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बाल दिवस पर भाषण 2018 – Children’s Day Speech in Hindi & English pdf download

Children’s Day 2018: बाल दिवस या जिसे हम सब चिल्ड्रेन्स डे के नाम से भी जानते है एक ऐसा पर्व है जो की सभी देशो में अलग अलग समय या दिन मनाया जाता है| भारत में इस दिन को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मोत्सव के दिन मनाया जाता है| जवाहरलाल नेहरू का बच्चो के प्रति स्नेह और प्रेम एक मिसाल था| राजनीति में आने से पहले वे एक विद्यालय में अध्यापक थे| पूरे भारत में बाल दिवस मनाया जाता है| इस दिन सभी स्कूल एवं कॉलेज में भिन्न प्रोग्राम होते है| आज के इस पोस्ट में हम आपको बाल दिवस भाषण मराठी, bal diwas ka bhashan, बाल दिवस समारोह के लिए स्वागत भाषण, बाल दिवस का भाषण, आदि हिंदी, इंग्लिश, मराठी, बांग्ला, गुजराती, तमिल, तेलगु, आदि की जानकारी देंगे जिसे आप अपने स्कूल के निबंध प्रतियोगिता, कार्यक्रम या भाषण प्रतियोगिता में प्रयोग कर सकते है| ये भाषण कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है|

बाल दिवस भाषण

बाल दिवस कब मनाया जाता है: बाल दिवस को हर वर्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाता है| इस पर्व हर वर्ष 14 नवंबर को मनाया जाता है| आज के इस पोस्ट में हम आपको Bal diwas quotes, children’s day speech on 14th november, Children’s Day Shayari in Hindi, english pdf, Happy Children’s Day Image , november 14 children’s day speech in kannada, बाल दिवस पर कविता, childrens day speech malayalam, Childrens Day Message, bal diwas bhashan in hindi, Children’s Day Essay in Hindi, आदि की जानकारी  किसी भी भाषा जैसे Hindi, Urdu, उर्दू, English, sanskrit, Tamil, Telugu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Malayalam, Nepali, Kannada के Language Font में साल 2007, 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 का full collection whatsapp, facebook (fb) व instagram पर share कर सकते हैं|आप सभी को बाल दिवस की शुभकामनाएं|

प्रधानाध्यापक, सर, मैडम और मेरे प्यारे साथियों को नमस्कार। हम सभी बहुत खुशी के साथ यहाँ बाल दिवस मनाने के लिए एकत्र हुये हैं। मैं बाल दिवस के इस अवसर पर अपने विचार रखना चाहता/चाहती हूँ। बच्चे परिवार में, घर में, समाज में खुशी का कारण होने के साथ ही देश का भविष्य भी होते हैं। हम पूरे जीवन भर माता-पिता, शिक्षकों और अन्य संबंधियों के जीवन में बच्चों की भागीदारी और योगदान को नजअंदाज नहीं कर सकते। बच्चे सभी के द्वारा पसंद किए जाते हैं और बिना बच्चों के जीवन बहुत ही नीरस हो जाता है। वे भगवान का आशीर्वाद होते हैं और अपनी सुन्दर आँखों, मासूम गतिविधियों और मुस्कान से हमारे दिल को जीत लेते हैं। बाल दिवस प्रत्येक वर्ष पूरे संसार में बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है।

यह विभिन्न देशों में अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है हालांकि, यह भारत में 14 नवम्बर को मनाया जाता है। वास्तव में 14 नवम्बर महान स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री (पं. जवाहर लाल नेहरु) का जन्म दिवस है हालांकि, बच्चों के प्रति उनके लगाव और स्नेह की वजह से इस दिन को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। वे एक राजनीति नेता थे फिर भी, उन्होंने बच्चों के साथ बहुत ही कीमती वक्त बिताया और उनकी मासूमियत से वो बहुत प्यार करते थे। बाल दिवस का उत्सव मस्ती और उल्लास की बहुत सारी गतिविधियाँ लाता है। इस दिन का उत्सव बच्चों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने की याद दिलाता है, जिसमें बच्चों का कल्याण, उचित स्वास्थ्य, देखभाल, शिक्षा, आदि शामिल है। बच्चों को चाचा नेहरु के आदर्शों और बहुत सारा प्यार और स्नेह दिया जाता है। यह बच्चों के गुणों की प्रशंसा करने का अवसर है।

