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पेरेंट्स डे पर कविता – Parents Day Poem in Hindi, English, Tamil & Marathi for School Kids & Students Class 1-12

Parents Day 2018: माता-पिता दिवस पेरेंटिंग के महत्व को दर्शाने के लिए मनाया जाता है। परिवार एक मौलिक मानव संस्थान हैं वे बिना शर्त प्यार और प्रतिबद्धता से बंधे हैं| माता-पिता दिवस की स्थापना 1994 में हुई थी। ऐसे समय में जहां समाज आत्मनिर्भर हो गया है, राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने पारिवारिक प्रतिबद्धता और माता-पिता की जिम्मेदारियों को बढ़ावा देने के प्रयास में माता-पिता दिवस मनाने के लिए एक कांग्रेस के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। यह दिन सभी माता और पिता के प्यार और सामान को बढ़ावा देने का एक दिन है| आज के इस पोस्ट में हम आपको parent day poem, parents day poems, parent appreciation day poems, parents day poems thank you, parents day poems 2016, parents day poem in bengali, parents day small poems, आदि की जानकारी देंगे| ये कविता खासकर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है

Parents Day Poems in Hindi

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माता-पिता,
ईश्वर की वो सौगात है,
जो हमारे जीवन की अमृतधार है!
आपसे ही हमारी एक पहचान है,
वरना हम तो इस दुनिया से अनजान थे!
आपके आदर्शों पर चलकर ही,
हर मुश्किल का डटकर सामना करना सीखा है हमने!
आपने ही तो इस जीवन की दहलीज़ पर हमें,
अंगुली थामे चलना और आगे बढ़ना सिखाया है,
वरना एक कदम भी न चल पाने से हम हैरान थे!
आपके प्यार और विश्वास ने काबिल बनाया है हमें,
जीवन के हर मोड पर आज़माया है हमें,
वरना हम तो जीवन की कसौटियों से परेशान थे!
आपने हमेशा हर कदम पर सही राह दिखायी है हमें,
अच्छे और बुरे की पहचान करायी है हमें,
आपने दिया है जीवन का ये नायाब तोहफा हमें,
जिसे भुला पाना भी हमारे लिए मुश्किल है!
आपकी परवरिश ने ही दी है नेक राह हमें,
वरना हम तो इस नेक राह के काबिल न थे!
आपसे ही हमारे जीवन की शुरुआत है,
आपसे ही हमारी खुशियाँ और आबाद है,
आप ही हमारे जीवन का आधार है,
आप से हैं हम,
और आप से ही ये सारा जहांन है!

पैरेंट डे पोयम्स

पेरेंट्स डे कब मनाया जाता है: बहुत से लोग यह जानना चाहते है की पेरेंट्स डे कब मनाया जाता है| यह दिन हर साल जुलाई के महीने में 4TH रविवार के दिन मनाया जाता है| इस साल 2018 में ये पर्व 22 जुलाई को है| इस दिन सभी बच्चे अपने माता पिता को उनके प्यार और स्नेह के बदले तोहफे देते है|

भूलो सभी को मगर, माँ-बाप को भूलना नहीं।
उपकार अगणित हैं उनके, इस बात को भूलना नहीं।।
पत्थर पूजे कई तुम्हारे, जन्म के खातिर अरे।
पत्थर बन माँ-बाप का, दिल कभी कुचलना नहीं।।
मुख का निवाला दे अरे, जिनने तुम्हें बड़ा किया।
अमृत पिलाया तुमको, जहर उनके लिए उगलना नहीं।।
कितने लड़ाये लाड़, सब अरमान भी पूरे किये।
पूरे करो अरमान उनके, बात यह भूलना नहीं।।
लाखों कमाते हो भले, माँ-बाप से ज्यादा नहीं।
सेवा बिना सब राख है, मद में कभी फूलना नहीं।।
संतान से सेवा चाहो, संतान बन सेवा करो।
जैसी करनी वैसी भरनी, न्याय यह भूलना नहीं।।
सोकर स्वयं गीले में, सुलाया तुम्हें सूखी जगह।
माँ की अमीमय आँखों को, भूलकर कभी भिगोना नहीं।।
जिसने बिछाये फूल थे, हर दम तुम्हारी राहों में।
उस राहबर की राह के, कंटक कभी बनना नहीं।।
धन तो मिल जायेगा, मगर माँ-बाप क्या मिल पायेंगे ?
पल-पल पावन उन चरण की, चाह कभी भूलना नहीं।।

