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World No Tobacco Day Essay in Hindi – 31 मई विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर निबंध 2018

World No Tobacco Day 2018: हर साल 31 मई को डब्ल्यूएचओ (WHO) द्वारा विश्व तंबाकू दिवस मनाया जाता है, जो तंबाकू के उपयोग से होने वाली स्वास्थ्य सम्बंधित हानियों को उजागर करता है और खपत को कम करने के लिए प्रभावी नीतियों का इस्तेमाल करता है। तंबाकू का उपयोग वैश्विक स्तर पर मृत्यु का दूसरा कारण है और वर्तमान में दुनिया भर में 10 वयस्कों में से एक की मोत के लिए भी यह जिम्मेदार है। इसलिए हम आप सबसे यही कहेंगे की Say No to Tobacco! आइये देखें essay on world anti tobacco Day in hindi, World No Tobacco Day Nibandh, वर्ल्ड नो तंबाकू डे पर निबंध, विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर निबंध, short essay on World No Tobacco Day in Hindi व हिंदी एस्से ओन वर्ल्ड नो टोबैको डे आदि|

विश्व तंबाकू निषेध दिवस कब मनाया जाता है

विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2018: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई 2018 को विश्व भर में WHO द्वारा मनाया जाता है| इसके अंतर्गत तम्बाकू के खिलाफ होने वाली बिमारिओ के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है| इस साल भी ये दिन 31 May 2018, गुरुवार को मनाया जाएगा|

31 मई विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर हिंदी निबंध

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पूरे विश्व के लोगो को तम्बाकू के खतरों से बचाने के लिए और सभी लोग तम्बाकू के खतरों के प्रति सचेत रहे इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए विश्व स्वास्थ्य संघटन / World Health Organization (WHO) के स्थापना दिवस पर पहली बार विश्व स्वास्थ्य संघटन के कुछ सदस्यों द्वारा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस / World No Tobacco Day का शुभारम्भ किया गया फिर आगे चलकर 31 मई 1987 को पहली बार पूरे विश्व में World No Tobacco Day का आयोजन हुआ जिसके बाद हर साल पूरे विश्व के अलग अलग देशो में World No Tobacco Day मनाया जाने लगा

तम्बाकू सेवन के मामले में इन्सान का कुछ ऐसा ही हाल है यदि इन्सान को सीधे तौर से जानवर कह दिया जाय तो बुरा मान लेता है लेकिन यदि उसे जानवरों के राजा यानि शेर कहा जाय तो खुद पर गर्व महसूस करने लगता है ठीक उसी तरह यदि कोई व्यक्ति नशा का आदी है तो वह लोकलाज के डर से कही भी मौका मिलने पर चोरी छिपे नशा जरुर करता है लेकिन जब किसी पार्टी, बड़े जगहों पर लोग खुलकर धुम्रपान, नशा करते है तो वही व्यक्ति नशा करने में अपने आप पर फक्र महसूस करता है यानी नशा करने में व्यक्ति कही न कही झूटे मुठे दिखावापन के कारण भी खुद को नशा करने की तरफ ले जाता है

तो अब बात करते है विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर आखिर हम सभी इतने पढ़े लिखे होने के बावजूद आखिर विश्व स्वास्थ्य संघटन / World Health Organization (WHO) को आखिर विश्व के लोगो को जागरूक करने की ऐसी आवश्यकता क्यू पड़ जाती है जिसके चलते पूरे विश्व में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस / World No Tobacco Day मनाना पड़ता है तम्बाकू में जिस रसायन की मात्रा सबसे अधिक पायी जाती है वो है निकोटिन, निकोटिन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है यह इन्सान को नशे का आदी तो बनाता ही है साथ में इसके प्रभाव से मानव शरीर में अनेको प्रकार के कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों को जन्म भी देती है निकोटिन के प्रभाव के चलते व्यक्ति को भूख, प्यास, दिमाग आदि का काम करना बंद कर देता है जिसके चलते धीरे धीरे व्यक्ति पूर्ण रूप से बिना नशे के जीवित नही रह पाता है और वही नशा एक दिन व्यक्ति के जीवन के अंत का कारण भी बनता है

