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वेरीकोज वेन का इलाज – Varicose Veins ka Ilaj Patanjali Ayurveda in Hindi – आयुर्वेदिक उपचार

आज के समय में बहुत से लोग पैर में दर्द की समस्या से झूज रहे है| ज्यादातर एडल्ट्स और बुज़ुर्ग लोग इस तकलीफ का शिकार होते है| पैर में तकलीफ क्ले बहुत से कारण होते है और बहुत सी चुप हुई बीमारिया होती है जिसके चलते आपको तकलीफ का सामना करना पढता है| वेरीकोज वेन भी इन्ही समस्या में से एक है| यह समस्या होना आम बात है| आम तोर पैर यह समस्या 30 साल से लेकर 60 साल तक के लोगो को होती है| यह बीमारी पैर की नसों पैर असर करि है जिससे बहुत दर्द होता है| आज के इस पोस्ट एम् हम आपको treatment of varicose vein bleeding , varicose vein treatment, वेरीकोज वेन्स का उपचार, वेरीकोस वेंस ट्रीटमेंट, वैरिकोस वीन ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद, अपस्फीत शिरा के उपचार, आदि की जानकारी देंगे|

वैरिकोस वेइन्स के कारण

वैरिकाज़ नसे बीमारी जिन्हें वैरिकाज़ या वैरिकोसिटीज भी कहा जाता है वे तब होता है जब आपकी नसों में रक्त बढ़ जाता है या एक जगह इकठा होकर जमने लगता है| वैरिकाज़ नसों में आमतौर पर सूजन और दर्द उठने लगता है और आपकी नसों का रंग नीला-बैंगनी या लाल रंग होता है। वे अक्सर दर्दनाक होते हैं।यह स्थिति बहुत आम है, खासकर महिलाओं में। लगभग 25 प्रतिशत वयस्कों में वैरिकाज़ नसों की बीमारी होती है। ज्यादातर मामलों में, वैरिकाज़ नसों की दिक्कत निचले पैरों पर दिखाई देती है। साथ ही आप हमारे अन्य स्वस्थ्य सम्बंधित पोस्ट्स जैसे की सफेद दाग का होम्योपैथिक इलाजUric Acid ka Gharelu Ilaj in Hindiबिरनी काटने का इलाज का इलाज भी देख सकते हैं|

वैरिकोज वेन्स का होम्योपैथिक इलाज

नसों भी अप्रयुक्त रक्त के लिए एक महत्वपूर्ण सोर्स के रूप में कार्य करती हैं। जब शरीर आराम पर होता है, शरीर में उपलब्ध रक्त का केवल एक हिस्सा फैलता है। शेष रक्त नसों में निष्क्रिय रहता है और सक्रिय परिसंचरण में प्रवेश करता है जब शरीर अधिक सक्रिय हो जाता है और पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाने के लिए अतिरिक्त रक्त की आवश्यकता होती है। यह भंडारण क्षमता नसों के आकार का मोटा करने के कारण है। नसों के अलग-अलग आकार होते हैं जो उनके स्थान और कार्य पर निर्भर करते हैं। सबसे बड़ी नसों शरीर के केंद्र में हैं ये सभी अन्य छोटी नसों से रक्त एकत्रित करते हैं और इसे दिल में पहुँचाती है|

वैरिकोस वेइन्स ट्रीटमेंट इन पतंजलि इन हिंदी

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Varicose Veins k Ilaj Patanjali Ayurveda

बहुत से लोग यह जान नहीं पाते है की यह बीमारी किस वजह से होती है या इसके होने का क्या कारण है| इसके बहुत विशेष कारण है जो हम आपको नीचे बताने वाले है|

  • ज्यादातर प्रेग्नेंट महिलाओ को यह बीमारी होती है|
  • मोटापे की वजह से यह बीमारी होती है|
  • शारीरिक ताकत की कमी होने के कारण यह बिमारी होती है|
  • अचानक से शरीर में होने वाले हारमोन परिवर्तन इस बीमारी की विशेष वजह होते है|
  • विटामिन सी और बी की कमी के कारण यह बीमारी का सामना करना पड़ता हैं|
  • बढ़ती उम्र के कारण यह बीमारी होती है|

बहुत से लोग ऐसे होते है जो की इस बीमारी के बारे में जान ही कही पाते है और बहुत दर्द का सामना करना पढता है| अब हम आपको इस बीमारी के कुछ लक्षण बताते है जिसे देखकर आप यह जानपाएँगे की आपको वैरिकोज वेन्स की बीमारी है की नहीं|

  • पैरो की नसों को फूलना या मोटा होना|
  • पैर की नसों में दर्द होना|
  • पैर का पूरी तरह से सूज जाना|
  • नसों का गहरा काला हो जाना|
  • घुटने को मोड़ने में तकलीफ होना|
  • पैर की एडी का सूज जाना|

वैरिकोस वेइन्स होम ट्रीटमेंट इन हिंदी

यह बीमारी बढ़ते उम्र के लोगो के लिए आम बीमारी है और इसका आसानी से इलाज हो जाता है| बहुत से ऐसे मेडिकल थेरिपी से या योग आसान से इस बीमारी का आसानी से इलाज हो जाता है| आप चाहे तो घरेलु नुस्को का प्रयोग करके भी एक महीने के अंदर इस बीमारी से निजाद पा सकते है| आइये अब ऐसे ही कुछ घरेलु नुस्को की जानकारी देते है|

  • अगर आप दिन में दो बार सेब साइडर सिरके की मदद से अपने पैर की मालिश करते है तो आप वैरिकोस नसे जैसी बीमारी से दूर रहा सकते है|
  • यदि आप दिन में दो बार पानी में लाल शिमला मिर्च के पाउडर को मिलाकर पीते है तो आप आसानी से जल्द इस बीमारी से छुटकारा पा सकते है|
  • जैतून के तेल से वैरिकोस नसों वाली जगह पैर मालिश करने से आप एक महीने में इस समस्या से निजाद पा सकते है|
  • इस बीमारी से निजाद पाने के लिए प्रभावित जगह पर लहसून के तेल लगाए| इससे यह बिमारी जल्द ही गायब हो जाएगी|
  • गरम पानी में एक मुट्ठी अजवाइन मिलाकर उसे ठंडा होने के लिए रख दे| इसके बाद उसमे गोले के तेल की एक बुध डालकर प्रभावित जगह लगाने से आप जल्द ही इस बीमारी से निजाद पा सकतेगे|

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