Speech for Farewell (विदाई समारोह) in Hindi

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कभी न कभी हर किसी के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब व्यक्ति को या तो किसी को विदाई देनी होती है या फिर अन्य व्यक्तियों द्वारा उसे बिदाई दी जाती है । इसके लिए बिदाई समारोह का आयोजन किया जाता है और उनके सम्मान में कई प्रोग्राम की तैयारी भी जाती है । इन programs के साथ हमे एक चीज की आवश्यकता और पड़ती है और वो है Farewell Speech । ये स्पीच कई प्रकार की हो सकती है जैसे -छात्र विदाई समारोह का भाषण,अध्यापक के विदाई समारोह पर भाषण, भावुक भाषण for office colleague आदि ।

विदाई भाषण (goodbye speech) का अर्थ

फ़ेयरवेल स्पीच का अर्थ केवल अलविदा (goodbye) , धन्यवाद (thank you) और फिर मिलेंगे (see you later) तक ना रहकर अपने साथी के साथ बिताए सुनहेरे पलों को याद करने , आगे आने वाले भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देने से होता है जहाँ हम wish करते है की उसका  आने वाला सफर के खुशहाल एवं मंगलमय हो । आइए पढ़ते है बहुत ही सुन्दर Farewell Speech For Friends, Farewell Speech for juniors, Motivational फ़ेयरवेल वचन ।

फ़ेयरवेल स्पीच by outgoing students of class 10

मेरे प्रिय अनुजों
वैसे तो आज यह खुशी और दुख दोनो का दिन है। खुशी का इसलिए कि मैं अपनी जिंदगी में एक कदम और आगे बढ़ना। और दुख का कारण यह कि मैं अपने प्रिय शिक्षकों, अनुजों , और सहपाठियों से बिछड़ जाऊँगा। सबसे पहले तो मैं अपने शिक्षकों का धन्यवाद करना चाहूंगा कि वो मुझे इस काबिल बना सके। की मैं आपके सामने कुछ बोल पा रहा हु।इस विद्यालय/कॉलेज में आने से पहले मेरे अंदर अपनी बात रखने को लेकर बहुत हिचक रहती थी।

परंतु यहां आने के पश्चात मेरी यह समस्या को मेरे शिक्षकों के द्वारा दूर कर दिया गया।मेरे पास बोलने के लिए वैसे तो कुछ ज्यादा नही है। परंतु एक खुशी जरूर है। कि मुझे आज उन लोगो के बीच बोलने का अवसर प्राप्त हो रहा है। जो उस मोड़ में खड़े हैं। जहां उनको जीवन के संघर्षतम जीवन मे प्रवेश करना है। जो यहां से दिए जाने वाले ज्ञान से अच्छे पदों में प्रविष्ठ होकर घर, परिवार ,आ उर विद्यालय आदि का नाम रोशन करेगे। मुझे ये नही लगता कि मैं अपने अनुजों का कोई मार्गदर्शन कर सकता हूं।

या अपने अनुजों के अंदर कोई अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार कर सकता है। किन्तु मैं यह जरूर कह सकता हु की मैं यहां पर सिखाये जाने वाले उस श्रम, धैर्य मार्गदर्शन अनुशासन , शिक्षकों के ज्ञान को यदि जीवन मे उतार लिया तो आपके जीवन मे असम्भव कुछ भी नही है। अंत मे मैं अपने अनुजों से यही कहना चाहूंगा कि आपका पथ प्रशस्त हो , लक्ष्य उन्नति हो, गति अबाध रहे। सबसे अंत मे मैं बशीर बद्र की दो लाइन कहकर अपनी वाणी को विराम दूंगा।