बच्चों को किसी भी मजबूत राष्ट्र की नींव की ईंट माना जाता है। बच्चे छोटे होते हैं किन्तु राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन करने की क्षमता रखते हैं। वे आने वाले कल के जिम्मेदार नागरिक हैं क्योंकि देश का विकास उन्हीं के हाथों में है। बाल दिवस उत्सव उन अधिकारों की भी याद दिलाता है, जो बच्चों के लिए बनाये गए हैं और उनसे बच्चे लाभान्वित हो भी रहे हैं, या नहीं। बच्चे कल के नेता हैं इसलिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों से आदर, विशेष देख-रेख और सुरक्षा की आवश्यकता है। हमारे राष्ट्र में बहुत तरीकों से परिवार के सदस्यों, संबंधियों, पड़ौसियों या अन्य अजनबियों के द्वारा उनका शोषण किया जाता है। बाल दिवस का उत्सव परिवार, समाज और देश में बच्चों के महत्व को याद दिलाता है। बच्चों के कुछ सामान्य अधिकार निम्नलिखित हैं जो उन्हें अवश्य प्राप्त होने चाहिए।

  • उन्हें परिवार और अभिभावकों के द्वारा उचित देखभाल और प्यार मिलना चाहिए।
  • उन्हें स्वास्थ्यवर्धक खाना, स्वच्छ कपड़े और सुरक्षा जरुर मिलनी चाहिए।
  • उन्हें रहने के लिए स्वस्थ्य वातावरण प्राप्त होना चाहिए जहाँ वो घर, स्कूल या अन्य स्थानों पर सुरक्षित महसूस कर सकें।
  • उन्हें उचित और अच्छे स्तर की शिक्षा मिलनी चाहिए।
  • उन्हें विकलांग या बीमार होने पर विशेष देखरेख मिलनी चाहिए।
  • एक सुन्दर राष्ट्र का निर्माण करने के लिए हमें एकजुट होकर देश के नेताओं का वर्तमान और भविष्य सुनिश्चित करने की शपथ लेनी चाहिए।

धन्यवाद।

बाल दिवस पर भाषण

अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है बाल दिवस पर भाषण लिखें | आइये अब हम आपको children’s day speech in tamil, telugu, malayalam, kannada, hindi pdf, for teachers, telugu language, odia, children’s day speech for teachers, short व long essay आदि की जानकारी 100 words, 150 words, 200 words, 400 words में जान सकते हैं |

सबसे पहले, आज बाल दिवस को मनाने के लिए यहाँ उपस्थित सभी को मेरा सुप्रभात। बाल दिवस के इस अवसर पर मैं, पं. जवाहर लाल नेहरु के जन्मदिवस को क्यों बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है?, के बारे में अपने विचार आप सभी के सामने रखना चाहता/चाहती हूँ। मेरे सभी प्यारे मित्रों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। संयुक्त राष्ट्र की सभा में 20 नवम्बर को आधिकारिक रुप से बाल दिवस मनाने की घोषणा की गयी, लेकिन भारत में यह 14 नवम्बर को पं. नेहरु का जन्म दिवस होने के कारण, हर साल इसी दिन मनाया जाता है। उनका जन्म दिन बाल दिवस के रुप में मनाने के लिए बच्चों के प्रति उनके प्यार, लगाव और स्नेह को देखने के कारण चुना गया। वह लम्बें समय तक बच्चों के साथ खेलना और बात करना पसंद करते थे। वह पूरे जीवनभर बच्चों से घिरे रहना चाहते थे। उन्होंने देश के बच्चों और युवाओं की बेहतरी के लिए भारत की स्वतंत्रता के तुरंत बाद कठिन कार्य किए थे।

पंडित जवाहर लाल नेहरू इस देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बच्चों के प्रति, विशेष रुप से उनके कल्याण, अधिकारों, शिक्षा और सम्पूर्ण सुधार के लिए बहुत अधिक उत्साहित और गर्भजोशी से भरे हुये थे। वह बहुत ही प्रेरणादायक और प्रेरित प्रकृति के थे। वह हमेशा बच्चों को कठिन परिश्रम और बहादुरी के कार्य करने के लिए प्रेरित करते थे। वह भारत में बच्चों के कल्याण और स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक चिन्तित थे, इसलिए उन्होंने बच्चों के लिए कठिन परिश्रम किया ताकि उन्हें बचपन से ही कुछ अधिकार प्राप्त हो सकें। बच्चों के प्रति उनके स्वार्थरहित प्रेम के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कहते थे। 1964 में, उनकी मत्यु के बाद से, उनका जन्मदिन पूरे भारत में बाल दिवस के रुप में मनाया जाने लगा।

