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भाई दूज पर कविता 2018 – Poem on bhai dooj in Hindi for Brother & Sister for Class 1-12

Bhai dooj 2018: हिन्दू धर्म के लोगों द्वारा मनाया जाने वाला भाई दूज का त्योहार बहन और भाई के स्नेह और प्रेम को दर्शाता है | हिन्दू धर्म में रक्षाबंधन के बाद यह दूसरा पर्व है जो भाई-बहन के रिश्ते को और अधिक मजबूत बनता है | भाई दूज का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्रुतीय तिथि को मनाया जाता है | इस दिन बहन अपने भाई को तिलक करती है उसे खाना खिलाती है और उसके उज्जवल भविष्य की कामना करती है। भाई दूजका पर्व दिवाली के दो दिन बाद आता है | ये कविता खासकर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है|

भाई दूज पर कविता

भाई दूज कब है: इस साल भाई दूज का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्रुतीय तिथि 9 नवंबर 2018 शुक्रवार को पड़ रहा है | आइये अब हम आपको bhai dooj par kavita, भाई दूज पर निबंध, भाई दूज की कविता, Bhaiya Dooj Shayari in Hindi, bhai dooj poems hindi, bhai dooj kavita, Short Poem on bhai dooj in English for Brother, आदि की जानकारी किसी भी भाषा जैसे Hindi, हिंदी फॉण्ट, मराठी, गुजराती, Urdu, उर्दू, English, sanskrit, Tamil, Telugu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Malayalam, Nepali, Kannada के Language व Font में साल 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 का full collection जिसे आप अपने स्कूल व सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे whatsapp, facebook (fb) व instagram पर share कर सकते हैं|

बिखरी घर-आंगन में खुशियां,
बहनें रोली लेकर आईं।

सजी हुई थाली हाथों में,
अधरों पर मुस्कानें।
मस्तक चंदन तिलक लगाकर,
गाएं प्रेम तराने।

भाई-बहन का प्यार अमर है,
सारा जग ये जाने।
देने शत-शत बार दुआएं,
बहनें रोली लेकर आईं।

जाति-धर्म से दूर पर्व यह,
बस अपनापन झलके।
हर हृदयंतर की गगरी से,
ममता का रस छलके।

प्रीत डोर से बंधते ऐसे,
बंधन अद्भुत बल के।
लेकर नैनों में आशाएं,
बहनें रोली लेकर आईं।

जीवन की हर कठिन डगर पर,
साथ कहीं ना छूटे।
जग सागर में नाव भाई की,
नहीं कभी भी टूटे।

पतझड़ ना हो मन उपवन में,
नित सुख-अंकुर फूटे।
हरदम दूर रहें विपदाएं,
बहनें रोली लेकर आईं।

Poem on bhai dooj in Hindi

भाई दूज का पावन पर्व मैं मनाऊं

सनेह भरी अभिव्यक्ति देकर

तेरी खुशहाली के मंगल गीत मैं गाऊ

आ भैया तुझे तिलक लगाऊं

कितना पावन दिन यह आया

जिसने भाई बहन को फिर से मिलाया

मनं मैं बहती स्नेह की गंगा

ख़ुशी के अश्रुँ को मैं कैसे छुपाऊं

आ भैया तुझे तिलक लगाऊ

भाई दूज का पावन पर्व मैं मनाऊ

सनेह भरी अभिव्यक्ति देकर

तेरी खुशहाली के मंगल गीत मैं गाऊ

आ भैया तुझे तिलक लगाऊं

खुशकिस्मत है मुझ जैसी बहना

जिसे दिया है ईश्वर ने भाई सा गहना

तुझे टीका लगाऊ , मुहं मीठा करवाऊ ,

तेरी लम्बी उम्र की शुभकामना कर

तुझ पे वारी मैं जाऊं

आ भैया तुझे तिलक लगाऊं

भाई दूज का पावन पर्व मैं मनाऊं

सनेह भरी अभिव्यक्ति देकर

तेरी खुशहाली के मंगल गीत मैं गाऊ

आ भैया तुझे तिलक लगाऊं

आरती की मैं थाली सजाऊं

रोली एवं अक्षत से अपने भाई का तिलक लगाऊं

कभी न तुझ पे आए संकट

तेरे उज्ज्वल भविष्य के कामना गीत मैं गाऊ

आ भैया तुझे तिलक लगाऊं

भाई दूज का पावन पर्व मैं मनाऊं

सनेह भरी अभिव्यक्ति देकर

तेरी खुशहाली के मंगल गीत मैं गाऊ

आ भैया तुझे तिलक लगाऊ

Short Poem on Bhai dooj in Hindi

Short Poem on Bhai dooj in Hindi

कुमकुम अक्षत थाल सजाए
भाइयों पर अटूट प्रेम बरसाए
बहनों का आज मन हरषाए
भाइयों को प्रेम से तिलक लगाए।