ये एक पेड़ है। आ इस से मिलकर रो ले हम।
यहां से तेरे मिरे रास्ते अलग है।

Farewell Speech फॉर सीनियर्स इन स्कूल

सभी आदरणीय श्रोताओं को सुप्रभात। आज हम सब यहां पर हमारे सीनियर्स के फेयरवेल में जमा हुए हैं और आप सभी ने इस मौके पर मुझे मेरे विचार रखने का मौका दिया, जिसके लिए मैं आप सब का शुक्रगुजार हूं। मैं यहां खड़े हर व्यक्ति को अपने विचारों से अवगत कराना चाहूंगा और यह बताना भी चाहूंगा कि इस कार्यालय में मेरे सीनियर्स का मेरे काम के प्रति क्या किरदार रहा है।

आदरणीय श्रोताओं मैं अपने भाषण को अपने कार्यालय में पहले दिन से शुरू करता हूं। दरअसल हम सबकी ज़िन्दगी में वह लम्हा जरूर आता है जब हमें किसी भी कार्य को पहली बार करना होता है। उस वक़्त हम अपनी तमाम जानकारी को चाहते हुए भी प्रयोग नहीं कर पाते या यूं कहूँ कि हम अपनी तमाम जानकारियों को भूल कर, घबराने लग जाते हैं।

उदाहरण के तौर पर उस दिन को याद कीजिए जब आप पहली बार आपने पहली बार कार चलाई थी। कार के बारे में सब कुछ जानने के बावजूद आप काफी ज्यादा घबराए हुए थे। आदरणीय श्रोताओं जब मैंने पहली बार इस कार्यालय में कदम रखा तो मेरे लिए यहां कार्य करने का अनुभव वैसा ही था। मैं काफी ज्यादा घबराया हुआ था, और कार्यालय के माहौल को लेकर अपने मन में कई सारे पूर्वाग्रह बनाकर डरा हुआ था।

मुझे ऐसा लगता था कि यहाँ पर अच्छे से काम न कर पाने पर मेरा मजाक उड़ाया जाएगा। लेकिन दोस्तों ऐसा नहीं था। इस कार्यालय का वातावरण अन्य कार्यालयों से अलग था क्यूंकि यहां पर आप जैसे सीनियर्स मौजूद थे। आप लोग ने सदैव ही अपने जूनियर्स को प्रेरित किया और उनकी सहायता की। आदरणीय श्रोताओं, मेरे व्यक्तित्व पर मेरे सीनियर्स का प्रभाव काफी ज्यादा रहा। ये लोग हमेशा से ही मेरे कार्य में मेरा दिशा निर्देश करते रहे हैं।

आदरणीय श्रोताओं मैं अपने करियर के शुरुआती दिनों के बारे में बताना चाहूँगा। मेरे मन में यह अवधारणा थी कि सीनियर्स काफी ज्यादा बुरे होते हैं और वे अपने जूनियर्स को परेशान करते हैं एवं उनके काम में बाधा डालते हैं लेकिन यहां आकर मैंने यह देखा कि मेरे सीनियर्स ऐसे बिल्कुल भी नहीं थे।

आदरणीय श्रोताओं, एक व्यक्ति जिसके पास बहुत ज्यादा अनुभव हो उसे हमेशा ही झुका हुआ होना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि बड़ा व्यक्ति हमेशा दूसरों की सहायता करता है एवं उनके लिए कार्यरत रहता है। आदरणीय श्रोताओं मैंने अपने सीनियर्स में ऐसे ही व्यक्ति की छवि को देखा।

अब आते हैं आज के दिन पर। आज का दिन अपने आप में काफी ज्यादा खास है। आज हमारे सभी सीनियर्स की ट्रेनिंग खत्म हो चुकी है और वे प्रमोशन लेकर जा रहे हैं। दोस्तों यह उन सभी के लिए काफी खास लम्हा है लेकिन यह मेरे व आपके जैसे जूनियर्स के लिए एक बुरा अनुभव है। हम सभी को पता तो था कि यह दिन जरूर आएगा, लेकिन यह दिन इतना ज्यादा बुरा होगा यह हम लोगों में से किसी ने भी शायद ही सोचा हो।