Parents Day Poem in Tamil

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Parents Day Poems in Hindi

பெற்றோரை ஒருபோதும் விட்டு விடாதீர்கள்,
இதயத்தை உடைக்காதே,
சக ஊழியர்கள் நிறைய உங்களை எழுப்பியுள்ளனர்!
நீ உன் காலடியில் வைப்பாய்,
உங்கள் மகிழ்ச்சியை தவிர வேறொன்றுமில்லை,
உங்கள் புன்னகை தவிர வேறொன்று கேட்க வேண்டாம் !!
பெற்றோரை ஒருபோதும் விட்டு விடாதீர்கள்,
இதயத்தை உடைக்காதே,
நீங்கள் முன்பு உங்களை உணவளித்தீர்கள் !!
நீ அழுகிறாய், நீ குழந்தையாகிவிட்டாய்,
நீ எழுந்து நீ எழுந்து,
முழங்காலில் உட்கார்ந்து நடக்க நீங்கள் கற்றுக் கொண்டீர்கள்!
பெற்றோரை ஒருபோதும் விட்டு விடாதீர்கள்,
இதயத்தை உடைக்காதே,
உங்களுக்கு கற்பிப்பதற்காக ஆசிரியராகுங்கள் !!
நீங்கள் வலியால் பாதிக்கப்படுவீர்கள் போது நீங்கள் சிரிக்கிறீர்கள்
நீங்கள் இந்த நிலையை அடைந்துவிட்டீர்கள்,
நீங்கள் இந்த பயனுள்ளது !!
பெற்றோரை ஒருபோதும் விட்டு விடாதீர்கள்,
அவர்களை மறந்து இதயத்தை உடைக்காதே !!

Happy parents day Poem

अगर आप पेरेंट्स डे के लिए हर साल 2008, 2009, 2010, 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017 के लिए Few lines on parents day in Hindi, Sayings, Slogans, Messages, SMS, Doctors Day Quotes in Hindi, Whatsapp Status, Words Character तथा भाषा Hindi font, hindi language, English, Urdu, Tamil, Telugu, Punjabi, English, Haryanvi, Gujarati, Bengali, Marathi, Malayalam, Kannada, Nepali के Language Font के 3D Image, Pictures, Pics, HD Wallpaper, Greetings, Photos, Free Download जानना चाहे तो यहाँ से जान सकते है| अपने परिवार, दोस्तों, friends, girlfriend, boyfriend, पति-पत्नी, रिश्तेदार, बॉस, टीचर आदि को पेरेंट्स डे विशेष पिक्स, फोटो, इमेजेज, वॉलपेपर आदि जिसे आप whatsapp, facebook व instagram पर अपने family group, व्हाट्सप्प ग्रुप में share कर सकते हैं|

माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
बहुत कुछ सहकरके तुम्हे बड़ा किये है!!
तुम्हे अपने पैरो पर खड़ा किये है,
तुम्हारे खुशियों के अलावा कुछ न चाह रखते है,
तुम्हारे मुस्कराहट के सिवा कुछ न मांग करते है!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
खुद से पहले तुम्हे खिलाते थे!!
जब तुम रोते थे तो खुद बच्चे बन जाते थे,
खुद जागकर तुम्हे सुलाते थे,
घुटनों में बैठ के तुम्हे चलना सिखाते थे!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
शिक्षक बन तुम्हे पढाया!!
दर्द सहते हुए भी तुम्हे हसाया,
तुम इस ओहदे पर पहुचे हो,
तुम्हे इस काबिल बनाया!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना!!

Parents Day Poem in English

Parents Day Poem in Hindi

When I am sad, they comfort me
When I am sick, they care for me
When I misbehave, they discipline me
Because they love me.
When I need help, they help me
When I lose all faith, they help me regain it
When I need forgiveness, they forgive me
Because they love me.
When I am cold, they give me shelter
When I need help with my homework, they help me the best they can
When I lose my way, they will come and find me
Because they love me.
When I feel low, they let me know I am smart
When others make fun of me, they let me know I am special
No matter what happens, I know they will always be there
Because they love me.

