत सिंह के शहीदी दिवस पर शायरी

शहीदी दिवस भारत के लिए गर्व का दिन होता है इस दिन भारत के देशभक्तो सुख देव, भगत सिंह व राज गुरु को फांसी हुई थी वैसे तो फांसी की सजा उन्हें 24 मार्च सन 1931 को निर्धारित की गयी थी लेकिन किसी कारणवश एक दिन पहले 23 मार्च के दिन ही उन्हें फांसी दे दी गयी थी | इसीलिए हम आपको शहीदी दिवस के दिन के ऊपर भगत सिंह की कुछ बेहतरीन शायरियां बताते है जो की आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है |

Bhagat Singh Shaheedi Diwas Date 2019

भगत सिंह को आज हम एक महान देशभक्त के रूप में जानते है इन्होने देश के लिए अपने प्राणो की कुर्बानी तक दे दी | अंग्रेज़ो ने इनकी देशभक्ति को अपराध मानकर ‘लाहौर षड़यंत्र’ का मुकदमा डाल कर इन्हे फांसी दे डाली वैसे तो इनकी फांसी २४ मार्च १९३१ को निर्धारित की गयी थी लेकिन फांसी के बाद जनाक्रोश किस तरह से संभालेंगे इसीलिए अंग्रेज़ो ने एक रात पहले 23 मार्च 1931 को ही इनको फांसी दे दी | उसके बाद हमारे देश के आज़ाद होने के बाद उनकी इस दिवस को शहीदी दिवस की संज्ञा दी गयी और हर साल हमारा देश २३ मार्च को ही शहीदी दिवस मनाता है |शहीद भगत सिंह की कुर्बानी को हम सदा याद रखेंगे| साथ ही आप भगत सिंह के जन्मदिन पर शायरी भी देख सकते हैं|

शहीद भगत सिंह पर शायरी

भगत सिंह पर शायरी इस प्रकार हैं:

खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,
तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है…

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये….

Bhagat Singh Shayari in Hindi

bhagat singh shayari इस प्रकार हैं:

सीनें में ज़ुनू, ऑखों में देंशभक्ति, की चमक रखता हुँ,
दुश्मन के साँसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखता हुँ

वतन के रखवाले हैं हम
शेर -ए-जिग़र वाले हैं हम
मौत से हमें क्यों डर लगेगा
मौत को बाँहों में पाले हैं हम
जय हिन्द वन्दे मातरम

Bhagat Singh Shaheedi Diwas Status

bhagat singh ka shahidi divas इस प्रकार हैं:

इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना
रौशनी होगी चिरागों को जलाये रखना
लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा दिल में बसाये रखना

कभी सनम को छोड़ के देख लेना, कभी शहीदों को याद करके देख लेना !
कोई महबूब नहीं है वतन जैसा यारो, देश से कभी इश्क करके देख लेना..!!

भगत सिंह पर शायरी

Bhagat Singh Shaheedi Diwas SMS

मुझे तन चाहिए , ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं,इस मातृ-भूमि के लिए
और जब
मरू तो तिरंगा कफ़न चाहिये
* जय-हिन्द *

ऐ मेरे वतन के लोगों, तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन हैं हम सब का, लहरा लो तिरंगा प्यारा….

शहीद भगत सिंह की शायरी

जब देश में थी दिवाली….. वो खेल रहे थे होली…
जब हम बैठे थे घरो में…… वो झेल रहे थे गोली…
क्या लोग थे वो अभिमानी… है धन्य उनकी जवानी………
जो शहीद हुए है उनकी… ज़रा याद करो कुर्बानी…
ए मेरे वतन के लोगो… तुम आँख में भर लो पानी

मै रहू या ना रहू पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,मेरे बाद वतन पर मरने वालो का सैलाब आयेगा

भगत सिंह की शायरी

bhagat singh ki shayari इस प्रकार हैं:

ऐ वतन ऐ वतन,
हमको तेरी कसम !!
फूल क्या चीज है,
तेरे कदमो मे हम !!
भेंट अपने सरो की चढ जाएंगे॥

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा

Bhagat Singh Shayari in Punjabi

shaheed bhagat singh shayari इस प्रकार हैं:

लिख रहा हूं मै अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा,

जो अब तक ना खौला, वो खून नहीं पानी है,
जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है

हम अपने खून से लिक्खें कहानी ऐ वतन मेरे.
करें कुर्बान हँस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे.

