विश्व पर्यटन दिवस पर निबंध 2020 – World Tourism Day Essay in Hindi & English Pdf Download for Competition

विश्व पर्यटन दिवस पर निबंध

World tourism day 2020: विश्व पर्यटन संगठन WTO की ओर से विश्व पर्यटन दिवस‌ हर साल 27 सितम्बर को मनाया जाता है | यह दिन लोगों को पर्यटन के महत्व के बारे में जागरुक करने के लिये मनाया जाता है। हर दिन हमारे देश में अनेको पर्यटक अलग-अलग जगह घूमने आते हैं हमारे देश की संस्कृति को देखते हैं उसके बारे में जानते हैं | यह दिन हर वर्ष 27 सितम्बर को विश्व भर में मनाया जाता है व इस दिवस को मानाने के पीछे का कारण पूरे विश्व में पर्यटन को बढ़ावा देना है|

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विश्व पर्यटन दिवस पर हिंदी निबंध

World Tourism Day 2020 Theme: इस साल वर्ल्ड टूरिज्म डे 2020 थीम है “TOURISM AND CULTURAL PROTECTION” यानी की पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण है| विद्यालयों में class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है विश्व पर्यटन दिवस पर निबंध लिखें इसलिए हम लाये हैं World Tourism Day Hindi Quotes, वर्ल्ड टूरिज्म डे एस्से,  वर्ल्ड टूरिज्म डे स्पीच, world tourism day 2020 logo, World Tourism Day Slogans in Hindi, vishwa paryatan diwas in hindi, आदि की जानकारी वो भी 100 words, 150 words, 200 words, 400 words, 1000 words long व short essay जो की साल 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 का full collection है जिसे आप share कर सकते हैं| साथ ही आप Happy World Tourism Day Images भी देख सकते हैं|

आज के समय में हर व्यक्ति किसी ना किसी परेशानी से घिरा हुआ है,पैसे और चकाचौंध के बीच ऐसा लगता है मानो खुशी तो कहीं गुम हो गई है। बावजूद इन सबके हर व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ समय ऐसा जरूर निकालना चाहिए जिससे वो दूसरे देश या जगह का पर्यटन करे और खुशियों को फिर से गले लगा सके। इसके लिए विश्व पर्यटन दिवस सबसे अच्छा मौका है। हर साल 27 सितम्बर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर आइए नजर डालते हैं पर्यटन दिवस पर…….

पर्यटन सिर्फ हमारे जीवन में खुशियों के पल को वापस लाने में ही मदद नहीं करता है बल्कि यह किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज के समय में जहां हर देश की पहली जरूरत अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है वहीं आज पर्यटन के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था पर्यटन उद्योग के इर्द-गिर्द घूमती है। यूरोपीय देश, तटीय अफ्रीकी देश, पूर्वी एशियाई देश, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि ऐसे देश हैं जहां पर पर्यटन उद्योग से प्राप्त आय वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है।

पर्यटन का महत्व और पर्यटन की लोकप्रियता को देखते हुए ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1980 से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया। विश्व पर्यटन दिवस के लिए 27 सितंबर का दिन चुना गया क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। पर्यटन दिवस की खासियत यह है कि हर साल लोगों को विभिन्न तरीकों से जागरुक करने के लिए पर्यटन दिवस पर विभिन्न तरीके की थीम रखी जाती है।

यूं तो पर्यटन दुनियाभर के लोगों का पसंदीदा शगल रहा है,लेकिन पर्यटन में भी जल आधारित पर्यटन का अपना विशेष महत्व है। नदियों, झीलों,जल प्रपातों के किनारे दुनियाभर में कई पर्यटन स्थलों का विकास हुआ है और भारत भी इसका अपवाद नहीं है। विश्व पर्यटन दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यटन और उसके सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक व आर्थिक मूल्यों के प्रति विश्व समुदाय को जागरूक करना है।