Parents Day Poem in Marathi

कधीही पालकांना एकत्र ठेवू नका,
हृदय मोडू नका,
बर्याच सहकर्मींनी तुम्हाला वाढवले ​​आहे !!
आपण स्वत: ला आपल्या पायावर उभे केले आहे,
आपल्या आनंदापेक्षा इतर काहीही नको आहे,
आपल्या हसण्याशिवाय दुसरे काहीही मागू नका !!
कधीही पालकांना एकत्र ठेवू नका,
हृदय मोडू नका,
आपण स्वत: आधी पोसण्यासाठी वापरले !!
जेव्हा तुम्ही रडत असता तेव्हा तुम्ही मूल झाले असते,
आपण जागे व्हा आणि स्वत: ला जाताना,
गुडघे टेकून आपण चालत शिकवले!
कधीही पालकांना एकत्र ठेवू नका,
हृदय मोडू नका,
शिकविण्यासाठी शिक्षक व्हा !!
आपण वेदना होत असतानाही हसता
आपण या स्थितीत पोहोचला आहात,
आपण हे फायदेशीर केले !!
कधीही पालकांना एकत्र ठेवू नका,
त्यांना विसरून हृदय सोडू नका !!

Parents Day Short Poem

देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते हैं…

सुबह की सैर में,
कभी चक्कर खा जाते है,
सारे मौहल्ले को पता है,
पर हमसे छुपाते है…

दिन प्रतिदिन अपनी,
खुराक घटाते हैं,
और तबियत ठीक होने की,
बात फ़ोन पे बताते है…

ढीली हो गए कपड़ों,
को टाइट करवाते है,
देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते हैं…

किसी के देहांत की खबर,
सुन कर घबराते है,
और अपने परहेजों की,
संख्या बढ़ाते है,

हमारे मोटापे पे,
हिदायतों के ढेर लगाते है,
“रोज की वर्जिश” के,
फायदे गिनाते है,

‘तंदुरुस्ती हज़ार नियामत’,
हर दफे बताते है,
देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते हैं..

हर साल बड़े शौक से,
अपने बैंक जाते है,
अपने जिन्दा होने का,
सबूत देकर हर्षाते है…

जरा सी बढी पेंशन पर,
फूले नहीं समाते है,
और फिक्स्ड डिपाजिट, रिन्यू करते जाते है…

खुद के लिए नहीं,
हमारे लिए ही बचाते है,
देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते हैं…

चीज़ें रख के अब,
अक्सर भूल जाते है,
फिर उन्हें ढूँढने में,
सारा घर सर पे उठाते है…

और एक दूसरे को,
बात बात में हड़काते है,
पर एक दूजे से अलग,
भी नहीं रह पाते है…

एक ही किस्से को,
बार बार दोहराते है,
देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते हैं…

चश्में से भी अब,
ठीक से नहीं देख पाते है,
बीमारी में दवा लेने में,
नखरे दिखाते है…

एलोपैथी के बहुत सारे,
साइड इफ़ेक्ट बताते है,
और होमियोपैथी/आयुर्वेदिक की ही रट लगाते है..

ज़रूरी ऑपरेशन को भी,
और आगे टलवाते है.
देखते ही देखते जवान
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते हैं..

उड़द की दाल अब,
नहीं पचा पाते है,
लौकी तुरई और धुली मूंगदाल,
ही अधिकतर खाते है,

दांतों में अटके खाने को,
तिली से खुजलाते हैं,
पर डेंटिस्ट के पास,
जाने से कतराते हैं,

“काम चल तो रहा है”,
की ही धुन लगाते है..
देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते हैं..

हर त्यौहार पर हमारे,
आने की बाट देखते है,
अपने पुराने घर को,
नई दुल्हन सा चमकाते है..

हमारी पसंदीदा चीजों के,
ढेर लगाते है,
हर छोटी बड़ी फरमाईश,
पूरी करने के लिए,
माँ रसोई और पापा बाजार,
दौडे चले जाते है..

पोते-पोतियों से मिलने को,
कितने आंसू टपकाते है..
देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते है…

देखते ही देखते जवान,
“माँ-बाप” बूढ़े हो जाते है…

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