वन महोत्सव पर शायरी 2020 – Van Mahotsav Shayari in Hindi for WhatsApp & Facebook with Images

वन महोत्सव शायरी
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वन महोत्सव 2020: जैसा की हम सब जानते ही है की वन , पेड़ और पौधे हमारे जीवन के लिए बहुत महत्व रखते है| यह प्रकर्ति का हमारे लिए ऐसा वरदान है जो की हमे जीवन जीने के लिए ऑक्सीजन देते है| परन्तु धीरे धीरे मानवो द्वारा आधुनिकता के निर्माण के लिए भारी मात्रा में वन काटे जा रहे है| वन महोत्सव भारत में होने वाला के ऐसा पर्व है जो की हर साल 1 जुलाई को आता है| इस सात दिन चलने वाले पर्व में भारत में अलग अलग जगह वृक्षों और वनो की रक्षा और संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाई गई है और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए भारी मात्रा में पुढे लगाए जाते है| आज के इस पोस्ट में हम आपको वन महोत्सव 2020 शायरी इन हिंदी, वन महोत्सव मारथी शायरी, वन महोत्सव पर शायरी, Van Mahotsav shayari sms in hindi in 100 words, 140 words, 220 words, योग दिवस शायरी इन हिंदी, आदि की जानकारी देंगे जिसे आप अपने दोस्तों या परिवार वालो के साथ WhatsApp, Facebook, Instagram व Messenger आदि पर सेंड कर सकते हैं|

वन महोत्सव शायरी

वन महोत्सव कब मनाया जाता है: वन महोत्सव सप्ताह भारत में 1 जुलाई 2020 से 7 जुलाई 2020 तक मनाया जाएगा| आइये देखें Van Mahotsav day shayari, shayari on Van Mahotsav, Van Mahotsav Quotes in Hindi, Van Mahotsav lines in hindi, Van Mahotsav Wishes, Van Mahotsav sms shayari, Van Mahotsav Images, shayari on Forest Festival in Hindi, Van Mahotsav Poster, Forest Festival shayari in Hindi, Van Mahotsav Slogans, Van Mahotsav week in hindi, वन महोत्सव की शायरी इन हिंदी फॉर व्हाट्सएप्प, साहरी, स्टेटस, एसएमएस, एसएमएस हिंदी फॉण्ट, हिंदी और उर्दू शायरी आदि से सम्बंधित जानकारी|


आओ बच्चो एक बात बताऊँ
बात है जे बड़े ही ज्ञान की
पेड़ पौधे ही करते हैं रक्षा
हमारेप्राण की।
वन महोत्सव की शुभकामना 
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भगवान का वरदान हैं पेड़
पर्यावरण की शान हैं पेड़
हमारी सांस हैं पेड़
फिर क्यों काट रहे हो पेड़ ?
वन महोत्सव की शुभकामना 
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Van Mahotsav Shayri


ये पेड़ ये पत्ते भी
नाराज हो जाएं
यदि परिंदे भी
हिन्दू मुसलमान हो जाएं।
राष्ट्रीय वन महोत्सव की बधाई 
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पेड़ों की शोभा है न्यारी न्यारी
तभी तो खिलें हैं फूल क्यारी क्यारी
जाने क्या सोच कर पेड़ काट डाला
क्यों धरती का दिल चीर डाला
क्यों नन्हे पक्षियों को जीते जी
मार डाला
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Van Mahotsav Shayari


 पेड़ों के दर्द को क्यों नही समझते हम
पेड़ों के दर्द को कम क्यों नही करते हम
एक पेड़ तुम भी लगाओ
एक पेड़ हम भी लगाएं
राष्ट्रीय वन महोत्सव की बधाई 
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जिस बंजर भूमि पर है मायूसी
हर उस कोने में हरियाली लाएं
कस्में तो खा लेते है हम सब
पर उन कस्मों पर क्यों नही चलते हम
राष्ट्रीय वन महोत्सव की बधाई 
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वन महोत्सव की शायरी

van mahotsav shayari in Hindi


पेड़ों के दर्द को क्यों नही समझते हम...............
पेड़ लगाएंगे तो फल भी खाएंगे
लकड़ियाँ तो मिलेंगी ही, छाया भी पाएंगे
जब-जब ये बारिश आएगी
राष्ट्रीय वन महोत्सव की बधाई 
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पेड़ों के गीत सुनाएगी
पेड़ों में भी तो जीवन है
फिर पेड़ काटते वक़्त क्यों नही डरते हम
पेड़ों के दर्द को क्यों नही समझते हम...............
राष्ट्रीय वन महोत्सव की बधाई 
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वन महोत्सव हिंदी शायरी

