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हनुमान जयंती पर कविता 2018 – Poem on Lord Hanuman in Hindi – Hanuman jayanti kavita

हनुमान जयंती के पर्व का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है| इस दिन को श्री हनुमान जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है| भगवान हनुमान जी शिव के अवतार थे और श्री राम के भक्त थे| हनुमान जयंती का यह पर्व हर साल चैत्र मांस की पूर्णिमा के दिन आता है| इस साल यह पावन पर्व 31 मार्च को शनिवार के दिन है| इस दिन बजरंगबली के भक्तो की उनके मंदिरो में भीड़ लगी रहती है| आज के इस पर्व पर हम आपको बजरंगबली पोएम इन हिंदी, हनुमान जयंती पर हिंदी कविता, हनुमान जी पर कविताए, बजरंगबली मराठी कविता, आदि की जानकारी देंगे|

Hanuman Jayanti Poem In Hindi

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पहने लाल लंगोट
हाथ में है सोटा
दुश्मन का करते हैं नाश
भक्तों को नहीं करते निराश
प्रभु मुझ पर दया करना
मैं तो आया हूँ शरण तिहारी
तेरी प्यारी सी मनभावन मूरत
जब-जब देखूं मैं जाऊं बलिहारी
सदा पूरी तुम मेरी हर इक आस करना
हनुमान बाबा मुझे न निराश करना
तेरी भक्ति से आत्मा को मिलता आराम है
सबसे बड़ा मन्त्र जय हनुमान जय श्री राम है
हे हनुमान तुम हो सबसे बेमिसाल
तुमसे आँख मिलाये किसकी है मजाल
सूरज को पल में निगला अंजनी के लाल
मूरत तेरी देखकर भाग जाये काल
बजरंगी तेरी पूजा से हर काम होता है
दर पर तेरे आते ही दूर अज्ञान होता है
राम जी के चरणों में ध्यान होता है
इनके दर्शन से बिगड़ा हर काम होता है
अंजनी के लाल मैं पानी, तुम हो चन्दन
हे महाबीर तुमको कहते दुःख-भंजन
इस जग के नर-नारी सब शीश झुकाते हैं
नाम बड़ा है तेरा सब गुण तेरे गाते हैं

हनुमान जयंती कविता 2018

Hanuman jayanti kavita

जय हनुमान बजरंग बली
अंजनी के लाल पवन सुत नाम तुम्हारा।
जय महावीर हे महाबली
रामभक्ति ही मुख्य काम तुम्हारा।
बुद्धि, मति के तुम हो स्वामी
कृपा करो हे अंतर्यामी।
बल शक्ति के तुम हो दाता
पराक्रम के तुम ही विधाता।
लक्ष्मण के तुमने प्राण बचाए
पूंछ से अपनी लंका जला आए।
भक्त करे प्रभु गुण गान तुम्हारा
हनुमान करो कल्याण हमारा।
भूत-पिशाच सब डर-डर भागे,
भक्त को न कोई कष्ट सतावे।
बुराई तनिक भी टिक न पावे।,
वीर हनुमान का नाम जब आवे।
भक्त रहे ना कोई दुखियारे,
दीन-दुखी के तुम रखवारे।
जहां-जहां तुमने पैर पसारे,
कर दिए रोशनी के उजियारे।
भक्तों के सभी कष्ट निवारे,
सदा रहो तुम राम दुलारे।
सफल करो हर काज हमारा,
सभी युगों में है राज तुम्हारा।
तुम्हारी शरण में ना अब भय।
बोलो सियावर रामचन्द्र की जय।