बचपन के वो लडाई झगड़े
बीती यादों से मन सज जाएँ
प्रेम ही प्रेम रहें बस हृृृदय में
भाइयों से आज आशीष पाएँ

रक्षा का अनमोल वादा पाकर
बहनों की खाली झोली भर जाएँ
भाई दोज की शुभ बेला आई
फिर क्यों न मन हर्षित हो जाएँ ।

भैया दूर रहो या पास कभी तुम
बहने खुशहाली के दीप जलाए
भाई बहिन का रिश्ता ही है खास
चलो धूमधाम से आज पर्व मनाए ।

Bhai dooj Kavita Marathi

एक बहीण कायमची बहीण आहे,
जो बंधन कधीही कमी होत नाही तोपर्यंत
दयाळू आणि काळजी घेणारा मित्र
एक बंधुभगिनी देवाणघेवाण करण्यास निवडले.
गहन आणि गहन असे काही संबंध आहेत,
आणि इतके प्रेम वाढले आहे,
जरी काही विचार क्वचितच व्यक्त केले जातात,
प्रेम प्रत्येक चाचणी टिकवून ठेवते आणि टिकते.
हृदयातील विश्रांतीची स्थिरता
एक बहीण एक प्राथमिक भाग आहे.
तिला जेव्हा गरज असेल तेव्हा ती नेहमीच तिथे राहते,
आपण ऐकता, आपण मूल्यवान आहात, आपण त्याचे पालन केले आहे.
वाढ म्हणून, स्वातंत्र्य आपण विचार,.
तुमची भावना गहरी वाढतात आणि मोहक असतात ;,
आणि जीवन आपल्याला एक गोष्ट सांगते जे सत्य आहे :,
एक बहीण तुझ्यातील मोठा भाग आहे

Happy bhai dooj poems

मेरे प्यारे भाई
हो तुम मुझसे छोटे
लेकिन रिश्ते यूँ निभाते हो
जैसे हो मेरे से बड़े
जीवन पथ पर चलत चलत
जब मेने ठोकर खाई
सर ऊँचा कर देखा
साथ तुम्हारा पाई |

जब तुमने मुझे देखा
मुख मलिन था मेरा
फिर तुम कभी न खुश रहते
तुम्हारी हर कोशिश मुझे खुश रखने की
लेकर आगे कदम बढ़ाया
सर उठा कर देखा तो
हाथ तुम्हारा आगे पाया |

आँखों में आसूं मेरे होते
मायूस तुम नजर आते
सांत्वना की बड़ी टोकरी ले
मेरे सामनेसदा तुम्हे ही पाया
सिर उठाकर देखा तो
पास तुम्हे ही पाया ||

कोई परेशानी न हो ऐसी
जिसका समाधान न तुमने पाया
मेरे से ज्यादा विश्वास तुमपर
सदा आधार उसे बनाया
सर उठाकर देखा तो
हाथ तुम्हारा आगे पाया ||

चंदा मामा से प्यारा मेरा मामा
सब बच्चों से हमेशा गाया
बाल मन पढने में माहिर
क्या तुमने जादू छड़ी घुमाया
जो काम तेरी बहन नही कर पाती
मेरे भैया तुमने झट से कर दिखाया
सर ऊँचा कर देखा तो
सामने तुम्हे ही खड़ा पाया | |

Poem on bhai dooj in English

Growing up as kids we were blessed
To have come from a loving home
Parents that guided and loved us
And never did us wrong.

We had a beautiful childhood
Many memories we all hold
We’ve always had that sibling bond
That’s more precious than gold.

Mom and Dad had it hard
Raising six kids way back then
But we never went hungry or unclothed
And their love was Heaven sent.

I’m thankful that we were loved
Something money could never buy
This was the richness that filled our hearts
Because Mom and Dad always tried.

Now as I’m getting older
I’ve learnt to appreciate things much more
I’m thankful we loved each other
And each one of you I adore.

Today I want to say to each of you
I Love You with my whole heart
I’ll Love You beyond this lifetime
And my love will never stop.

 

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