भूमि पट्टा अधिनियम

भूमि पट्टा अधिनियम – भूमि पट्टाकरण

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ग्राम समाज भूमि यानी गाँव में कोई भी जमीन पर मकान का पट्टा बनाने की विधि से पहले ये जानना आवश्यक है की सरकार ने जमीन का पट्टा के लिए क्या अधिनियम यानी rules बना रखे हैं| अगर आपके पास भी कोई ज़मीन है तो भूमि का पट्टा करने से पहले ग्राम पंचायत पट्टा के ग्राम पंचायत पट्टा नियम जान लें| निचे बताई जानकारी में हमने पट्टे के अर्थ से लेकर पट्टे की जमीन से सम्बंधित सारे अधिनियम बताये हैं |

भूमि पट्टा अधिनियम यानी की ग्राम पंचायत पट्टा नियम के अनुसार जिन लोगो ने साल 2003 तक झोपडी पर निर्माण किया है तो उन्हें नियम 157-(2) के तहत 300 वर्ग गज़ तक का भूखण्ड निःशुल्क नियमित किया जाएगा जो की महिला के नाम पर होगा|

ग्राम पंचायत पट्टा नियम

ग्राम पंचायत पट्टा नियम

नीति आयोग द्वारा दिए हुए पट्टा प्रस्ताव के अनुसार कृषि भूमि मालिकों के अधिकारों को हासिल करने और किरायेदार किसानों को अपनी भूमि पट्टे में मदद के माध्यम से पट्टे की खेती को पुनर्जीवित करके कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे की किसान भाई व अन्य लोग सरकार से ऋण और बीमा का उपयोग कर सकते हैं।

जिन किसान भाईओ ने जमीन किराए पर ली है वो इस अधिनियम के तहत फसल की क्षति के लिए मुआवजे का लाभ उठा सकते हैं| कृषि लागत के आयोग की एक विशेषज्ञ समिति द्वारा कानून लागू किया गया है, जिसे सितंबर 2015 में भूमि पट्टे पर उदारीकरण के तरीकों की जांच के लिए बनाया गया था।

  • इस अधिनियम के अनुसार भूमि मालिकों को किरायेदार किसानों को बिना किसी डर के भूमि, को पट्टे पर देने की इजाजत है।
  • पंजाब, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र के राज्यों में किरायेदारों को ज़मीन की अवधि के ख़त्म होने के बाद मालिक से जमीन खरीदने का अधिकार है|
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ग्राम पंचायत की भूमि एवं पट्टे का विवरण

सेवा में, लोक सूचना अधिकारी (विभाग का नाम) (विभाग का पता) विषय- सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत… Click To Tweet

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