तो ऐसे में एक तरफ जहा व्यक्ति खुद को नशे के चलते बर्बाद तो करता ही है और नशे के कारण उसके साथ के रहने वाले परिवार तथा आसपास के लोग भी बहुत अधिक प्रभावित होते है खासतौर पर अक्सर देखा जाता है की जिन घरो में कोई भी व्यक्ति चोरी छिपे या खुले रूप किसी भी प्रकार से नशे का सेवन करता है तो निश्चित ही उस घर के बच्चे भी उन बड़े व्यक्तियों के नशे करते हुए देखते है तो कही न कही बच्चे की सिखने की ललक भी उन्हें बचपन से गलत रास्ते पर ले जाने में सहायक होने लगती है और यही बच्चा आगे चलकर खुलेआम नशे का सेवन करने लगता है जिसके लिए उस बच्चे के घर परिवार के सदस्य या वे वे मित्र दोस्त ही लोग जिम्मेदार होते है जिन जिन लोगो के सम्पर्क में वो बच्चा रहता है|

“तम्बाकू का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है “

“Smoking is injurious to Health”

“No Smoking”

Essay on World No Tobacco Day in Hindi

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस कैसे मनाया जाता है ?

World No Tobacco Day Kaise Manaya Jata Hai

31 May को विश्व स्वास्थ्य संघटन / World Health Organization (WHO) के देखरेख में हर साल World No Tobacco Day मनाया जाता है अलग अलग देशो में सार्वजनिक जगहों पर मार्च, प्रदर्शनी, झंडे बैनर द्वारा लोगो को जागरूक किया जाता है कुछ देश की सरकारे भी इस कार्यक्रम में बढ़कर चढ़कर हिस्सा लेती है लोगो द्वारा नाट्य मंचन, तम्बाकू से होने वाले नुकसानों पर विचार विमर्श, भाषण का भी आयोजन किया जाता है जिसमे लोगो को तम्बाकू से होने वाले नुकसानों को बताया जाता है तथा साथ लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहे सजग रहे लोग अपना ख्याल रखे तथा दुसरो को भी लोग इसके बुरे परिणामो से सचेत करते रहे, World No Tobacco Day मनाने का मुख्य यही मकसद होता है

World No Tobacco Day Essay in Hindi

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पूरे विश्व के लोगों को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिये तथा सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिये तंबाकू चबाने या धुम्रपान के द्वारा होने वाले सभी परेशानियों और स्वास्थ्य जटिलताओं से लोगों को आसानी से जागरुक बनाने के लिये पूरे विश्व भर में एक मान्यता-प्राप्त कार्यक्रम के रुप में मनाने के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पहली बार विश्व तंबाकू निषेध दिवस को आरम्भ किया गया।

रोग और इसकी समस्याओं से पूरी दुनिया को मुक्त बनाने के लिये डबल्यूएचओ द्वारा विभिन्न दूसरे स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं जैसे एड्स दिवस, मानसिक स्वास्थ्य दिवस, रक्त दान दिवस, कैंसर दिवस आदि। बहुत ही महत्वपूर्ण ढंग से पूरी दुनिया में सभी कार्यक्रम आयोजित और मनाये जाते हैं। इसे पहली बार 7 अप्रैल 1988 को डबल्यूएचओ की वर्षगाँठ पर मनाया गया और बाद में हर वर्ष 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस के रुप में मनाने की घोषणा की गयी। डबल्यूएचओ के सदस्य राज्यों के द्वारा वर्ष 1987 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रुप में इसका सृजन किया गया था।

पूरे विश्व से किसी भी रुप में तंबाकू का सेवन पूरी तरह से रोकने या कम करने के लिये लोगों को बढ़ावा देने और जागरुकता के विचार से इसे मनाया जाता है। दूसरों पर इसकी जटिलताओं के साथ ही तंबाकू इस्तेमाल के नुकसानदायक प्रभाव के संदेश को फैलाने के लिये वैश्विक तौर पर लोगों का ध्यान खींचना इस उत्सव का लक्ष्य है। इस अभियान में कई वैश्विक संगठन शामिल होते हैं जैसे राज्य सरकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठन आदि विभिन्न प्रकार के स्थानीय लोक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