वह हमेशा बचपन को पसंद करते थे और हमेशा बिना किसी व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय, पारिवारिक और वित्तीय जिम्मेदारी के उचित बचपन के समर्थक थे क्योंकि वे राष्ट्र के भविष्य और देश के विकास के लिए भी जिम्मेदार थे। बचपन जीवन का सबसे अच्छा चरण होता है जिसे सभी के लिए स्वस्थ्य और खुशियों से भरा होना चाहिए ताकि वे आगे अपने राष्ट्र का नेतृत्व करने के लिए तैयार रहें। यदि बच्चे मानसिक और शारीरिक रुप से अस्वस्थ्य होगें तो वे राष्ट्र के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान नहीं दे सकेंगे। इसलिए जीवन में बचपन की अवस्था सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है जिसमें सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को प्यार, देखभाल और स्नेह से पोषित करना चाहिए। देश का नागरिक होने के नाते, हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुये राष्ट्र के भविष्य को बचाना चाहिए।

बाल दिवस बहुत ही मस्ती और उल्लास की गतिविधियों जैसे खेल-कूद, इनडोर खेल, आउटडोर खेल, नृत्य, नाटक-नाटिका, राष्ट्रीय गीत, भाषण, निबंध लेखन आदि के आयोजन के द्वारा मनाया जाता है। यह वो दिन है, जिस दिन बच्चों पर से सभी प्रतिबंधों को हटा लिया जाता है और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार उत्सव मनाने की अनुमति दी जाती है। इस अवसर पर विद्यार्थी शिक्षकों द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता या अन्य विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं जैसे; चित्रकला प्रतियोगिता, मार्डन ड्रेस शो, गायन, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी योग्यता को प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किए जाते हैं।

धन्यवाद।

Childrens Day speech

Childrens Day speech

आदरणीय प्रधानाचार्य, उप-प्रधानाचार्य, सम्मानित शिक्षकगण और साथी छात्रों आप सबका आज के इस कार्यक्रम में हार्दिक स्वागत है।

आज बाल दिवस के इस विशेष अवसर पर मैं राहुल बोस आप सबके सामने इस विशेष दिन के विषय में एक छोटा सा भाषण प्रस्तुत करते हुए इस दिन की महत्ताओं तथा इसे और भी उत्तम बनाने के उपायों के विषय में बताने का प्रयास करुंगा।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि हमारे देश में बाल दिवस का यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष 14 नवंबर के दिन मनाया जाता है, हममें से कई लोग इस बात को जानते होंगे फिर भी मैं आपको बता दूं कि, यह हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता है। ऐसा उनके बच्चों के प्रति लगाव और प्रेम को देखते हुए किया जाता है, पंडित जवाहर लाल नेहरु एक उम्दा राजनेता और वक्ता होने के साथ ही अपने मृदु स्वभाव के कारण बच्चों में भी काफी लोकप्रिय थे और छोटे बच्चे उन्हें चाचा नेहरु के नाम से संबोधित किया करते थे। यह तो बात हुई इस दिन के इतिहास की पर क्या आपको पता है बाल दिवस क्यों मनाया जाता है और इसे मनाने के पीछे कारण क्या है?

इस विषय में मैं आपको बता दूं की बाल दिवस का यह दिन कोई साधरण दिन नही है, यह दिन बच्चों के अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं के प्रति व्यस्कों तथा बच्चों में जागरुकता लाने के लिए निर्धारित किया गया एक दिन है और पूरे विश्व में इसे अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है। इसके आलावा इस दिन को और भी मनोरंजक बनाने के लिए कई प्रकार के बच्चों के लिए विद्यालयों और संस्थानो में कई कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है। जिनमें से कई सारे कार्यक्रम हमारे विद्यालय में भी आयोजित किये गये हैं जैसे कि फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता आदि।

हमारे देश में बाल दिवस का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि हमारे देश में अभी भी काफी सारे बच्चे बाल मजदूरी जैसी कुप्रथाओं में फंसे है और कुछ लोग अपने थोड़े से लाभ के लिए उनका शोषण करने से बाज नही आते है। वास्तव में बाल दिवस का अर्थ पूर्ण रुप से तब तक सार्थक नही हो सकता, जब तक हमारे देश में हर बच्चे को उसके मौलिक बाल अधिकारों की प्राप्ति ना हो जाये। जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा, पारिवारिक प्रेम और लैंगिग भेदभाव जैसे मुद्दे हैं। बाल दिवस के इस विशेष पर्व को हमें देश के कोने-कोने तक पहुंचाने की आवश्यकता है क्योंकि भले ही बच्चों के भलाई और बाल अधिकारों के लिए के लिए सरकार द्वारा कई सारी योजनाएं क्यों ना चलायी जा रही हों पर उन तक उनका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।