आदरणीय श्रोताओं, आना जाना इस दुनिया का नियम है। आज हमारे सीनियर्स के लिए एक खुशी का मौका है, और मुझे ऐसा लगता है कि हमें भी उनके लिए खुश होना चाहिए और उन्हे उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं देनी चाहिए। मैं अपने सभी सीनियर्स का धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होने हमें यह बताया कि एक अच्छा सीनियर कैसे होते हैं।  आदरणीय श्रोताओं, मुझे सुनने के लिए आप सभी का बहुत बहुत आभार, मैं अब अपनी वाणी को यही विराम देकर अपनी जगह लेना चाहूंगा।

धन्‍यवाद

Official Farewell Speech

ऑफिस में हमे खासकर 2 मौकों पर किसी को अलविदा कहना पड़ता है जिसके लिए हमे उनका शुक्रिया करने के लिए बोली की जरूरत होती है जो इस प्रकार हम उनको vidai देते है।

  • फ़ेयर वेल स्पीच for colleague

  • फ़ेयर वेल स्पीच on retirement of colleague

आदरणीय श्रोताओं को सुप्रभात। आज हम सभी यहां पर मेरे फेयरवेल के लिए इकठ्ठा हुए हैं। मैं आप सभी का यहां पर स्वागत करता हूं और अपने विचार व्यक्त करने देने के लिए प्रबंधन समिति का धन्यवाद करता हूं। प्रबंधन समिति का धन्यवाद इस लिए भी कि उन्होने मेरे लिए इस समारोह का आयोजन किया। यह आयोजन ही एक प्रकार से मेरे लिए गौरव का क्षण है। आदरणीय श्रोताओं, आप सभी यहां पर आए उसके लिए आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद।

मैं अपने इस संबोधन में मेरे कार्यकाल में मेरे साथियों के योगदान का जिक्र करूंगा। चूंकि यहां पर सभी साथी मौजूद हैं, इसलिए यह करना उचित भी रहेगा। आदरणीय श्रोताओं, मित्रता के विषय में ऐसा कहा जाता है कि इंसान सारे रिश्ते भगवान के घर से ही बनवा कर आता है। लेकिन केवल मित्रता का रिश्ता ही एकमात्र ऐसा होता है जो वह यहां आकर बनाता है। मित्रता करते वक़्त हम कभी भी यह नहीं देखते कि व्यक्ति हमारे स्तर का है या नहीं, व्यक्ति हमारे रंग, रूप, स्तर से भले ही ना मेल खाता हो, लेकिन हमें केवल उससे अपना दिल मिलाना होता है। आदरणीय श्रोताओं यहां बैठा मेरा हर एक सहकर्मी, मेरा परम मित्र है।

मैं आपको अपने शुरुआती दिनों में लेकर चलता हूँ। उस समय मैं इस कार्यालय की पद्धति से काफी ज्यादा भयभीत था और इस क्षेत्र में नया होने के कारण काफी ज्यादा डरता भी था कि क्या मैं इस जगह पर सही कार्य कर पाऊंगा या मैं अपने कार्यों के कारण मजाक का पात्र बन जाऊंगा। लेकिन प्यारे साथियों, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, मेरे सहकर्मियों ने कभी भी मुझपर दिखावे का दबाव नहीं बनाया। वे खुद भी काफी ज्यादा कर्मठ थे और उन्होंने मुझे भी हमेशा कर्मठ होने के लिए प्रेरणा दी थी।

साथियों मैं अपने जीवन का एक बड़ा भाग इस कार्यालय में बिताया है। यह मेरे लिए मेरे दूसरे घर जैसा था। साथियों आप जानते हैं कि एक घर हमेशा ही घर के सदस्यों से बनता है। मेरे सहकर्मियों ने हमेशा कार्यालय में मुझे घर जैसा माहौल दिया। हमारी दोस्ती की मिसालें कम्पनी की दूसरी ब्रांच में दी जाती है। यह मेरे लिए एक उपलब्धि की तरह है।

