ठंड का मौसम शायरी – ठंडी शायरी – Thand Mausam Shayari – सर्दी शायरी – Shayari On Winter

ठंडी शायरी

हमारे देश में तीन ऋतुएँ पायी जाती है शीत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, तथा वर्षा ऋतु वैसे तो हर ऋतु का अपने में ही अलग महत्व होता है और हर ऋतु अपने अनुसार ही इंसान के जीवन में लाभ तथा हानि लाती है | इसीलिए इसमें शीत ऋतु यानि की ठण्ड का मौसम यह मौसम हमारे लिए ठण्ड लेकर आता है जिसमे की हमें बहुत परेशानी होती है और ठण्ड अधिक होने लगती है जिस कारणवश यह मौसम बहुत सुहाना सा भी हो जाता है इसीलिए हमारे कुछ महान शायरों ने शीत ऋतु के ऊपर शायरियां लिखी है जो की हमारे लिए महत्वपूर्ण होती है |

सर्दी रोमांटिक शायरी


फूलों की सुगंध, मूँगफली की बहार सर्दी का मौसम आने को तैयार रजाई,स्वेटर रखो तैयार हैप्पी सर्दी का मौसम मेरे यार. Happy Winter
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सर्दी के मौसम का मजा अलग सा है, रात मे रजाई का मजा अलग सा है, धुंध ने आकर छिपा लिया सितारों को, आपकी जुदाई का ऐहसास अब अलग सा है।
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ठण्ड का बहाना हैं, व्हाट्सऐप करके आपको सताना हैं, मौसम भी दीवाना हैं, आपभी दो-चार व्हाट्सऐप कर दो, क्या.. नेट पैक का बैलेंस बचा के नया स्वेटर लाना हैं.
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सर्द रातों को सताती है जुदाई तेरी, आग बुझती नहीं सीने में लगाई तेरी, जब भी चलती हैं हवाऐं.. दिल को आ जीती है फिर से याद तेरी।
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हर कामयाबी पर आपका नाम हो, आपके हर क़दम पर सफलता का मुकाम हो, ध्यान रखना, ठण्ड आ गयी हैं, मैं नही चाहता आपको जुकाम हो.
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कितना दर्द हैं दिल में दिखाया नही जाता, गंभीर हैं किस्सा सुनाया नही जाता, विडियो कॉल मत कर पगली, रजाई में से मुहँ निकाला नही जाता.
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सीतल-सीतल वायु चली, आकाश हुआ सुहाना, जोकर भी व्हाट्सऐप पढ़ने लगे, शिक्षित हुआ ज़माना.
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क्यूँ किसी की यादों को सोच कर रोया जाए, क्यूँ किसी के ख्यालों में यूँ खोया जाए, बाहर मौसम बहुत ख़राब हैं, क्यूँ न रजाई तानकर सोया जाए.
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ख़ुदा करे कि तुमको “जुदाई” न मिले, कभी भी तुमको “तन्हाई” ना मिले, मुझे “Message” ना करो तो कुछ ऐसा हो, कि मौसम हो सर्दी का और तुमको “रजाई” ना मिले… Happy Winter
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Shayari Thandi Hawa


पहन लो आप स्वेटर आपसे यही हैं हमारी गुज़ारिश, मुबारक हो आपको सर्दी की पहली बारिश.
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ठण्ड में वादा नही करते कि दोस्ती निभायेंगे, जरूरत पड़ी तो सब कुछ ले लो, पर रजाई न दे पायेंगे.
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आ जा अभी सर्दी का मौसम नही गुजरा, पहाड़ो में अभी भी बर्फ जमी है.. सब कुछ है मेरे पास मगर.. सिर्फ इक तेरी ही कमी है...
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बैठ कर टॉयलेट में नबाब की जैसे, ठंडी के मौसम में सोचता हूँ ऐसे, कि बेटा, कर तो ली हैं तूने, अब ठंडे पानी से धोएगा कैसे.
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अपना समझो या बेगाना, हमारा आपका हैं रिश्ता पुराना, इसलिए मेरा फ़र्ज हैं आपको बताना, ठंड आ गयी हैं, कृपया रोज मत नहाना.
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“Thund aur Insult” जितनी महसूस करोगे उतनी ज्यादा लगेगी… Be Careful…Be Beshram… Happy Winter
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जब भी विंटर सीजन आती हैं, कसम से तेरी याद बहुत आती हैं, दिल सोचता है मेरा बार-बार मेरा इनर कब लौटाओगे यार… Happy Happy Winter Season
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सर्द मौसम का मज़ा कितना अलग सा हैं, तन्हा रात में इंतजार कितना अलग सा हैं, धुंध बनी नक़ाब और छुपा लिया सितारों को, उनकी तन्हाई का अब एहसास कितना अलग सा हैं… Happy Winter Season
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ना मुस्कुराने को जी चाहता हैं, ना कुछ खाने-पीने को जी चाहता हैं, अब ठंड बर्दास्त नही होती, सब कुछ छोडकर रजाई में घुस जाने को जी चाहता हैं.
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ठंड का मौसम शायरी