भारत जैसे देशों के लिए पर्यटन का खास महत्व होता है। भारत जैसे देश की पुरातात्विक विरासत या संस्कृति केवल दार्शनिक स्थल के लिए नहीं होती है इसे राजस्व प्राप्ति का भी स्रोत माना जाता है और साथ ही पर्यटन क्षेत्रों से कई लोगों की रोजी-रोटी भी जुड़ी होती है। आज भारत जैसे देशों को देखकर ही विश्व के लगभग सभी देशों में पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण दिया जाने लगा है।

भारत असंख्‍य अनुभवों और मोहक स्‍थलों का देश है। चाहे भव्‍य स्‍मारक हों,प्राचीन मंदिर या मकबरे हों,इसके चमकीले रंगों और समृद्ध सांस्‍कृतिक विरासत का प्रौद्योगिकी से चलने वाले इसके वर्तमान से अटूट संबंध है। केरल, शिमला, गोवा, आगरा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मथुरा, काशी जैसी जगहें तो अपने विदेशी पर्यटकों के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं। भारत में अपने लोगों के साथ लाखों विदेशी लोग प्रतिवर्ष भारत घूमने आते हैं। भारत में पर्यटन की उपयुक्‍त क्षमता है। यहां सभी प्रकार के पर्यटकों को चाहे वे साहसिक यात्रा पर हों, सांस्‍कृतिक यात्रा पर या वह तीर्थयात्रा करने आए हों या खूबसूरत समुद्री-तटों की यात्रा पर निकले हों, सबके लिए खूबसूरत जगहें हैं। दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में तो लोगों को घूमते-घूमते महीना बीत जाता है।

एक समय ऐसा आया जब भारत के पर्यटन स्थल खतरे में नजर आने लगे और लगने लगा कि शायद अब भारत पर्यटक स्थल के नाम पर पर्यटकों की पहली पसंद नहीं रहेगा। दुनिया में आई आर्थिक मंदी और आतंकवाद के चलते ऐसा लगने लगा कि पर्यटक अब भारत का रुख करना पंसद नहीं करेंगे पर ऐसा नहीं हुआ। भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक सुन्दरता इतनी ज्यादा है कि पर्यटक ज्यादा समत तक यहां के सुन्दर नजारे देखने से दूर नहीं रह सके।

यही वजह है कि भारत में विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न शहरों में अलग-अलग योजनाएं भी लागू की गयीं हैं। भारतीय पर्यटन विभाग ने सितंबर 2002 में ‘अतुल्य भारत’ नाम से एक नया अभियान शुरू किया था। इस अभियान का उद्देश्य भारतीय पर्यटन को वैश्विक मंच पर प्रमोट करना था जो काफी हद तक सफल हुआ। इसी तरह राजस्थान पर्यटन विकास निगम ने रेलगाड़ी की शाही सवारी कराने के माध्यम से लोगों को पर्यटन का लुत्फ उठाने का मौका दिया। जिसे ‘पैलेस ऑन व्हील्स’नाम दिया गया। राजस्थान पर्यटन विकास निगम की यह पहल दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर भारत का नाम रोशन करने वाला माना गया है।

देश की पर्यटन क्षमता को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने वाला यह अपने किस्म का यह पहला प्रयास था। पर्यटन के क्षेत्र में विकास इसके पहले राज्य सरकारों के अधीन हुआ करता था। राज्यों में समन्वय के स्तर पर भी बहुत थोड़े प्रयास दिखते थे। देश के द्वार विदेशी सैलानियों के लिए खोलने का काम यदि सही और सटीक विपणन ने किया तो हवाई अड्डों से पर्यटन स्थलों के सीधे जुड़ाव ने पर्यटन क्षेत्र के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।> > आज सैलानी पर्यटन के लिहाज से सुदूर स्थलों की सैर भी आसानी से कर सकते हैं। निजी क्षेत्रों की विमान कंपनियों को देश में उड़ान भरने की इजाजत ने भी महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की है। सिमटती दूरियों के बीच लोग बाहरी दुनिया के बारे में भी जानने के उत्सुक रहते हैं। यही कारण है कि आज दुनिया में टूरिज्म एक फलता फूलता उद्योग बन चुका है।