निकोटीन की आदत स्वास्थ्य के लिये बहुत हानिकारक है जो कि जानलेवा होता है और मस्तिष्क “अभावग्रस्त” रोग के रुप में जाना जाता है जो कभी भी उपचारित नहीं हो सकता है हालाँकि पूरी तरह से गिरफ्तार किया जा सकता है। दूसरे गैर-कानूनी ड्रग्स, मेथ, शराब, हीरोइन आदि की तरह ये मस्तिष्क डोपामाइन पथ को रोक देता है। दूसरे उत्तरजीविता क्रियाएँ जैसे खाना और पीने वाले भोजन और द्रव की तरह शरीर के लिये निकोटीन की जरुरत के बारे में गलत संदेश भेजने के लिये ये दिमाग को तैयार करता है।

उनके जीवन को बचाने के लिये धरती पर पहले से इस्तेमाल करने वालो की मदद के लिये स्वास्थ्य संगठनों के द्वारा विभिन्न प्रकार के निकोटीन की लत छुड़ाने के तरीके उपलब्ध हैं। “तंबाकू मुक्त युवा” के संदेश अभियान के द्वारा और 2008 का विश्व तंबाकू निषेध दिवस को मनाने के दौरान इसके उत्पाद या तंबाकू के प्रचार, विज्ञापन और प्रायोजन को डबल्यूएचओ ने प्रतिबंधित कर दिया है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस थीम – World No Tobacco Day Theme 2018

विश्व तंबाकू निषेध दिवस को पूरे विश्व भर में प्रभावशाली तरीके से मनाने के लिये, अधिक जागरुकता के लिये लोगों में एक वैश्विक संदेश फैलाने के लिये केन्द्रिय अंग के रुप में हर साल एक खास विषय का डबल्यूएचओ चुनाव करता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उत्सव को आयोजित करने वाले सदस्यों को इस विषय पर दूसरे प्रचारक वस्तुएँ जैसे ब्रौचर, पोस्टर, फ्लायर्स, प्रेस विज्ञप्ति, वेबसाइट्स आदि भी डबल्यूएचओ के द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

1987 से लेकर 2014 के विषय (थीम) वर्ष के आधार पर दिये गये हैं:

वर्ष 1987 का थीम था “प्रथम धुम्रपान रहित ओलंपिक (1988 ओलंपिक शीत ऋतु- कैलगैरी)।”

वर्ष 1988 का थीम था “तंबाकू या स्वास्थ्य: स्वास्थ्य को चुनें।”

वर्ष 1989 का थीम था “तंबाकू और महिलाएँ: महिला धुम्रपान करने वाली: जोखिम को बढ़ाती हुयी।”

वर्ष 1990 का थीम था “बचपन और युवा बिना तंबाकू के: बिना तंबाकू के बड़ा होना।”

वर्ष 1991 का थीम था “सार्वजनिक स्थल और परिवहन: तंबाकू मुक्त बेहतर होता है।”

वर्ष 1992 का थीम था “तंबाकू मुक्त कार्यस्थल: सुरक्षित और स्वास्थ्यकर।”

वर्ष 1993 का थीम था “स्वास्थ्य सेवा: एक तंबाकू मुक्त विश्व लिये हमारी खिड़की।”

वर्ष 1994 का थीम था “मीडिया और तंबाकू: संदेश को सभी ओर भेजो।”

वर्ष 1995 का थीम था “आपकी सोच से ज्यादा होता है तंबाकू की कीमत।”

वर्ष 1997 का थीम था “तंबाकू मुक्त विश्व के लिये एकजुट हों।”

वर्ष 1998 का थीम था “तंबाकू के बिना बड़ा होना।”

वर्ष 1999 का थीम था “डिब्बे को पीछे छोड़ो।”

वर्ष 2000 का थीम था “तंबाकू मारता है, बेवकूफ मत बनो।”

वर्ष 2001 का थीम था “दूसरों से प्राप्त धुँआ मारता है।”

वर्ष 2002 का थीम था “तंबाकू मुक्त खेल।”

