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7 Standard Marathi Kavita

भारत देश में सबसे अधिक भाषाएँ बोली जाती है और इसी देश में हिंदी भाषा को प्राथमिकता दी जाती यही क्योकि हिंदी ही भारत देश की भाषा हिंदी भाषा है जो की राष्ट्रीय भाषा है | इसीलिए यह महाराष्ट्र के कई स्कूलों में भी पढ़ाई जाती है जिसमे की क्लास 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 सभी क्लास में मराठी में कविताये पढाई जाती है अगर आप भी मराठी में 7th क्लास की कविताये जानना चाहते है तो इसके लिए आप हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी को पढ़ सकते है |

7th Standard Marathi Poem Aai | इयत्ता सातवी मराठी कविता आई


आईच्या मायेचे सांगे गुपित देव सकला आई शब्द कसा जन्मला? || धृ || कधी अचानक शून्यामधुनी, परमेशाने विश्व निर्मिले ग्रह-ताऱ्यांचे विणून जाळे, रूप आपले मानवा दिले थोर तपस्वी पुसे प्रभूशी, तुला कसा निर्मिला? आई शब्द कसा जन्मला? || १ || देव बोलला, मला न सुटला, प्रश्न एक हा तुझा सेवका, नाथ असुनि मी त्रैलोक्याचा, अनाथ आई विना पोरका अशा करंट्या ईश्वरास या, नाही कळले मुला आई शब्द कसा जन्मला? || २ || रक्त - मांस मातेचे घेऊन, गर्भ जसा उदरात वाढतो तसाच माझा अंश तुला रे, आत्मा म्हणुनी जीवन देतो तू आत्मा अन मी ईश्वर हे, बाळ मुखी वदला' आई शब्द असा जन्मला || ३ || हिंदी अनुवाद :- देवी देवी देव देव सिकला बताते हैं माँ शब्द का जन्म कैसे हुआ? || लंगोटी अचानक, भगवान ने दुनिया को बनाया ग्रह तार बुना जाल, अपने मानवता लिखें थार तपस्वी पुसा प्रभुसी, 'आप ऐसा कैसे करते हैं? माँ शब्द का जन्म कैसे हुआ? || 1 || भगवान ने कहा, 'मैं बच नहीं था, प्रश्न आपका एक सेवक है, नाथ असुनी मैं एक अजनबी था, पोर्का बिना अनाथ मुझे यह मामला नहीं है, आई शब्द का जन्म कैसे हुआ? || 2 || रक्त - मांस और रक्त के साथ, गर्भ के रूप में अंडाशय में बढ़ता है बस मेरा, आत्मा जीवन को कहने के लिए जीवन देती है आप आत्मा हैं और मुझे भगवान, बच्चे ने आपको  शब्द आई इस तरह पैदा हुआ था 3 ||
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इयत्ता सहावी मराठी कविता | इयत्ता सहावी मराठी कविता आता उजाडेल


क्षणात एका टोचलेलं
खोल दरीत पोहोचलेलं
तिथेच डुंबत बसलेलं
न बोलता रुसलेलं
ओठात कधी मिटलेलं
कागदास कधी भेटलेलं
पापणीच्या आड हसलेलं
मनात माझ्या वसलेलं
उशीच्या कुशीत निजलेलं
स्वप्नाळु जगात सजलेलं
असून सुद्धा नसलेलं
पण आरशात मात्र दिसलेलं
हिंदी अनुवाद :-
इस पल में एक क्षण था
गहरी रिज तक पहुंच गया
उस समय एक डंप था
मैं बात नहीं करता
जब आप अपने होठ खो गए?
कागज कभी नहीं मिला है
पलक हंसते हुए कहते हैं
मैंने खुद को मन में पाया
कुशन पक्ष nijalelam
सपना दुनिया में निहित है
यहां तक  कि बिना भी
लेकिन दर्पण अभी देखा गया है
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7th Std Marathi Poem 2017


