Nibandh Tyohaar

होली पर निबंध 2018 – Holi Tyohar Par Nibandh – Short Holi Essay In Hindi- Holi par Nibandh Hindi Mein

Holi Essay in Hindi: होली का त्योहार हमारे देश भारत में मनाये जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है| होली के दिन सभी एक दुसरे के साथ अपने गिले-शिकवे भुला कर गुलाल लगाकर गले मिलकर मिठाई खिलाते हैं व त्यौहार की शुभकामनाएं देते हैं| होली का त्योहार मस्ती से भरपूर होता है | इस दिन सभी लोग मस्ती में सराबोर होकर मौज मानते हैं इसीलिए आज हम आपके लिए लाये हैं होली पर विचार, महत्व, विचार व शायरी, Essay on Holi in Hindi, Holi Nibandh यानी की होली पर निबंध हिंदी में जिसे आप pdf download भी कर सकते हैं| आप सभी को हमारी तरफ से होली की हार्दिक शुभकामनाएँ. ????

होली पर निबंध हिन्दी में – होली एस्से

होली के बारे में पूर्ण जानकारी हम आज अपने इस आर्टिकल में आपको प्रदान करने जा रहे हैं| अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है मेरा प्रिय त्योहार पर निबंध लिखें| यदि आपको भी होली पर निबंध लिखना है तो आप हमरे द्वारा दिए हुए Long व short essay on Holi in Hindi Language & Font देख सकते हैं| साथ ही स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी इन essay यानी की निबंध को अपने स्कूल फंक्शन celebration व प्रोग्राम में सुना सकते हैं|साथ ही आप होली पर हास्य कविता भी देख सकते हैं|

होली पर निबंध 2018

मेरा प्रिय त्योहार होली पर निबंध

रंगो का त्योहार होली भारत के चार बड़े पर्वों में से एक है। यह पर्व फागुनी पूर्णिमा को होलिका दहन के पश्चात् चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को धूमधाम से मनाया जाता है। यह रंगों संगीत और प्रेम का पर्व है। सभी लोग इस पर्व में बड़े उत्साह उमंग एवं मस्ती से भाग लेते हैं।

।।जीवन में नवजीवन भरने
ता होली का त्योहार
भ्रातृत्व समता सिखलाते
करते भेंट प्रेमोपहार।।

प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा हुआ था। वह स्वयं को परमात्मा कहकर अपनी प्रजा से कहता था कि वह केवल उसी की पूजा की जाए। बेचारी प्रजा क्या करती डरकर उसी की उपासना किया करती थी। उस का पुत्र प्रहलाद- जिसे कभी मुनि नारद ने आकर विष्णु का मंत्र जपने की प्रेरणा दी थी- अपने पिता की बात न मान कर भगवान् विष्णु ही का जप करता रहता था। अपने पुत्र के द्वारा की जाने वाली आज्ञा की यह अवहेलना हिरण्यकश्यप से सहन नहीं हुई और वह अपने पुत्र को मरवाने योजना बनायी। एक दिन उसकी बहिन होलिका-जो आग में जल नहीं सकती थी- प्रहलाद को लेकर जलती चिता में कूद गई। किन्तु प्रह्लाद का बाल-बाँका नहीं हुआ और होलिका भयानक आग में जलकर राख हो गई। इस प्रकार होली के त्योहार को एक भगवान द्वारा भक्त की रक्षा की स्मृति में एवं सत्य की असत्य पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

राम जन्मभूमि कृष्ण जन्मभूमि तथा सीता की जन्मभूमि की होली का अलग-अलग अंदाज है। कृष्ण और गोपियों की होली की याद में राधा के गाँव बरसाने में होने वाली लट्ठमार होली विश्व प्रसिद्ध है। होली पर होली के गीत गाने का रिवाज है। ये गीत बड़े मस्ती-भरे होते हैं और लोकगायक इन्हें मस्त होकर गाते फिरते हैं।