World Tourism Day Essay in Hindi

World Tourism Day Essay in Hindi

विश्व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितम्बर को मनाया जाता है। 1970 मे संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के स्थापना दिवस पर यह मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरूआत 1980 से हुई।

पर्यटन से तात्पर्य मौजमस्ती, सैरसपाटे और व्यापार के लिए यात्रा से है। यह यात्रियो और मेज़बान लोगो के बीच मेल-मिलाप प्रमुख सूत्र है। यह लोगो के बीच संपर्क को बढ़ावा देता है जो कि अलग-अलग संस्कृतियो के होते हैं इस प्रकार यह सहिष्णुता को भी बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने ठीक ही कहा है कि शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व खोज मे लगी दुनिया के लिए पर्यटन एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है।

पर्यटन मे लगातार वृध्दि हो रही है।यह विश्वभर मे सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले आर्थिक क्षैत्रो मे से एक क्षेत्र बन गया है। यह वैश्विक वाणिज्य मे प्रमुख भूमिका अदा कर रहा है साथ ही विकासशील देशो मे आय का प्रमुख स्त्रोत बन गया है। विकासशील देशो मे पर्यटन राजस्व एंव रोज़गार सृजन का प्रमुख स्त्रोत बन गया है। पर्यटन दिवस का प्रमुख उद्देश्य लोगो मे पर्यटन के बारे मे जागरूक बनाना तथा इसके सांस्कृतिक,राजनीतिक तथा आर्थिक महत्व को उजागर करना है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने विश्व “पर्यटन की आचार-संहिता” तैयार की है ताकि किसी देश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण को पर्यटन के नकारात्मक प्रभावो से बचाया जा सके। पर्यटन ही एकमात्र वो तरीका है जिसके ज़रिये लोग नई संस्कृतियो के बारे मे जानते हैं।

संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यटन दिवस के लिए एक देश को मेज़बान देश घोषित करता है साथ ही प्रत्येक वर्ष एक विषय तय करता है। उदाहरण के लिए 1981 का विषय था- “पर्यटन और जीवन की विशेषता” तथा 1996 मे “पर्य़टन- सहिष्णुता और शांति का एक गुण” विषय था, 2010 का विषय था- “पर्यटन एंव जैवविविधता” (2010), “संस्कृतियों को जोड़ता पर्यटन” 2011 का विषय था।

विषय :

पर्यटन और जल (2013)

2013 मे विश्व पर्यटन दिवस पर संयुक्त राष्ट्र ने लोगो एंव पर्यटन उधोग को जल संरक्षण एंव जल प्रबंधन की सलाह दी। ताकि विश्व भर मे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा सके। यह आग्रह किया गया कि पर्यटक समुदाय को पर्यटन मे जल प्रबंधन के प्रमुख समस्याओं पर ध्यान देना चाहिये। तथा जल पर्यटन क्षेत्रो मे जल संरक्षण के उपायो को बढ़ावा देना चाहिये।

पर्यटन और सामुदायिक विकास (2014)

2014 मे विश्व पर्यटन दिवस “पर्यटन और सामुदायिक विकास” विषय के अंर्तगत मनाया गया। इसका मेज़बान देश मैक्सिको होगा। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन के द्वारा लोगो को सशक्त बनाने तथा क्षेत्रीय समुदायो को बदलाव मे प्रक्रिया मे शामिल करना है।

लोग क्या करते हैं / क्या कर सकते हैं :

पर्यटन को बढ़ाने के लिए विशेष पैकेज , किरायों मे कमी, मुफ्त प्रवेश व छूट आदि दिये जाते हैं। पर्यटको के पसंदीदा स्थल,क्षेत्र,गंतव्य स्थल, भोजन, संस्कृति आदि को बढ़ावा दिया जाता है। अनेक प्रकार की प्रतियोगिताएं जैसे फोटो प्रतियोगिता तथा पुरूस्कार वितरण आदि का आयोजन किया जाता है।