ये वन महोत्सव शायरियां आप Hindi, Prakrit, Urdu, sindhi, Punjabi, in Marathi, Gujarati, Tamil, Telugu, Nepali, सिंधी लैंग्वेज, Kannada व Malayalam hindi language व hindi Font में जानना चाहे जिसमे की Van Mahotsav Two Lines Shayari, Message, SMS, Quotes, Whatsapp Status, Saying, Slogans, slogan on yoga day, sms 140 & SMS in 120 Words & Characters के साथ हर साल 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 के लिए शायरियां मिलती है जिन्हे आप colleagues, office workers, officers, employees, boss etc. के साथ Facebook, WhatsApp व Instagram पर post व शेयर कर सकते हैं|


हरा-भरा रहेगा आँगन अपना
पेड़ों संग ही जुड़ा है जीवन अपना
पेड़ों को काटने वालो कुछ तो शर्म करो
अपने पत्थर दिल को थोडा सा नर्म करो
वन महोत्सव 2020
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सब को पता है पेड़ ही तो जीवन है
फिर मोम की तरह क्यों नही पिघलते हम
पेड़ों के दर्द को क्यों नही समझते हम...............
पेड़ों के दर्द को कम क्यों नही करते हम !!
वन महोत्सव 2020
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वन महोत्सव शायरी इन हिंदी


यादों का शहर देखो बिलकुल वीरान है,
दूर दूर न जंगल है न ही कोई मकान है...!!
वन महोत्सव 2020
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कभी भूल से भी मत जाना मुहब्बत के जंगल मेँ...
यहाँ साँप नहीँ हम सफर डसा करते हैँ
बस्ती जंगल सी लगे, मैँ जाऊँ किस ओर,
घात लगाये राह मेँ, बैठे आदमखोर !!
वन महोत्सव 2020
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वन महोत्सव पर शायरी

Van Mahotsav Hindi Shayari for WhatsApp


It's the flock, the grove, that matters.
Our responsibility is to species, not to
specimens; to communities, not to individuals.
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Each generation takes the earth as trustees.
We ought to bequeath to posterity as many
forests and orchards as we have exhausted and consumed.
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Van Mahotsav 2 Line shayari

 


The forest is not merely an expression or
representation of sacredness, nor a place to
invoke the sacred; the forest is sacredness itself.
Nature is not merely created by God, nature is God.
Whoever moves within the forest can partake directly of sacredness,
experience sacredness with his entire body
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The clearest way into the universe
is through a forest wilderness.
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1 Line Van Mahotsav Shayari


The morning woods were utterly new.
A strong yellow light pooled beneath the trees;
my shadow appeared and vanished on the path,
since a third of the trees I walked under
were still bare, a third spread a luminous haze 
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wherever they grew, and another third blocked
the sun with new, whole leaves. The snakes were
out - I saw a bright, smashed one on the path -
and the butterflies were vaulting and furling about;
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Van Mahotsav SMS Shayari


The grove is the centre of their whole religion.
It is regarded as the cradle of the race and
the dwelling-place of the supreme god to
whom all things are subject and obedient.
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Ay me! ay me! the woods decay and fall;
The vapours weep their burthen to the ground.
Man comes and tills the earth and lies beneath,
And after many a summer dies the swan.
Me only cruel immortality consumes
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Van Mahotsav Shayari With Image


I wither slowly in thine arms,
Here at the quiet limit,
Here at the quiet limit of the world.
A white-haired shadow roaming like a dream,
The ever silent spaces of the East.
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I frequently tramped eight or ten miles
through the deepest snow to keep an
appointment with a beech-tree, or a yellow birch,
or an old acquaintance among the pines.
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