||कान्हाबरसाने में आए जइयो
बुलाय गई राधा प्यारी।।

होली पूजन वस्तुतः अग्नि-पूजन है जिसके पीछे ये भावना है कि- हे अग्निदेव जिस प्रकार आपने भक्त प्रहलाद को संकटों से उबारा उसी तरह आप हम सबकी दुष्टों से रक्षा करें। होली-पूजन का एक और कारण है। फाल्गुन मास के पश्चात् फसलें पक जाती हैं और खलिहान में लाकर उसकी मड़ाई-कुटाई की जाती है। होलका-पूजन के द्वारा किसान अग्नि में विविध पकवान जौ की बालें चने के पौधे आदि डालकर उसे प्रसन्न करते हैं। जिस से वह अपने अवांछित ताप से मानव की रक्षा करे।

यह पर्व दो दिन तक मनाया जाता है। पूर्णमा की रात्रि को लकड़ियाँ और उपले रखकर होलिका-दहन किया जाता है। उसके अगले दिन रंग एवं गुलाल से होली खेली जाती है। चारों ओर रंग और गुलाल ही गुलाल नजर आता है। मस्त मौलों की टोलियाँ ठोल-मंजीरे बजाती मस्ती में नाचती-गाती है। लोग आपस का वैर-बाव भूलकर गले मिलते हैं। प्रातः काल से दोपहर तक रंग का दौर चलता है। दोपहर के बाद सभी नहाःधोकर साफ वस्त्र पहनते हैं तथा स्वादिष्ट व्यंजनों का रसास्वादन करते हैं और त्रों को भी खिलाते हैं।

होली प्रेम और पारस्परिक सद्भावना का त्योहार है। इस अवसर पर समाज में जो ऐक्य देखने में आता है उसे निरंततर बढ़ाने की आवश्यकता है।

Short Essay on Holi in Hindi Language(100 words)

होली निबंध इस प्रकार है:

होली रंगों का त्योहार है जिसे हर साल फागुन के महीने में (मार्च) हिन्दू धर्म के लोग बड़ी धूमधाम से मनाते है। उत्साह से भरा ये त्योहार हमारे लिये एक दूसरे के प्रति स्नेह और निकटता लाती है। इसमें लोग आपस में मिलते है, गले लगते है और एक दूसरे को रंग और अबीर लगाते है। इस दौरान सभी मिलकर ढ़ोलक, हारमोनियम तथा करताल की धुन पर धार्मिक और फागुन गीत गाते है। इस दिन पर हमलोग खासतौर से बने गुजिया, पापड़, हलवा, पानी-पूरी तथा दही-बढ़े आदि खाते है। होली उत्सव के एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है।

होली पर छोटा निबंध (150 शब्द)

हिन्दूओं के द्वारा दिवाली की तरह ही होली भी व्यापक तौर पर मनाया जाने वाला त्योहार है। ये फागुन महीने में आता है जो वसंत ऋतु के फागुन महीने में आता है जिसे वसंत ऋतु की भी शुरुआत माना जाता है। हर साल होली को मनाने की वजह इसका इतिहास और महत्व भी है। बहुत साल पहले, हिरण्यकश्यप नाम के एक दुष्ट भाई की एक द्ष्ट बहन थी होलिका जो अपने भाई के पुत्र प्रह्लाद को अपने गोद में बिठा कर जलाना चाहती थी।

प्रह्लाद भगवान विष्णु के भक्त थे जिन्होंने होलिका के आग से प्रह्लाद को बचाया और उसी आग में होलिका को राख कर दिया। l तभी से हिन्दु धर्म के लोग शैतानी शक्ति के खिलाफ अच्छाई के विजय के रुप में हर साल होली का त्योहार मनाते है। रंगों के इस उत्सव में सभी एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर दिनभर होली का जश्न मनाते है।

Essay on Holi Festival in Hindi (250 words)

Holi par nibandh hindi mein इस प्रकार है:

होली: रंगों का त्योहार पर निबंध

होली का उत्सव हर साल पूर्णं चन्द्रमा के दिन मार्च (फागुन) के महीने में मनाया जाता है। इसे एकता, प्यार, खुशी, सुख, और जीत का त्योहार के रुप मे भी जाना जाता है। हमलोग एक-दूसरे के साथ प्यार और खुशी जाहिर करने के लिये इस पर्व को चमकीले और आकर्षक रंगों से खेलते है। इसका अपना महत्व है साथ ही इसको मनाने के पाछे कई सारे कारण, कथाएं और आस्था भी है।

बहुत समय पहले, एक राजा हिरण्यकश्यप, उसकी बहन होलिका और उसका पुत्र प्रह्लाद थे। प्रह्लाद एक पावन आत्मा था जो भगवान विष्णु का भक्त था जबकि उसके पिता चाहते थे कि प्रह्लाद समेत सभी उसकी पूजा करें। लेकिन भक्त प्रह्लाद को ये गवाँरा नहीं था और वह सदा भगवान विष्णु की ही पूजा करता था। इससे नाराज होकर उसके पिता ने उसको आग से जलाकर मारने की योजना बनाई। उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठे क्योंकि होलिका को भगवान से ये वरदान मिला था कि आग उसे जला नहीं सकता, अपने भाई की बात मान होलिका आग में बैठी परंतु प्रह्लाद को इस आग से कोई नुकसान नहीं हुआ बल्कि होलिका ही इस आग में जलकर खाक हो गई। इसी कथा से होली उत्सव का जन्म हुआ।

इस पर्व के मौके पर सभी अपने प्रियजनों से मिलते है, रंग और अबीर से होली खेलते है, साथ ही कई सारी क्रियाओं में भाग लेते है जो एक-दूसरे के लिये खुशी को प्रदर्शित करता है। इस तरह लोग रंगों के इस त्योहार में अपनों के संग खुशियाँ मनाते है।

Holi Tyohar Par Nibandh

होली पर हिन्दी निबंध – Holi Essay in Hindi

रंगों का त्योहार होली पर निबंध: होली के बारे में जानकारी में हम आपको बताएंगे की होली क्यों मनाई जाती है व होली का महत्व| आइये देखें कुछ small व लघु essay. साथ ही आप होली गीत भोजपुरी डाउनलोड भी देख सकते हैं|

सभी के लिये प्रिय होली खुशियाँ और सुख लाने वाला त्योहार होता है। ये हर साल हिन्दु धर्म के द्वारा मनाया जाने वाला बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व होता है। ये आमतौर पर मार्च के महीने में वसंत ऋतु की शुरुआत में आता है। सभी इसका बेसब्री से इंतजार करते है और इसको अलग तरीके से मनाने की तैयारी करते हैं।

होली को मनाने के पीछे भक्त प्रह्लाद की मुख्य भूमिका है। भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद को उसी के पिता ने उसकी पूजा न करने पर मारने का प्रयास किया, इसके लिये उसने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठने को कहा क्योंकि होलिका को ये वरदान था कि वो आग में जल नहीं सकती चूंकि प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था इसलिये इस आग में उसे कोई नुकसान नहीं हुआ जबकि आशिर्वाद पायी होलिका जलकर भस्म हो गई। उसी दिन से हर साल ये त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के रुप में मनाया जाता है।

रंगों की होली के एक दिन पहले, लोग लकड़ी, घास और गोबर के ढ़ेर को रात में जलाकर होलिका दहन की पौराणिक कथा को याद करते है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन परिवार के सभी सदस्यों द्वारा सरसों उपटन का मसाज शरीर पर करवाने से शरीर और घर की गंदगी साफ हो जाती है और घर में खुशियाँ और सकारात्मक शक्तियों का प्रवेश होता है।

होलिका दहन के अगले दिन सभी लोग अपने मित्र, परिवार और सगे-संबंधियों के साथ रंगों से खेलते है। इस दिन बच्चे गुब्बारों और पिचकारियों में रंग भरकर दूसरों पर फेंकते है। सभी एक-दूसरे के घर जाकर गले लगाते है साथ ही अबीर लगाकर अपनत्व और प्यार का इजहार करते है। इस खास अवसर पर सभी अपने घर में मिठाई, दही-बढ़े, नमकीन, पापड़ आदि बनवाते है