मैं कभी भी लंच के समय मे बिताए हुए लम्हों को नहीं भूला. सकता। वह एक ही टिफिन से हम सबका खाना, वो एक ही कार से घर तक जाना। यह मेरे साथियों की दोस्ती के कारण ही हो पाया है कि कार्यालय कभी भी मुझे बोझ की तरह नहीं लगा। ना ही मैंने अपने कार्यकाल के दौरान एक भी अवकाश लिया।

मैं उन दिनों को नहीं भूल सकता जब हम में से किसी का भी प्रमोशन नहीं हुआ था। हम सब एक ही टीम में थे। हमारे टारगेट को प्राप्त करने के तरीके कितने अधिक यादगार थे। हमारी टीम ही हमेशा ही सबसे ज्यादा स्कोर करती थी। हम सभी एक बराबर स्कोर किया करते थे, क्यूंकि जिसका स्कोर हो जाता था वह दूसरे की मदद करता था।

साथियों चाहे वह टारगेट को प्राप्त करने की बात हो या फिर बात हो मीटिंग में एक दूसरे को प्रोत्साहित करने की। मैंने हमेशा ही अपने सहकर्मियों में परिवार जैसा भाव देखा।प्यारे साथियों, दोस्तों, आज यहां से जाने का वक़्त आ चुका है लेकिन मैं साथ में लेकर जा रहा हूँ, तुम्हारी दोस्ती और तुम्हारी दोस्ती के पढ़ाए हुए जरूरी पाठ।

मैं अपने हर सहकर्मी का इस मंच से धन्यवाद देना चाहूंगा। आपने मेरे कार्यकाल के दौरान मुझे कभी यह एहसास नहीं होने दिया कि मैं इस कार्यालय में नया हूँ। बहुत बहुत धन्यवाद साथियों। अब मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं और अन्य लोगों से यह निवेदन करता हूं कि वे इस समारोह को आगे बढ़ाए। मुझे सुनने के लिए आप सब का धन्यवाद।

विदाई भाषण फॉर बॉस

सबसे पहले आप सभी को Good Afternoon, मेरे प्यारे साथियों, क्या आप जानते हैं कि आज हम यहां क्यों इकट्ठा हुए हैं? मुझे लगता है कि आप सही सोच रहे हैं, हाँ, यह हमारे प्यारे बॉस के रिटायरमेंट पर Farewell Party है।
मुझे यह कहते हुए बेहद दुख हो रहा है कि वह सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वो इस कार्यालय से सेवानिवृत्त हो सकते हैं लेकिन वह हमारे दिल से कभी भी सेवानिवृत्त नहीं हो सकते।वह हमेशा हमारे दिल में रहेंगे क्योंकि कोई भी उनकी जगह ले सकता है।हम आज उनकी bidai के लिए यहां आए हैं, यह बहुत दुखद क्षण है लेकिन हमें उन्हें उनके अंतिम कार्य दिवस पर खुशी में देखने के लिए इसे खुशी का क्षण बनाना होगा।
हमारे बॉस हम सभी के लिए एक प्रिय व्यक्ति हैं जिनहोने इस संगठन को बेहद अच्छे क्षण दिए हैं। वह एक दशक से अधिक हमारे दैनिक कार्यालय के जीवन का हिस्सा रहे हैं लेकिन उन्हें अब उनके जहां से जाना है क्योंकि उन्होंने यहां अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है. हम उन्हें बहुत याद करेंगे विशेष रूप से उनके हमेशा मुस्कुराता हुए चेहरे और विनम्र स्वभाव को।
हमें रिटायरमेंट को दुःख के रूप में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह परिवार के लिए अच्छे पल लाता है और नौकरी से रिटायर होने वाले व्यक्ति को आराम और तरोताजा जीवन देता है। रिटायरमेंट के बाद हमें बिना किसी तनाव के खुशी से जीवन जीने का मौका मिलता है और हम अपनी अधूरी इच्छओं को पूरा कर सकते है।

 

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