प्रेम सगळीकडे आहे, असावे तर फक्त मनाचे डोळे
Engineering च्या मार्क मेमो कडे बघून झालेला बाबांचा संताप असो,
आई ने गायलेले अंगाई गीत असो
यात असते प्रेम...
पाढे चुकल्या नंतर ताई ने दिलेला धपाटा असो,
माझा उदास चेहरा बघून दादा ने विचारलेला प्रश्न का रे lovestory मध्ये काही प्रोब्लेम ?
यातहि आहे प्रेम...
तिने खाऊ घातलेली पुरण पोळी असो कि कटाची आमटी,
आम्ही सोबत खालेले chocolates,
यातही आमच्या मैत्री चे प्रेम आहे...
तिच्या नावातच ‘प्रेम’ आणि माझ्या नावात ‘अनंत’,
असे माझे हे ‘अनंत प्रेम’ तिच्यावर...
याच प्रेमाने जीवनाला अर्थ दिला...
याच प्रेमाने एक आत्मविश्वास दिला...
कधीतरी पालवी फुटेल आणि या ‘अनंत प्रेमाचे’ एक फुल उमलेल,
प्रेम सगळीकडे आहे ,असावे तर फक्त मनाचे डोळे
हिंदी अनुवाद :-
प्रेम हर जगह है, अगर यह होना चाहिए, तो मन की आंखें ही
बाबा के क्रोध, इंजीनियरिंग मार्क मेमो को देखकर,
मां की मां शायद जन्म लेती है
इसमें प्यार ...
भुगतान किए जाने के बाद, ताई ने कहा,
मेरे उदास चेहरे को देखकर, पिताजी ने एक सवाल पूछा, रे प्रेमिका में क्यों कुछ समस्याएं हैं?
यह प्यार है
चाहे वह पकाया जाता है या पकाया जाता है,
चॉकलेट हम एक साथ खाया था,
यह हमारी दोस्ती का प्यार भी है ...
उनके नाम में 'प्यार' और 'अनंत' मेरे नाम पर,
यह मेरी 'अनंत प्रेम' है ...
इस प्रेम ने जीवन को अर्थ दिया ...
वही प्यार ने विश्वास दिलाया ...
कभी-कभी पैर बढ़ेंगे और 'असीम प्रेम से भरा' उभर आएगा,
प्रेम हर जगह है, अगर यह होना चाहिए, तो मन की आंखें ही
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7th Standard Marathi Poem Aai

मराठी बालभारती इयत्ता सातवी


तिच्या दिशेने पावलं
आपोआप माझी वळतात
मलाही उमजेना अशा
वाटेला भावना कळतात
भव्यतेची ओढ मला
स्वप्नं माझी साहसी
झोका घेता आकाशी भिडे
ती ही आहे धाडसी
पुस्तकांचे ओझे माझे
ती लिलया पेलेल का?
झेप घेऊनी धडपडलो
तर ती मला झेलेल का?
नेम अचूक स्थैर्य तिच्या हाती
तीक्ष्ण विचारांचे बाण
सोसेल का तिच्या बुद्धीला
माझ्या धनुष्याचा ताण
खळाळते हास्य तिचे
नम्रतेचा शृंगार
तिच्या तेजस्वी डोळ्यात दिसे
मला आयुष्याचा भागीदार हिंदी अनुवाद :-
उसकी तरफ बढ़ो
यह मुझे चालू कर देता है
मुझे यह पसंद नहीं है
लेकिन हम भावना को समझते हैं
मेरे पास महानता की इच्छा है
ड्रीम मेरा रोमांच है
आकाश में एक झांकना लो
वह बहादुर है
किताबों का मेरा बोझ
लिली पेलेल?
क्या तेंदुए को भ्रमित किया गया था?
तो वह मुझे ले जाएगा?
उसके हाथ में नाम की सटीक असुरक्षा
तीव्र किनारों तीर
सॉसेल का मस्तिष्क है
मेरे धनुष का तनाव
वह मुस्कुराई गई
विनोदी श्रृंगार
उसकी उज्ज्वल आँख बदल जाता है
मैं जीवन में भागीदार हूं
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७ वी मराठी कविता | 7 वी मराठी कविता | 7वी मराठी कविता