आज भी हमारे देश में बच्चे या तो मजबूरी में या जोर-जबरदस्ती के कारण बाल मजदूरी करने के लिए बाध्य है, इसके आलावा अब छोटे बच्चों को अब तस्करी, भीख मांगने और यौन अपराधों में शामिल होने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है। इस तरह की घटनाए ना सिर्फ निंदनीय है बल्कि मानव सामज को कलंकित करने का भी कार्य करती हैं। इन अपराधों और दुर्व्यसनों में फंसकर ना सिर्फ बच्चों का बचपन खराब हो जाता है बल्कि यह उनके लिए जुर्म के दुनियां में कदम रखने के लिए सीढ़ी का भी कार्य करता है।

हम जाने अनजाने में कही ना कही इन कार्यों को बढ़ावा दे रहे है, यदि हम चाहे तो इनमें से कई कार्यों को रोक सकते है जैसे कि हम चाहे तो मजदूरी करने वाले बच्चों को सरकार द्वारा संचालित मुफ्त शिक्षा योजना के विषय में बताकर उन्हें शिक्षा के विषय में जागरुक कर सकते हैं, चंदा इकठ्ठा करके आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों की सहायता कर सकते है। इन कार्यों द्वारा हम अपने देश को सशक्त और विकसित बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

उम्मीद है मेरा यह भाषण आप सबको अच्छा लगा हो, मेरे इस भाषण को इतने धैर्यपूर्वक सुनने के लिए आप सबको धन्यवाद!

Children’s Day speech in english

Good morning to the excellencies, Principal sir, teachers and my dear colleagues. As we all know that we are gathered here to celebrate the birth anniversary of the first Prime Minister of India means children’s day. I would like to speech on this great occasion and make this occasion a memorable one for me. 14th of November is celebrated as the children’s day every year all over the India in the schools and colleges. 14th of November is the birthday of the Pundit Jawaharlal Nehru who was the first Prime Minister of independent India. His birthday is celebrated as children’s day because of his great love and affection for the children of the nation. He had given much importance to the children throughout his life and loved to talk them. He always liked to be among children and surrounded by the them. He is called as the Chacha Nehru by the children because of his lots of love and care towards children.
It is celebrated by the cabinet ministers and high officials including other people in the early morning by gathering at Shanti Bhavan and pay homage to the great leader. They place flowers garland at the Samadhi and perform prayers and then chanting of hymns takes place. A heartily tribute is paid to the Chacha Nehru for his selfless sacrifices, encouraging youths, peaceful political achievements, etc.
Variety of cultural programmes and activities are organized in various schools and colleges
by the children to celebrate this day with big enthusiasm. National, inspirational and motivational songs are sung, stage show, dance, short dramas, etc are played by the children to remember the Indian leader and his great love and care for the children. A big crowd of people attend the celebration to hear the speech of students about the Pt. Nehru. Pt. Nehru always advised to the children to be patriotic and nationalistic all through the life. He always inspired and cheered the children doing deeds of bravery and sacrifice for the motherland.
Thank You

Children’s Day speech in hindi

आदरणीय महानुभाव, प्रधानाचार्य जी, अध्यापक व अध्यापिकाएं और मेरे सहपाठियों को सुप्रभात। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम यहाँ स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के जन्मदिन अर्थात् बाल दिवस को मनाने के लिए इकट्ठा हुये हैं। मैं इस महान उत्सव को अपने लिए, यादगार उत्सव बनाने के लिए बाल दिवस पर भाषण देना चाहती/चाहती हूँ। हर साल 14 नवम्बर को, पूरे देश के विद्यालयों और कॉलेजों में बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है। 14 नवम्बर जवाहर लाल नेहरु का जन्म दिवस है।

उनका जन्म दिन बाल दिवस के रुप में इसलिए मनाया जाता है क्योंकि वह बच्चों से बहुत प्यार और स्नेह करते थे। उन्होंने अपने पूरे जीवनभर बच्चों को बहुत महत्व दिया और वह उनसे बात करना भी बहुत पसंद करते थे। वह हमेशा बच्चों के बीच में घिरे होना पसंद करते थे। बच्चों के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कहते थे।