आम लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है कि वह इन तस्वीरों को शेयर करें ताकि सांस्कृतिक एंव पर्यावरीय जागरूकता को पर्यटन के ज़रिये बढ़ावा मिल सके। पर्यटन उन लोगो मे जोश भर देता है जो अलग-अलग जीवन पध्दतियो को अनुभव करना पसंद करते हैं,नये तरह के खाने और रीति-रिवाज को खोजते रहतें हैं। सांस्कृति स्थानो की यात्रा और अधिक पर्यटन के लिए प्रोत्साहित करती है।

पर्यटक अपने होटल के कमरों की लाईट बंद करके तथा विधुत उपकरणों के प्लग छुटाकर अपना एक योगदान दे सकतें हैं। ऊर्जा तथा जल बचाकर पर्य़टक एक छोटी सी शुरूआत कर सकते हैं। नहाने के दौरान जल बचाना और प्रतिदिन तौलिया व बैडशीट न बदलना इसके उदाहरण हैं।

World Tourism Day Essay Competition

यह दिवस प्रत्‍येक वर्ष विश्व पर्यटन संगठन WTO की ओर से विश्व पर्यटन दिवस‌ (World Tourism Day) के रूप में मनाया जाता है इस दिन को 27 सितंबर के दिन इसलिए मनया जाता है क्योंकि इसी दिन 1970 में विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था यूँ तो हर किसी को घूमना पसंद है और नई नई जगह जाना पसंद है लेकिन आज कल की भागदौड में आदमी को इतना टाइम ही नहीं मिल पाता कि वह कहीं घूमने जा सके इसको ध्‍यान में रखते हुऐ विश्‍व पर्यटन दिवस की शुरूआत की गई थी भारत में घूमने के लिए अनेकों ऐतिहासिक इमारतें, मंदिर आदि हैं भारत ने पर्यटकों का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए भारत सरकार द्वारा “अतुल्‍य भारत” योजना की भी शुरूआत की है यह योजना काफी सफल भी हुई थी भारत में प्रत्‍येक वर्ष लाखों की संख्‍या में पर्यटक आते हैं इन्‍हीं पर्यटकों को और आकर्षित करने के लिए प्रत्‍येक वर्ष विश्‍व पर्यटन दिवस की एक थीम रखी जाती है। विश्व पर्यटन दिवस सभी विश्व के संगठन के देश मनाते चले आ रहे हैं।

देश का पर्यटन उद्योग आने वाले वर्षों में छलांग लगाने की तैयारी में है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य पर्यटन के साथ उसके राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति विश्व समुदाय को जागरूक करने के साथ-साथ पर्यटन से अपने देश की आय को बढ़ाना है। पर्यटन पर 12वीं योजना के लिए कार्यसमूह ने 12वीं पंचवर्षीय योजनावधि में पर्यटन के विकास व संवर्धन के लिए 22,800 करोड़ रुपए आवंटित करने की सिफारिश की है, जो 11वीं योजना के लिए आवंटित 5,156 करोड़ रुपए के मुकाबले चार गुना से अधिक है। इसके अलावा, पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण ढांचागत क्षेत्र के सुधार पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान देने एवं विभिन्न राज्यों द्वारा पर्यटन स्थलों को लोकप्रिय बनाने की पहल से इस क्षेत्र को जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा। पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय के मुताबिक, ‘भारत ने 2016 तक पर्यटन क्षेत्र में 12 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। अगर यह हासिल हो जाता है तो हम ढाई करोड़ अतिरिक्त रोजगार पैदा करने में समर्थ होंगे। एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (एडीटीओआई) के अध्यक्ष सुभाष वर्मा ने कहा, ‘पर्यटन क्षेत्र को अभी तक सरकार द्वारा उद्योग का दर्जा नहीं दिया गया। लेकिन, हाल की गतिविधियों से लगता है कि सरकार पर्यटन क्षेत्र के महत्व को पहचान रही है। यही वजह है कि योजना आयोग ने भी आवंटन बढ़ाने की सिफारिश की है।’
पर्यटन क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने से उत्तरप्रदेश घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में आंध्र को पछाड़ कर 2011 में शीर्ष पायदान पर काबिज हो गया। इस दौरान उत्तरप्रदेश ने 15.54 करोड़ घरेलू सैलानी आकर्षित किए, जबकि 15.31 करोड़ घरेलू पर्यटकों के साथ आंध्रप्रदेश दूसरे पायदान पर रहा। 2010 में आंध्रप्रदेश पहले पायदान पर था।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के अध्यक्ष सुभाष गोयल ने कहा, ‘योजना आयोग द्वारा 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए आबंटन बढ़ा कर चार गुना से अधिक करने की सिफारिश से ग्रामीण पर्यटन, हुनर से रोजगार, कौशल विकास आदि पर खर्च बढ़ेगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। गोयल ने कहा, ‘इसके अलावा, राज्यों को उनकी पर्यटन विकास योजनाओं के लिए अधिक आवंटन संभव हो सकेगा, जिससे राज्य अपने पर्यटन स्थलों को तेजी से विकसित करेंगे

