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गणतंत्र दिवस गीत 2020 – 26 जनवरी के गीत- Indian Republic Day Desh Bhakti Geet

गणतंत्र दिवस गीत 2018

26 january 2020 | 71st republic day : भारतीय गणतंत्र दिवस हर साल 26 जनवरी पर मनाया जाता है | यह दिन हमारे देश और हम सब भारतीय नागरिकों के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन हमारे देश का सविंधान जारी किया गया था| गणतंत्र दिवस के उपलक्ष पर स्कूल, कॉलेज के बच्चे अपने विद्यालय में स्कूल फंक्शन में freedom fighters की ड्रेस पेहेन कर cultural program को celebrate करते हैं जिसमे वो republic day geet download, 26 january geet 2020, 2020, mp3, रिपब्लिक डे गीत lyrics in hindi गाते व प्रस्तुत करते हैं| आइये देखें कुछ best गणतंत्र दिवस गीत हिंदी में जिसे आप save व pdf download कर सकते हैं|

26 जनवरी के गीत

गणतंत्र दिवस पर गीत

26 जनवरी क्यों मनाई जाती है: भारत में गणतंत्र और संविधान की स्थापना के उपलक्ष में यह दिन मनाया जाता है |

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26 january songs in written – Hindi language

71th Republic Day पर गीत

1.”जिस देश में गंगा बहती है”

होठों पे सच्चाई रहती है, जहां दिल में सफ़ाई रहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है ।।
मेहमां जो हमारा होता है, वो जान से प्यारा होता है
ज़्यादा की नहीं लालच हमको, थोड़े मे गुज़ारा होता है
बच्चों के लिये जो धरती माँ, सदियों से सभी कुछ सहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है ।।
कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं, इन्सान को कम पहचानते हैं
ये पूरब है पूरबवाले, हर जान की कीमत जानते हैं
मिल जुल के रहो और प्यार करो, एक चीज़ यही जो रहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है ।।
जो जिससे मिला सिखा हमने, गैरों को भी अपनाया हमने
मतलब के लिये अन्धे होकर, रोटी को नही पूजा हमने
अब हम तो क्या सारी दुनिया, सारी दुनिया से कहती है
हम उस देश के वासी हैं, हम उस देश के वासी हैं
जिस देश में गंगा बहती है।।

2.अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं

हमने सदियों में ये आज़ादी की नेमत पाई है
सैकड़ों क़ुरबानियाँ देकर ये दौलत पाई है
मुस्कराकर खाई हैं सीनों पे अपने गोलियाँ
कितने वीरानों से गुज़रे हैं तो जन्नत पाई है
ख़ाक में हम अपनी इज़्ज़त को मिला सकते नहीं

क्या चलेगी ज़ुल्म की अहले वफ़ा के सामने
जा नहीं सकता कोई शोला हवा के सामने
लाख फ़ौजें ले के आई अमन का दुश्मन कोई
रुक नहीं सकता हमारी एकता के सामने
हम वो पत्थर हैं जिसे दुश्मन हिला सकते नहीं

वक़्त की आज़ादी के हम साथ चलते जाएंगे
हर क़दम पर ज़िंदगी का रुख़ बदलते जाएंगे
गर वतन में भी मिलेगा कोई गद्दार-ए-वतन
अपनी ताक़त से हम उसका सर कुचलते जाएंगे
एक धोखा खा चुके हैं और खा सकते नहीं

Republic Day Song in Hindi Text Font

तू ना रोना, के तू है भगत सिंह की माँ
मर के भी लाल तेरा मरेगा नहीं
डोली चढ़के तो लाते है दुल्हन सभी
हँसके हर कोई फाँसी चढ़ेगा नहीं

जलते भी गये कहते भी गये
आज़ादी के परवाने
जीना तो उसीका जीना है
जो मरना देश पर जाने

जब शहीदों की डोली उठे धूम से
देशवालों तुम आँसू बहाना नहीं
पर मनाओ जब आज़ाद भारत का दिन
उस घड़ी तुम हमें भूल जाना नहीं

ऐ वतन ऐ वतन हमको तेरी क़सम
तेरी राहों मैं जां तक लुटा जायेंगे
फूल क्या चीज़ है तेरे कदमों पे हम
भेंट अपने सरों की चढ़ा जायेंगे
ऐ वतन ऐ वतन