वर्ष 2003 का थीम था “तंबाकू मुक्त फिल्म, तंबाकू मुक्त फैशन।”

वर्ष 2004 का थीम था “तंबाकू और गरीबी, एक पापमय वृत।”

वर्ष 2005 का थीम था “तंबाकू के खिलाफ स्वास्थ्य पेशेवर।”

वर्ष 2006 का थीम था “तंबाकू: किसी भी रुप या वेश में मौत।”

वर्ष 2007 का थीम था “अंदर से तंबाकू मुक्त।”

वर्ष 2008 का थीम था “तंबाकू मुक्त युवा।”

वर्ष 2009 का थीम था “तंबाकू स्वास्थ्य चेतावनी।”

वर्ष 2010 का थीम था “महिलाओं के लिये व्यापार पर जोर के साथ लिंग और तंबाकू।”

वर्ष 2011 का थीम था “तंबाकू नियंत्रण पर डबल्यूएचओ रुपरेखा सम्मेलन।”

वर्ष 2012 का थीम था “तंबाकू उद्योग हस्तक्षेप।”

वर्ष 2013 का थीम था “तंबाकू के विज्ञापन, प्रोत्साहन और प्रायोजन पर बैन।”

वर्ष 2014 का थीम था “तंबाकू पर ‘कर’ बढ़ाओ।”

वर्ष 2015 का थीम था “तंबाकू उत्पादों के अवैध व्यापार को रोकना।”

Essay on World No Tobacco Day in Hindi

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हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस ( वर्ल्ड नो टोबैको डे) मनाया जाता है. इस दिन को मनाने की शुरुआत विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) ने 1987 में की थी. पूरी दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 60 लाख लोग तम्बाकू के प्रयोग के कारण मर जाते हैं, इसलिए इस दिन को मनाने के पीछे का ध्येय यही है कि आम जनता तम्बाकू से होने वाले नुक्सान को जाने और तम्बाकू से बने पदार्थों से दूर रहे.

तम्बाकू एक धीमा जहर है जो सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे धीरे करके मौत के मुँह मे धकेलता रहता है। लोग जाने अनजाने मे तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते रहते है, धीरे धीरे शौक लत मेँ परिवर्तित हो जाता है और तब नशा आनंद प्राप्ति के लिए नहीं बल्कि ना चाहते हुए भी किया जाता है एक शायर ने क्या खूब कहा है –

कौन कमबख्त पीता है मजा लेने के लिए,
हम तो पीते हैं क्योंकि पीनी पड़ती है !

तम्बाकू उत्पादों का सेवन अनेक रूप में किया जाता है, जैसे बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, जर्दा, खैनी, हुक्का, चिलम आदि। सिगरेट, बीडी और हुक्के का हर कश एवं गुटखे, जर्दे, खैनी की हर चुटकी हर पल मौत की ओर ले जा रही होती है।

तम्बाकू उत्पादों के सेवन से नुकसान / Harmful effects of tobacco in Hindi

तम्बाकू में मादकता या उतेजना देने वाला मुख्य घटक निकोटीन (Nicotine) है यही तत्व सबसे ज्यादा घातक भी है।
इसके अलावा तम्बाकू मे अन्य बहुत से कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व पाये जाते है।
धुम्रपान एवँ तम्बाकू खाने से मुँह् ,गला, श्वासनली व फेफडोँ का कैंसर (Mouth, throat and lung cancer ) होता है।
दिल की बीमारियाँ (Heart Disease )
धमनी काठिन्यता,उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure )
पेट के अल्सर (Stomach Ulcer ),
अम्लपित (Acidity),
अनिद्रा (insomnia) आदि रोगों की सम्भावना तम्बाकू उत्पादों के सेवन से बढ़ जाती है।