सर्द मौसम शायरी – सर्दी शायरी फेसबुक


उसको चाहा पर इजहार करना नही आया, कट गयी उम्र हमें प्यार करने नही आया, उसने कुछ माँगा भी तो मागी रजाई, और हमे इंकार करना नही आया.
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आज एक स्वेटर और पहन लो, आज एक रज़ाई और ओढ़ लो, आज एक मफ़लर और लपेट लो, आज दो मोज़े और पहन लो, आज एक कहवा और पी लो, आज एक हीटर और चला लो, क्या पता… कल ठण्ड हो न हो…!!! Happy Winter
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दिल की धड़कन रूक सी गई, साँसे मेरी थम सी गई, पूछा हमने दिल के डॉक्टर से तो पता चला कि सर्दी के कारण आपकी यादें दिल में जब सी गई… हैप्पी विंटर
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सूरज लिहाफ़ ओढ़ के सोया तमाम रात सर्दी से इक परिंदा दरीचे में मर गया
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मिरे सूरज आ! मिरे जिस्म पे अपना साया कर बड़ी तेज़ हवा है सर्दी आज ग़ज़ब की है
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अब उदास फिरते हो सर्दियों की शामों में इस तरह तो होता है इस तरह के कामों में
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'अल्वी' ये मो'जिज़ा है दिसम्बर की धूप का सारे मकान शहर के धोए हुए से हैं
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वो सर्दियों की धूप की तरह ग़ुरूब हो गया लिपट रही है याद जिस्म से लिहाफ़ की तरह
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वो गले से लिपट के सोते हैं आज-कल गर्मियाँ हैं जाड़ों में
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सर्दी शीत ऋतु पर शायरी

अगर आप सर्दी के ऊपर 2 lines thandi shayari, thand shayari hindi, ठंडी की शायरी, ठंडी पर शायरी तथा ठंडी शायरी हिंदी के बारे में जानना चाहते है तो इसके लिए आप यहाँ से इसकी जानकारी पा सकते है तथा इन विंटर्स की शायरियो को आप सोशल मीडिया जैसे फेसबुक व्हाट्सएप्प जैसी वेबसाइट पर भी शेयर कर सकते है :


सर्दी में दिन सर्द मिला हर मौसम बेदर्द मिला
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थोड़ी सर्दी ज़रा सा नज़ला है शायरी का मिज़ाज पतला है
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बड़ी बेवफ़ा हो जाती है ग़ालिब, ये घड़ी भी सर्दियों में, 5 मिनट और सोने की सोचो तो, 30 मिनट आगे बढ़ जाती है.
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कतराते हैं बल खाते हैं घबराते हैं क्यूँ लोग सर्दी है तो पानी में उतर क्यूँ नहीं जाते
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लबों में आ के क़ुल्फ़ी हो गए अशआर सर्दी में ग़ज़ल कहना भी अब तो हो गया दुश्वार सर्दी में
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जब चली ठंडी हवा बच्चा ठिठुर कर रह गया माँ ने अपने ला'ल की तख़्ती जला दी रात को
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बहुत ही सर्द है अब के दयार-ए-शौक़ का मौसम, चलो गुज़रे दिनों की राख में चिंगारियाँ ढूँडें.
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लड़की रो-रो कर लड़के से कह रही हैं, हाथ छोड़ो, मेरी नाक बह रही हैं.
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गर्मी लगी तो ख़ुद से अलग हो के सो गए सर्दी लगी तो ख़ुद को दोबारा पहन लिया
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Thandi Shayari SMS


मत ढूढ़ना मुझे इस जहाँ की तन्हाई में, ठण्ड बहुत हैं मैं हूँ अपनी रजाई में.
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इक बर्फ़ सी जमी रहे दीवार-ओ-बाम पर इक आग मेरे कमरे के अंदर लगी रहे
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इस बरसाती ठण्ड के मौसम में रजाई के अंदर रहना ही श्रेष्ठ कर्म है और टमाटर की चटनी के साथ पकोड़े, चाय मिलना मोक्ष की प्राप्ति.
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काश तुझे सर्दी के मौसम मे लगे मुहब्बत की ठंड, और तू तड़प कर माँगे मुझे कम्बल की तरह.
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कतराते हैं बल खाते हैं घबराते हैं क्यूँ लोग सर्दी है तो पानी में उतर क्यूँ नहीं जाते
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ऐ सर्दी इतना न इतरा अगर हिम्मत है तो जून में आ.
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शायरी सर्दी की ठिठुरती रात में फुटपाथ पर अरमान है दिलबर मुझे छोड़के किसी और पे मेहरबान है.
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जाड़े की रुत है नई तन पर नीली शाल तेरे साथ अच्छी लगी सर्दी अब के साल.
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समझ में नही आता, सारी रात गुजर जाती हैं, रजाई में हवा किधर से घुस जाती हैं.
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