होली पर निबंध इंग्लिश में – Holi par Nibandh in English

Short Paragraph on Holi इस प्रकार है:

Holi is a most entertaining festival of India. It is also known as festival of colors as we play with colors at this festival. It is a Hindu festival celebrated with lots of joy by the Hindu people all over India as well as abroad where Hindu population is found. It falls in the spring season (in Chaitra month) after the winter season. It is one of the happiest religious festivals of the Hindus. It is also celebrated by some non-Hindus to enjoy this festival as a spring festival of love and colors. In this season nature shows its real beauty and everywhere looks very dazzling with pleasant environment.

Long Essay on Holi in Hindi – होली लघु निबंध (400 शब्द)

होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिस हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ मनाते हैं। प्यार भरे रंगों से सजा यह पर्व हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन खोलकर भाई-चारे का संदेश देता है। इस दिन सारे लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूल कर गले लगते हैं और एक दूजे को गुलाल लगाते हैं। बच्चे और युवा रंगों से खेलते हैं। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को यह त्योहार मनाया जाता है। होली के साथ अनेक कथाएं जुड़ीं हैं। होली मनाने के एक रात पहले होली को जलाया जाता है। इसके पीछे एक लोकप्रिय पौराणिक कथा है।

भक्त प्रह्लाद के पिता हरिण्यकश्यप स्वयं को भगवान मानते थे। वह विष्णु के विरोधी थे जबकि प्रह्लाद विष्णु भक्त थे। उन्होंने प्रह्लाद को विष्णु भक्ति करने से रोका जब वह नहीं माने तो उन्होंने प्रह्लाद को मारने का प्रयास किया।

प्रह्लाद के पिता ने आखर अपनी बहन होलिका से मदद मांगी। होलिका को आग में न जलने का वरदान प्राप्त था। होलिका अपने भाई की सहायता करने के लिए तैयार हो गई। होलिका प्रह्लाद को लेकर चिता में जा बैठी परन्तु विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जल कर भस्म हो गई।

यह कथा इस बात का संकेत करती है की बुराई पर अच्छाई की जीत अवश्य होती है। आज भी पूर्णिमा को होली जलाते हैं, और अगले दिन सब लोग एक दूसरे पर गुलाल, अबीर और तरह-तरह के रंग डालते हैं। यह त्योहार रंगों का त्योहार है।

होली पर संस्कृत निबंध – Essay on Holi in Sanskrit

होली पर निबंध संस्कृत में इस प्रकार है:

होलिकोत्सवः सर्वजनानां कृते प्रियः उत्सवः अस्ति।
अयमुत्सवः भारतस्य प्रसिद्धः उत्सवः अस्ति।
पुरा हिरण्यकशिपुः नाम राजा अभवत्।
तस्य पुत्र प्रहलादः ईश्वरभक्तः अभवत्।
हिरण्यकशिपुः स्वपुत्रं मारयितुम् अयतत।
परन्तु प्रहलादः ईश्वर प्रसादेन सुरक्षितः आसीत्।
हिरण्यकशिपुः स्वभगिनीं होलिकां प्रहलादस्य वधस्यकृते न्ययोजयत्।अग्नौ होलिका तु भस्मसात् अभवत् परं प्रहलादः सुरक्षित आसीत्।
अन्ते च भगवान् नृसिंहः हिरण्यकशिपुम् अमारयत्।
होलिका दहनमुदिश्य होलिकोत्सवः प्रारभत।
अयमुत्सवः फाल्गुनमासस्य पूर्णिमायां मन्यते।
होलिकात्सवे जनाः परस्परं रंङ्गरञ्जितम जलं प्रक्षिपन्ति।
जनाः उत्सवावसरे नृत्यन्ति गायन्ति च।
आबालवृद्धाः हास्यव्यंग्य संलापान् कुर्वन्ति।
अतः इदं पर्व मानवानां कृते अद्वितीयम् उपहारमस्ति।

होली पर संस्कृत निबंध

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