कोई पंजाब से, कोई महाराष्ट्र से
कोई यू पी से है, कोई बंगाल से
तेरी पूजा की थाली में लाये हैं हम
फूल हर रंग के, आज हर डाल से
नाम कुछ भी सही पर लगन एक है
जोत से जोत दिल की जगा जायेंगे
ऐ वतन ऐ वतन …

तेरी जानिब उठी जो कहर की नज़र
उस नज़र को झुका के ही दम लेंगे हम
तेरी धरती पे है जो कदम ग़ैर का
उस कदम का निशाँ तक मिटा देंगे हम
जो भी दीवार आयेगी अब सामने
ठोकरों से उसे हम गिरा जायेंगे

“हो हो हो…

संदेशे आते हैं
हमें तड़पाते हैं
तो चिट्ठी आती है
वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे
के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

संदेशे आते हैं
हमें तड़पाते हैं
तो चिट्ठी आती है
वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे
के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

किसी दिलवाली ने
किसी मतवाली ने
हमें खत लिखा है
ये हमसे पूछा है
किसी की साँसों ने
किसी की धड़कन ने
किसी की चूड़ी ने
किसी के कंगन ने
किसी के कजरे ने
किसी के गजरे ने
महकती सुबहों ने
मचलती शामों ने
अकेली रातों में
अधूरी बातों ने
तरसती बाहों ने
और पूछा है तरसी निगाहों ने
के घर कब आओगे
के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये दिल सूना सूना है

संदेशे आते हैं
हमें तड़पाते हैं
तो चिट्ठी आती है
वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे
के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

मोहब्बत वालों ने
हमारे यारों ने
हमें ये लिखा है
कि हमसे पूछा है
हमारे गाँवों ने
आम की छांवों ने
पुराने पीपल ने
बरसते बादल ने
खेत खलियानों ने
हरे मैदानों ने
बसंती बेलों ने
झूमती बेलों ने
लचकते झूलों ने
दहकते फूलों ने
चटकती कलियों ने
और पूछा है गाँव की गलियों ने
के घर कब आओगे
के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन गाँव सूना सूना है

संदेशे आते हैं
हमें तड़पाते हैं
तो चिट्ठी आती है
वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे
के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

ओ ओ ओ…

कभी एक ममता की
प्यार की गंगा की
जो चिट्ठी आती है
साथ वो लाती है
मेरे दिन बचपन के
खेल वो आंगन के
वो साया आंचल का
वो टीका काजल का
वो लोरी रातों में
वो नरमी हाथों में
वो चाहत आँखों में
वो चिंता बातों में
बिगड़ना ऊपर से
मोहब्बत अंदर से
करे वो देवी माँ
यही हर खत में पूछे मेरी माँ
के घर कब आओगे
के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन आँगन सूना सूना है

संदेशे आते हैं
हमें तड़पाते हैं
तो चिट्ठी आती है
वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे
के घर कब आओगे
लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

ऐ गुजरने वाली हवा बता
मेरा इतना काम करेगी क्या
मेरे गाँव जा
मेरे दोस्तों को सलाम दे
मेरे गाँव में है जो वो गली
जहाँ रेहती है मेरी दिलरुबा
उसे मेरे प्यार का जाम दे
उसे मेरे प्यार का जाम दे

वहीं थोड़ी दूर है घर मेरा
मेरे घर में है मेरी बूढ़ी माँ
मेरी माँ के पैरों को छू के तू
उसे उसके बेटे का नाम दे
ऐ गुजरने वाली हवा ज़रा
मेरे दोस्तों
मेरी दिलरुबा
मेरी माँ को मेरा पयाम दे
उन्हें जा के तू ये पयाम दे

मैं वापस आऊंगा
मैं वापस आऊंगा
घर अपने गाँव में
उसी की छांव में
कि माँ के आँचल से
गाँव की पीपल से
किसी के काजल से
किया जो वादा था वो निभाऊंगा

मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा”

राष्ट्रीय गीत संग्रह

“मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू
तेरा सब कुछ मैं, मेरा सब कुछ तू
हम्म्म आ आ….
हर करम अपना करेंगेx२
ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिएx२
हर करम अपना करेंगे, तू मेरा कर्मा, तू मेरा धर्मा
तू मेरा अभिमान है ऐ वतन महबूब मेरे तुझपे दिल क़ुर्बान है x२
हम जिऐंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए x२
हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
हमवतन, हमनाम हैं x२
जो करे इनको जुदा मज़हब नहीं इल्जाम है
हम जिऐंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए
आ आ…
तेरी गलियों में चलाकर नफ़रतों की गोलियां
लूटते हैं कुछ लुटेरे दुल्हनों की डोलियां
लुट रहे है आप वो अपने घरों को लूट कर
खेलते हैं बेखबर अपने लहू से होलियां
हम जिऐंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए x२”

