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अकबर की जीवनी – कहानी, इतिहास, जीवनी, मौत

Akbar ki Jeevani: अकबर महान को मुगल वंश के सबसे शक्तिशाली बादशाहो में शुमार थे| अकबर का पूरा नाम अबुल-फतह जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर था| उन्होंने हिन्दुस्तान के अधिकांश राज्यों पर मुग़ल सल्तनत के साम्राज्य बनाया था। उन्होंने सिर्फ 13 वर्ष की उम्र में ही मुगल साम्राज्य की सत्ता संभाली थी| बादशाह अकबर ने उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी राज्य खासकर पंजाब, दिल्ली, आगरा, राजपुताना, गुजरात, बंगाल, काबुल, बलूचिस्तान, कंधार व उत्तर प्रदेश के साथ अन्य प्रदेशों और राज्यों पर परचम लहराया था। अकबर का नाम पूरी दुनिया में मशहूर है| आज हम आपके सामने अकबर महान की जीवनी पेश करेंगे जिसमे हम उनकी सल्तनत, जोधा अकबर का इतिहास व अन्य जानकारी प्रदान करेंगे|

अकबर महान की जीवनी

बादशाह अकबर का इतिहास

जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर इतिहास: बादशाह जलालुद्दीन अकबर, मुग़ल शासक बाबर और हुमायूं के बाद मुगल साम्राज्य को संभालने वाले तीसरे बादशाह थे। उनके पिताजी का नाम नसीरुद्दीन हुमायूं था | सन 1556 में जब वे 13 वर्ष के थे तब उन्हें मुग़ल सम्राट बना दिया गया था। बादशाह अशिक्षित थे परन्तु उन्होंने लगभग सभी विषयों में असाधारण ज्ञान प्राप्त कर लिया तह खासकर गैर-इस्लामिक विषयों में उन्होंने उच्च सम्मान अर्जित किया था| ऐसा उनकी नीतियों को अपनाने के कारण था जिससे वे अपने साम्राज्य में शांतिपूर्ण वातावरण बनाते थे|

उन्होंने कर की प्रणाली को पुनः संगठित किया, व अपनी सेना को विभाजित कर पश्चिम के देशों केस संबंध स्थापित किए। उनका कला और संस्कृति के पीछे काफी लगाव था इसलिए उन्होंने कई भाषाओं में पुस्तकें लिखवाईं और यही कारण था की उन्होंने अपने शासनकाल में आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, हुमायूं का मकबरा, बुलंद दरवाजा, इलाहाबाद किला, लाहौर किला साथ ही सिकंदरा में स्वयं का मकबरा व अन्य कई वास्तुशिल्प कला कृतियों का निर्माण किया।

बचपन और प्रारंभिक जीवन

  • बादशाह अकबर का जन्म 14 अक्टूबर 1542 को सिंध के उमेरकोट के राजपूत किले में हुआ था| वे मुग़ल सम्राट हुमायूं व उनकी किशोरी बेगम, हमीदा बानू बेगम को जन्मे थे | उनका नाम अबुल-फतह जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर रखा गया था।
  • चूंकि जलाल के पिता निर्वासन में थे, उनको अपने चाचाओं के यहाँ काबुल में रहना पड़ा था| यही कारण था की उनका अधिकांश समय शिकार, घुड़सवारी, तलवार चलाने में बीतता था| यहीं से उनमे प्रशिक्षित और कुशल योद्धा बनने के गन मिले थे और वे हिन्दुस्तान के सबसे सफल राजा बने थे ।
  • उनको पढ़ना व लिखना नहीं आता था, परन्तु इतिहास, धर्म, विज्ञान, दर्शन और अन्य विषयों की उनको बखूबी जानकारी थी|

शासन

  • सन 1556 में उनके पिता हुमायूं की मृत्यु हो गयी थी जिसके बाद उन्हें 13 वर्ष की उम्र में पंजाब के कलानौर में शहंशाह बनाकर मुगल सिंहासन सौंप दिया गया था| बैरम खान को उनको अभिभावक बनाया गया था।
  • हुमांयू ने अपनी मृत्यु से पहले दिल्ली, पंजाब और आगरा जैसे राज्यों पर नियंत्रण हासिल कर लिया था परन्तु इन क्षेत्रों में मुगल शासन अनिश्चित रूप से गिर गया था। जो की उनकी मौत के बाद सूरी द्वारा फिर से कब्ज़ा लिया गया था|
  • मुग़ल सेना ने सूर की सेना को परास्त किया व सिकंदर शेर शाह सूरी से निपटने के बाद, उन्होंने बैरम खान के नियंत्रण में दिल्ली पर चढ़ाई की। 5 नवंबर 1556 को पानीपत की दूसरी लड़ाई में बैरम खान के नियंतरण में मुगल सेना ने हेमू और सूर सेना को हराकर अकबर ने आगरा और दिल्ली पर कब्ज़ा कर लिया था।
  • अकबर ने अजमेर व ग्वालियर के किले पर भी अपना परचम लहराया था|
  • वर्ष 1560 में, अकबर द्वारा बैरम खान को निलंबित कर दिया गे था क्योंकि वह अपनी शक्ति और स्थिति का दावा करना चाहते थे। बैरम खान को हज जाने के लिए मक्का भेज दिया गया जहां रस्ते में ही उनकी हत्या कर दी गई थी।
  • अकबर ने 1576 में हल्दीघाटी की लड़ाई में प्रताप सिंह जो की उदय सिंह के पुत्र थे उनको हराया, व मेवाड़ पर कब्ज़ा कर लिए था|
  • उसने कश्मीर पर सन 1589 में कब्ज़ा किया था व सिंध पर 1591 में, कंधार और बलुचिस्तान पर 1595 में कब्ज़ा किया था|

अकबर महान की जीवनी

अकबर की कहानी

बादशाह जलाल ने सन 1551 में अपने चाचा की बेटी रुक़य्या सुल्तान बेगम से निकाह किया था । कहा जाता है की उनकी विभिन्न धर्म की 12 और पत्नियां थीं । उनके और राजपूतों के बीच एक राजनीतिक गठबंधन हुआ था जिसमें वर्ष 1562 में उन्होंने हीर कुंवारी (जिन्हे हरका बाई व जोधा बाई के नाम से भी जाना जाता है) के साथ शादी की थी| जोधा बाई को मुख्या अकबर जीवनसाथी के रूप में भी जाना जाता था| यही कारण है की जोधा अकबर की प्रेम कहानी इतनी मशहूर है| वर्ष 1569 में उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया जिसका नाम सलीम रखा गया था| उनको जहांगीर के नाम से जाना जाता था।

अकबर की कहानी

अकबर की मौत कैसे हुई थी

अकबर की मृत्यु कैसे हुई: अक्टूबर 1605 में वे पेचिश नामक बीमारी से गंभीर रूप से बीमार हो गए थे जिसके तीन हफ्ते बाद उनकी मृत्यु हो गई थी ।

जोधा अकबर को कहाँ दफनाया गया था?

अकबर को सिकंदरा का मकबरा, (जो की आगरा में है) में दफनाया गया था। उनकी मृत्यु के बाद मुग़ल शासन उनके बेटे जहांगीर ने संभाला था।

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