तम्बाकू की लत के कारण / Cause of tobacco addiction in Hindi

कभी दूसरों की देखा देखी, कभी बुरी संगत मे पडकर कभी मित्रो के दबाब में, कई बार कम उम्र मेँ खुद को बडा दिखाने की चाहत में तो कभी धुएँ के छ्ल्ले उडाने की ललक,कभी फिल्मों मे अपने प्रिय अभिनेता को धूम्रपान करते हुए देखकर तो कभी पारिवारिक माहौल का असर तम्बाकू उत्पादों की लत का कारण बनता है। अधिकतर लोग किशोरावस्था या युवावस्था मेँ दोस्तोँ के साथ सिगरेट, गुट्खा, जर्दा, आदि का शौकिया रूप मेँ सेवन करते है शौक कब आदत एवँ आदत लत मे बदल जाती है पता ही नहीं चलता और जब तक पता चलता है तब तक शरीर को बहुत नुक्सान पहुँच चुका होता है।

धूम्रपान, जर्दा, खैनी आदि नशा छोडने के उपाय ( How to quit tobacco / smoking in Hindi )

  • नशा छोड्ने का मन से निश्चय करेँ।
  • यदि नशा एक बार मेँ झटके से छोड्ना मुश्किल लगे तो धीरे धीरे मात्रा कम करते हुए छोड़ें।
  • सभी मित्रोँ,परिचितों को बता दें कि आपने नशा छोड दिया है ताकि वे आपको नशा करने के लिये बाध्य ना करेँ।
  • डायरी लिखेँ कि आप कब और कितनी मात्रा मे नशा करते हैं क्या कारण है जो आपको नशा करने के लिये प्रेरित होते हैं।
  • अपने पास सिगरेट, गुटखा, तम्बाकू, एवँ माचिस आदि रखना छोड देँ।
  • खान पान एवं लाइफ स्टाइल में सुधार करें।

31 मई को तम्बाकू निषेध दिवस / World No Tobacco Day मनाया जाता है आइये इस अवसर पर हम संकल्प लें कि खुद भी नशा नही करेंगे और अन्य लोगो को भी नशा ना करने के लिये प्रोत्साहित करेंगे।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर निबंध

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर कथन

  1. “तंबाकू छोड़ना इस दुनिया का सबसे आसान कार्य है। मैं जानता हूँ क्योंकि मैंने ये हजार बार किया है।”- मार्क तवैन
  2. “तंबाकू मारता है, अगर आप मर गये, आप अपने जीवन का बहुत महत्वपूर्ण भाग खो देंगे।”- ब्रुक शील्ड
  3. “तंबाकू का वास्तविक चेहरा बीमारी, मौत और डर है- ना कि चमक और कृत्रिमता जो तंबाकू उद्योग के नशीली दवाएँ बेचने वाले लोग हमें दिखाने की कोशिश करते हैं।”-डेविड बिर्न
  4. “ज्यादा धुम्रपान करना जीवित इंसान को मारता है और मरे सुअर को बचाता है।”- जार्ज डी प्रेंटिस
  5. “सिगरेट छोड़ने का सबसे अच्छा तरीका है तुरंत इसको रोकना- कोई अगर, और या लेकिन नहीं।”- एडिथ जिट्लर
  6. “सिगरेट हत्यारा होता है जो डिब्बे में यात्रा करता है।”- अनजान लेखक
  7. “तंबाकू एक गंदी आदत है जैसे कथन के लिये मैं समर्पित हूँ।”- कैरोलिन हेलब्रुन

Essay on World No Tobacco Day in English

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World No Tobacco Day is observed around the world every year on May 31. The Member States of the World Health Organization created this in 1987 to draw global attention of the tobacco epidemic and the preventable death and disease it causes. In 1987 , the World Health Assembly passed Resolution calling 7 April 1988 to be the “World No-Smoking Day.” In 1988 , Resolution was passed, calling for the celebration of World No Tobacco Day, every year on 31 May. It aims to reduce the deaths from tobacco related health problems.

Tobacco is the second major cause of death in the world. It is well known that half the people who smoke regularly today- about 650 million people – will eventually be killed by tobacco. Equally alarming is the fact that hundreds of thousands of people who have never smoked die each year from diseases caused by breathing second – hand tobacco smoke

This yearly celebration informs the public on the dangers of using tobacco, the business practices of tobacco companies, what WHO is doing to fight the tobacco epidemic, and what people around the world can do to claim their right to health and healthy living and to protect future generations.

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