71st Republic day Song English Translation

Aye Watan Tere Liye Song Lyrics

“Mera karma tu mer dharma tu
Tera sab kuch mai mera sab kuch tu
Har karam apna karenge
Har karam apna karenge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye
Har karam apna karenge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye
Har karam apna karenge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye

Tu mera karma tu mera dharma
Tu mera abhiman hai
Aye watan mahbub mere
Tujhpe dil kurban hai
Aye watan mahbub mere
Tujhpe dil kurban hai
Hum jiyenge or marenge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye

Hindu muslim sikh isayi
Hum watan hum nam hai
Hindu muslim sikh isayi
Hum watan hum nam hai
Jo kare inko juda
Majhab nahi ilzam hai
Hum jiyenge or marenge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye

Akeli galiyo me chala kar
Nafrato ki goliya
Lutte hai kuch lutere
Dulhano ki doliyo
Lut rahe hai aap wo
Apne gharo ko lut kar
Khelte hai bekhbar
Apne lahu se goliya
Hum jiyenge or marenge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye
Dil diya hai jan bhi denge
Aye watan tere liye!!”

रिपब्लिक डे गीत हिंदी में

आप चाहे तो देशभक्ति गीत व गणतंत्र दिवस के नारे भी देख सकते हैं | Gantantra diwas ke geet इस प्रकार हैं:

“मेरा रंग दे.. मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे मेरा रंग दे बसंती चोला रंग दे, रंग दे.. रंग दे बसंती चोला माये रंग दे निकले हैं वीर जिया ले यूँ अपना सीना ताने हंस-हंस के जान लुटाने आज़ाद सवेरा लाने मर के कैसे जीते हैं, इस दुनिया को बतलाने तेरे लाल चलें हैं माये, अब तेरी लाज बचाने मर के कैसे जीते हैं, इस दुनिया को बतलाने तेरे लाल चलें हैं माये, अब तेरी लाज बचाने आज़ादी का शोला बन के खून रगों में डोला मेरा रंग दे… मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे मेरा रंग दे बसंती चोला रंग दे, रंग दे.. रंग दे बसंती चोला माये रंग दे दिन आज तो बड़ा सुहाना मौसम भी बड़ा सुनहरा हम सर पे बाँध के आये बलिदानों का ये सेहरा बेताब हमारे दिल में इक मस्ती सी छायी है ऐ देश अलविदा तुझको कहने की घडी आई है महकेंगे तेरी फिज़ा में हम बन के हवा का झोंका किस्मत वालों को मिलता ऐसे मरने का मौका निकली है बरात सजा है इंक़लाब का डोला मेरा रंग दे… मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे मेरा रंग दे बसंती चोला माये रंग दे मेरा रंग दे बसंती चोला रंग दे, रंग दे.. रंग दे बसंती चोला माये रंग दे..”

देश रंगीला रंगीला गीत डाउनलोड – देश रंगीला गीत

साथ ही आप गणतंत्र दिवस पर कविता भी देख सकते हैं|

“यहा हर कदम कदम पे धरती बदले रंग
यहा की बोली मे रंगोली सात रंग
यहा हर कदम कदम पे धरती बदले रंग
यहा की बोली मे रंगोली सात रंग
धानी पगड़ी पहने मौसम है
नीली चादर ताने अम्बर है
नदी सुनहरी हरा समुन्दर है रे सजीला
देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला….

सिन्दूरी गालो वाला सूरज जो करे ठिठोली
शर्मीले खेतो को ढंक दे चुनर पीली पीली
घूंघट मे रंग पनघट मे रंग चम् चम् चमकीला
देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

अबिल गुलाल से चेहरे है यहां मस्तानो की टोली
रंग हसी मे रंग ख़ुशी मे रिश्ते जैसे होली
बातो मे रंग यादो मे रंग रंग रंग रंगीला
देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

इश्क का रंग यहां पर गहरा चढ़ के कभी न उतरे
सछे प्यार का ठहरा सा रंग छलके पर न बिखरे
रंग अदा मे रंग हया मे है रसीला
देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

यहां हर कदम कदम पे धरती बदले रंग
यहां की बोली मे रंगोली सात रंग
धानी पगड़ी पहने मौसम हैं
नीली चादर ताने अम्बर हैं
नदी सुनहरी हरा समुन्दर है रे सजीला
देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..
हो रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला
देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला….”