Hanuman Jayanti Kavita

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पीड़ा से तड़पता हुआ, आँखों में आँसू, सड़क पर चलता हुआ,
एक रोगी ईश्वर के मंदिर में आया, हनुमान चालीसा पढ़ता हुआ !
पाठ समाप्त हुआ, हनुमान जी प्रकट हुए, आज वे भी लग रहे थे खोए खोए !
हनुमान जी ने भक्त से कहा, “इस संसार में अब सुखी कोई नहीं रहा, सुख चैन ख़तम दर्द ही बाकी रहा,
लाओ तुम भी अपना दर्द मुझे देदो, ये दर्द भी मैं भोग लूंगा, मैं खुद अशक्त हो गया हूँ,
लेकिन तुमको निरोग कर दूँगा !
अरे मैं तो रोज करोड़ों के कुकर्मों का बोझ ढो रहा हूँ, राम का आदेश है सहन कर रहा हूँ !
तुझे तो केवल दिल की बीमारी है, मेरा तो पूरा तन बदन जर्जर हो गया है,
इंसानों के पाप कर्मों को अपने तन पर लेना मेरी दिन चर्या है,
ला एक तेरा भी दर्द इस महा सागर में मिल जाएगा,
मैं कुछ और तड़प लूँगा, तुझे आराम आ जाएगा,!”
भक्त बोला, “नहीं प्रभु, ये मेरे कुकर्मों का दर्द है मुझे ही तड़पने दो, बादलों की बिजली बादलों में ही कड़कने दो!
मेरी पीड़ा तन की पीड़ा है शरीर के साथ ही समाप्त हो जाएगी, शरीर से मुक्ति मिलते ही दर्द से मुक्ति मिल जाएगी !
आप तो सदा से अजर अमर हो, हमारी आस्था ईश्वर का दर हो, अगर आस्था जर्जर हो गई
और दर्द के बोझ तले खो गई, तो न फिर विश्व होगा, न जीव ना होगा लोक परलोक,
ना रहेगी कुदरत की सुंदरता और न रहेगा ये मृत्यु लोक !
हे पवन पुत्र कुछ ऐसा कर दो, हो विश्व कल्याण ! अपना दर्द कुछ मुझ को दे दो अंजनी पुत्र हनुमान !”

हनुमान जयंती कविता इन हिंदी

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Poem on Lord Hanuman in Hindi

लंका में हनुमान, अलबेले राम
काहे को सोटा काहे को लंगोटा
काहे चढ़ा दूं चोला।
सोने को सोटा, लाख को गोटा
सेंदुर चढ़ाय दऊं चोला।
बन-बन भटके फिरत अकेले
डाले फूलन को सेला। लंका में…।
काहे को मुकुट, काहे को मुस्टक
काहे को बनहै झेला।
सोने को मुकुट, चंदन की मुस्टक
फूलों का डाले झेला। लंका में…।

हनुमान जयंती मराठी कविता

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जय श्री राम !! जय हनुमान जी
जय जय जय बजरंग बलि की,जय हो प्रभु राम की
दर्शन करने हम सब आये,दर्शन दो हनुमान जी
जय जय जय बजरंग बलि की,जय हो प्रभु राम की
दर्शन करने हम सब आये,दर्शन दो हनुमान जी
घुस लंका में तुमने प्रभु,सीता खोज लगायी थी
अक्षय के संहारक तुम ही,तुमने ही लंका जलायी थी
दिखने में तो वानर हो तुम-२,बाजी लगाते जान की
दर्शन करने हम सब आये,दर्शन दो हनुमान जी
जय जय जय बजरंग बलि की,जय हो प्रभु राम की
दर्शन करने हम सब आये,दर्शन दो हनुमान जी
शक्ति लगी जब लक्ष्मण जी को,पहाड़ उठा के ले आये
तेरे ही कारण हनुमत जी,राम भ्रात थे बच पाये
तुम ही तो हो कष्ट निवारक,करते बिगड़े काम जी
दर्शन करने हम सब आये,दर्शन दो हनुमान जी
जय जय जय बजरंग बलि की,जय हो प्रभु राम की
दर्शन करने हम सब आये,दर्शन दो हनुमान जी
तेरे तो सीने में प्रभु,राम शिया का डेरा है
राम के पिरय भगत तुम्ही हो,तुमसे ही शाम सवेरा है
“राज”दीवाना हनुमत तेरा,जय जय तेरे नाम की
दर्शन करने हम सब आये,दर्शन दो हनुमान जी
जय जय जय बजरंग बलि की,जय हो प्रभु राम की
दर्शन करने हम सब आये,दर्शन दो हनुमान जी

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