Essay on World Tourism Day in English

We must better understand the growing economic, societal and environmental impacts of technology and innovation in tourism if our sector is to sustain continuous and inclusive growth in line with the Sustainable Development Goals of the United Nations.

“Tourism and the Digital Transformation” is the theme of this year’s World Tourism Day (WTD).We know that a digitally advanced tourism sector can improve entrepreneurship, inclusion, local community empowerment and efficient resource management, amongst other important development objectives. This year’s WTD will help us to further explore the opportunities provided to tourism by technological advances including big data, artificial intelligence and digital platforms.

In June 2020, in anticipation of WTD and to give visibility to innovative ideas capable of revolutionizing the way we travel and enjoy tourism, the World Tourism Organization(UNWTO) and Globalia launched the 1st UNWTO Tourism Startup Competition. The startups with the best projects will be announced as semi-finalists during the WTD official celebration in Budapest.

World Tourism Day 2020 is a unique opportunity to raise awareness on the potential contribution of digital technologies to sustainable tourism development, while providing a platform for investment, partnerships and collaboration towards a more responsible and inclusive tourism sector.

World Tourism Day Short Essay

विश्व पर्यटन दिवस समारोह संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा 1980 में शुरु किया गया जो प्रत्येक वर्ष 27 सितम्बर को मनाया जाता है। यह विशेष दिन इसलिये चुना गया क्योंकि इस दिन 1970 में यू.एन.डब्ल्यू.टी.ओ. के कानून प्रभाव में आये थे जिसे विश्व पर्यटन के क्षेत्र में बहुत बडा मील का पत्थर माना जाता है, इसका लक्ष्य विश्व पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में अन्तर्राष्ट्रीय समुदायों के साथ साथ सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर कैसे प्रभावित करता है के बारे में लोगों को जागरुक करना है। ये दिन हर साल एक विशेष विषय के साथ लोगों को जागरुक करने के लिये पूरे विश्व में मनाया जाता है। 2013 में इस कार्यक्रम का विषय पर्यटन और पानी: हमारे साझे भविष्य की रक्षा था और 2014 में पर्यटन और सामुदायिक विकास। शायद 2015 में इस कार्यक्रम का विषय लाखों पर्यटक, लाखों अवसर होगा। ये दिन हर साल 27 सितम्बर को लोगों को पर्यटन के महत्व के बारे में जागरुक करने के लिये मनाया जाता है | हर वर्ष आम जनता के लिए एक संदेश यू.एन.डब्ल्यू.टी.ओ. के महासचिव द्वारा इस अवसर में भाग लेने के लिए भेजा जाता है। ये विभिन्न पर्यटन उद्यमों, संगठनों, सरकारी एजेंसियों और आदि के द्वारा बहुत रुचि के साथ मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएँ जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये फोटो प्रतियोगिता, मुफ्त प्रवेश के साथ पर्यटन पुरस्कार प्रस्तुतियाँ, आम जनता के लिये छूट/ विशेष प्रस्ताव आदि आयोजित किये जाते हैं। पर्यटकों के लिए विभिन्न आकर्षक और नए स्थलों की वजह से पर्यटन दुनियाभर में लगातार बढ़ने वाला और विकासशील आर्थिक क्षेत्र बन गया है। तो यह विकासशील देशों के लिए आय का मुख्य स्रोत बन गया है।

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