यह दिन कैबिनेट मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के साथ कुछ अन्य महत्वपूर्ण लोगों को शामिल करके शान्ति भवन में इकट्ठा होकर, सुबह के समय में महान नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करके मनाया जाता है। वे सभी उनकी समाधि पर फूल माला अर्पित करके प्रार्थना और मंत्रों का जाप करते हैं। चाचा नेहरु के निस्वार्थ बलिदान, युवाओं को प्रोत्साहित करने, शान्तिपूर्ण राजनीतिक उपलब्धियों के लिए हार्दिक श्रद्धांजलि समर्पित की जाती है।

विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों द्वारा इस दिन को बड़े उत्साह के साथ के मनाने के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। राष्ट्रीय प्रेणादायी और प्रोत्साहित करने वाले गीतों को गाया जाता है, स्टेज शो, नृत्य, छोटे नाटक आदि बच्चों द्वारा महान भारतीय नेता की याद में और बच्चों के प्रति उनके प्यार के कारण आयोजित किए जाते हैं। पं. जवाहर लाल नेहरु के बारे में, विद्यार्थियों के भाषण सुनने के लिए भारी भीड़ उपस्थित होती है। पं. नेहरु हमेशा बच्चों को पूरे जीवन भर देशभक्त और राष्ट्रप्रेमी बनने की सलाह देते थे। वह हमेशा बच्चों को अपनी मातृभूमि के लिए साहसिक कार्य करने और बलिदान देने के लिए प्रेरित करते थे।

धन्यवाद।

Children’s Day speech in marathi

आदरणीय महानुभाव, प्रधानाचार्य जी, शिक्षक व शिक्षक आणि माझ्या सहपाठ्यांना सुप्रभात. जसजसे आम्ही सर्वजण हे जाणतो की आम्ही येथे स्वतंत्र भारताचे पहिले पंतप्रधानांचे जन्मदिवस म्हणजे बाल दिवस को मनाने के लिए एकत्रित आहोत. मी हा महान उत्सव स्वतःसाठी, यादगार उत्सव बनवण्यासाठी बाल दिवस वर भाषण देऊ इच्छितो. दरवर्षी 14 नोव्हेंबर, संपूर्ण देशांतील विद्यालये आणि कॉलेजमध्ये बाल दिवस म्हणून मनाला जाता येते. 14 नोव्हेंबर जवाहर लाल नेहरु का जन्म दिन आहे.

त्यांचा जन्मदिवस बाल दिवस का म्हणून तो मनाला जातो कारण तो मुलांपासून खूप प्रेम करतो आणि प्रेम करतो. त्यांनी आपल्या संपूर्ण जीवनभर मुलांना खूप महत्त्व दिले आणि ते त्यांना बोलायला खूप आवडले. ते नेहमीच लहान होते. मुलांचे प्रति प्रेम आणि प्रेम कारण मुले त्यांना चाचा नेहरु म्हणतात.

या दिवशी कॅबिनेट मंत्री आणि उच्च अधिकाऱ्यांसह काही इतर महत्त्वाच्या लोकांना समाविष्ट करून शांतता भवन मध्ये एकत्रित केले जाते, मर्तेच्या वेळी महान श्रद्धेला श्रद्धांजली अर्पण केले जाते. ते सगळे त्यांच्या समाधानावर फुले मळा अर्पण करतात आणि प्रार्थना करतात आणि मंत्रांची जप करतात. चाचा नेहरु के निस्वार्थी बलिदान, तरुणांना प्रोत्साहित करणे, शांततापूर्ण राजकीय यश मिळवणे हार्दिक श्रद्धांजली समर्पित केले जाते.

वेगवेगळ्या सांस्कृतिक कार्यक्रम आणि उपक्रमांचे आयोजन केले जाते. राष्ट्रीय प्रेरणादायी आणि उत्तेजित करणारे गीत गाया जाता, स्टेज शो, नृत्य, लहान नाटके इत्यादी मुलांनी महान भारतीय नेते की याद ठेवतात आणि मुलांचे प्रति प्रेम त्यांचे कारण केले जाते. पं. जवाहर लाल नेहरु बद्दल, विद्यार्थ्यांची भाषण ऐकण्यासाठी प्रचंड जमाव उपस्थित आहे. पं. Nehru नेहमीच मुलांना संपूर्ण जीवनभर राष्ट्रपक्त आणि राष्ट्रप्रेमी बनणे सल्ला दिला. ते नेहमीच मुलांना आपल्या जन्मभूमीसाठी रोमांचकारी काम करतात आणि बलिदान देतात.

धन्यवाद

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