ठरवून पण सहजपणे
माझ्या बाजूला बसतो
छोट्याशा विनोदावरही
जोरजोरात हसतो
कळतय मला
कळतय मला हास्यात तुझ्या
काय लपून बसलय
घाबरु नको मी ही मनात
तसच काहीसं जपलय
न संपण्यार्‍या गप्पांचं मी
पांघरुण घेऊन निजते
तुझी हुशारी उत्तरात नाही
प्रश्नांमध्ये दिसते
आत्मविश्वासाने नटलेला
स्वभाव मोहक रहस्यमय
सारखा तुझा उल्लेख ओठी
हवीहवीशी तुझी सवय
विश्वासार्ह न्यायबुद्धी
वर्तनातही सभ्यता
हात तुझ्या हाती देता
मनी लाभली शांतता
आरशाने पहिल्यांदा माझ्या
डोळ्यात भरले काजळ
नव्हती ही झुळुक मैत्रीची
होते प्रेमाचे वादळ हिंदी अनुवाद :-
निर्धारित करके लेकिन आसानी से
मेरी तरफ बैठो
यहां तक  कि छोटे हास्य पर
मजबूत हंसते हुए कहते हैं
मुझे इसके बारे में पता है
मुझे पता है तुम मेरी बाहों में हो
छिपाना मत
डरो मत
बस यही है
कोई क्लिप नहीं
कवर बंद करना
आपकी बुद्धि का उत्तर नहीं दिया गया है
प्रश्नों में दिखता है
आत्मविश्वास का विश्वास
स्वभाव अद्भुत रहस्यमय
जैसे आप अपने होठों का उल्लेख करते हैं
इच्छा की अपनी आदत
भरोसेमंद बुद्धि
व्यवहार में सभ्यता
अपने हाथों में हाथ
मनी लॉन्डर्ड शांति
मिरर पहले मेरे लिए
आंखें कालिख से भरा
कोई भी दोस्ती नहीं थी
प्यार का तूफान था
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ती रोज मला भेटायची
पाहताच मला थांबायची
गोड गोड हसून
मान घाली घालून जायची
का ती हसत होती
आज मला कळलं
कारण प्रेमाचं रोपटं
माझ्या काळजात उगवलं
त्याच त्याच घटनांचा
ऊत आला होता
अचानक नजर भिडण्याचा
मोहर आला होता
का ती मुध्दाम भेटायची
आज मला कळलं
कारण प्रेमाचं रोपटं
माझ्या काळजात उगवलं
तिचा माझा तसा
काही परिचय नव्हता
पण हसण्यावर तिच्या
माझा जीव आला होता
नकळत प्रेमात रमलो
तेव्हा मला कळलं
कारण प्रेमाचं रोपटं
माझ्या काळजात उगवलं हिंदी अनुवाद :-
वह हर दिन मुझसे मिलना चाहती है
मैंने इसे देखना बंद कर दिया
मीठा मीठी मुस्कान
अपनी गर्दन की इच्छा
क्यों वह हँस रहा था
आज मैं जानता हूं
क्योंकि प्रेम पौधे
मैं थक गया
वही घटनाएं होती हैं
यह सड़ा हुआ था
अचानक देखो
एक मुहर थी
मुझे इसे क्यों मिलना चाहिए I
आज मैं जानता हूं
क्योंकि प्रेम पौधे
मैं थक गया
उसका मेरा मुर्गा
कोई परिचय नहीं था
लेकिन उसे हंसते हुए
मेरा जीवन आया
अनजाने में प्यार करता हूँ
तो मुझे पता है
क्योंकि प्रेम पौधे
मैं थक गया
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