Bhagat Singh Shaheedi Diwas

Shaheed Bhagat Singh Shayari in Hindi

ताकत वतन की हमसे है
हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है
इंसान के हम रखवाले

मेरी महफ़िल है, मेरा सेहरा है, मेरा कफ़न है, वतन मेरा..
एक ज़िन्दगी नहीं,
हर जनम वारं दूँ, अपने हिन्दुस्तान पर..

शहीद भगत सिंह शायरी

भगत सिंह शायरी इस प्रकार हैं:

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

मरना है तो वतन के लिए मरो…
कुछ करना है तो वतन के लिए करो..
अरे टुकड़ों में तो बहुत जी लिया..
अब जीना है तो मिल कर वतन के लिए जियो..
जय हिंद !!!

भगत सिंह शायरी इन हिंदी

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे

कर जस्बे को बुलंद जवान, तेरे पीछे खड़ी आवाम !
हर पत्ते को मार गिरायेंगे जो हमसे देश बटवायेंगे..!!

Bhagat Singh Birthday Shayari

आन देश की शान देश की, देश की हम संतान हैं।
तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान हैं

मेरा जूनून है, मेरा सनम है, मेरा कर्म है, वतन मेरा..
लहू की हर बूँद बूँद से,
लाल कर दूँ, सरहदे -ऐ-हिन्दुस्तांन..
मेरा इश्क है, मेरा फख्र हैं, मेरी जान है, वतन मेरा…!!!

Shaheed Diwas Slogans

भगत सिंह शायरी हिंदी

वतन हमारा मिसाल है मोहब्बत की , तोड़ता है दीवार नफरत की , मेरी खुश नसीबी है मिली जिंदगी इस चमन में ,भुला ना सके कोई इसकी खुशबू सातों जन्मों में

करता हूँ भारत माता से गुजारिश कि तेरी भक्ति के सिवा कोई बंदगी न मिले,
हर जनम मिले हिन्दुस्तान की पावन धरा पर या फिर कभी जिंदगी न मिले

Bhagat Singh Shayari & Photo

कुछ नशा तिरंगे की आन का है ! कुछ नशा मातृभूमि की शान का है !
हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा ! नशा ये हिंदुस्तान की शान का है..!!

ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई, मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हैं शासक कई, मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता

भगत सिंह देश भक्ति शायरी

वतन के लिए जो फ़ना हो गए हैं
तिरंगा उन्हीं की सुनाता कहानी…..
किया दिल से हर फैसला ज़िंदगी का
कोई बात समझी, न बूझी, न जानी….

सीनें में ज़ुनू, ऑखों में देंशभक्ति, की चमक रखता हुँ,
दुश्मन के साँसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखता हुँ

Bhagat Singh Urdu Shayari

तिरंगा हमारा हैं शान- ए-जिंदगी
वतन परस्ती हैं वफ़ा-ए-ज़मी
देश के लिए मर मिटना कुबूल हैं हमें
अखंड भारत के स्वपन का जूनून हैं हमें

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुलें हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा।
परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा

23 March 1931

Bhagat Singh Shayari Image

कुछ नशा तिरंगे की आन का है ! कुछ नशा मातृभूमि की शान का है !
हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा ! नशा ये हिंदुस्तान की शान का है..!!

मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।

भगत सिंह के लिए शायरी

लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा

खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है

भगत सिंह शेर शायरी

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की मान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है

भारत देश हमको जान से प्यारा है हिन्दुस्तानी नाम हमारा है।
न बर्षा में गलें न सर्दी से डरें न गर्मी से तपें ! हम फौजी इस देश की शान है

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