गणतंत्र दिवस स्वागत गीत

“जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़ियां करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा
जहाँ सत्य, अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा
वो भारत देश है मेरा
ये धरती वो जहाँ ऋषि मुनि जपते प्रभु नाम की माला
जहाँ हर बालक इक मोहन है और राधा इक-इक बाला
जहाँ सूरज सबसे पहले आ कर डाले अपना फेरा
वो भारत देश है मेरा…
जहाँ गंगा, जमुना, कृष्ण और कावेरी बहती जाए
जहाँ उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम को अमृत पिलवाये
ये अमृत पिलवाये
कहीं ये फल और फूल उगाये, केसर कहीं बिखेरा
वो भारत देश है मेरा…
अलबेलों की इस धरती के त्योहार भी हैं अलबेले
कहीं दीवाली की जगमग है, होली के कहीं मेले
जहाँ राग-रंग और हँसी-खुशी का चारों ओर है घेरा
वो भारत देश है मेरा…
जहाँ आसमान से बातें करते मंदिर और शिवाले
किसी नगर मे किसी द्वार पर कोई न ताला डाले
और प्रेम की बंसी जहाँ बजाता आये शाम सवेरा
वो भारत देश है मेरा…”

गणतंत्र दिवस स्वागत गीत

26 जनवरी गणतंत्र दिवस गीत

गणतंत्र दिवस देश भक्ति गीत इस प्रकार हैं:

“ए मेरे वतन के लोगों, तुम ख़ूब लगा लों नारा
ये शुभं दिन हैं हम सब का, लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर mat भुलो sema पर, वीरों ने है praan गवाए
कुछ yaad उन्हे भी कर लो, कुछ yaad उन्हे भी कर लो
जो लोट के ghar न आए, जो लोट के ghar न आए…
ए मैरे वतन के लोगो, जऱा आख में भर लो पानी
जो शहिद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो क़ुर्बानी
ऐ मेरे वतन के लोंगो ज़रा आख में भर लो पानी
जो शहिद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो क़ुर्बानी
तुम भुल न जाओ उनको, इसलिए सूनो ये कहानी
जो शहिदों हुए हैं, उनकी, जरा याद करो क़ुर्बानी…
जब ghaayl हुआ हिमालया, ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी सास लड़े वो.जब तक थी सांस लड़े वो, फिर अपनी लास बीछा दी
सगिन पे धर कर माथां, सो गए अमर बलिदानी
जो शाहिद्द हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो क़ुरबानी…
जंब देश में थी दीवालि, वो खेल रहे थे होळी
जब हम बेठे थे घरों में… जब हम बेठे थे घरों में, वो जहेल रहे थे गोली
थे धन्य जवानों वो अपने, थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहिद हुए हैं उनकी, जरा याद करो क़ुर्बानी…
कोई शिख कोई जाठ मराटा, 2
कोई गुर्खा कोई मद्रासी, -2
सर्हद पर मर्नेवाला… सरहद पर मरनेवाला, वो वीर था हिंदुस्थानी
जो खुन गिरा पर्वत पर, वो खुन था भारतवासी
जो शहिद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुरबानी…
थी खुन से लत – पत काया, फीर भी बन्दुक उठाके
10 – 10 को 1 ने मारा, फिर गिर गए होस गंवा के
जब आखिर समय आया तो…. जब अन्त-समय आया तो, कह गए के एब मरतें हैं
खुश रहना देस के प्यारों… ख़ुश रहना देश के पयारों
अब हम तो सफर करते हैं।.. -2
क्या लोग थे वो दिवाने, क्या लोग थे वो अभीमानी
जो शहिद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी
तुम भूल न जाओ उनको, इस्लिए कही ये कहानि
जो शहिद हुए हैं, उनकी जरा याद करो कुर्बानि
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद की सेना… जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद की सेना..”

गणतंत्र दिवस देश भक्ति गीत

“कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
हां हां…
साँस थमती गई नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गये सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
मरते मरते रहा बाँकापन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…
ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं
मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और इश्क़ दोनों को रुसवा करे
वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं
आज धरती बनी है दुल्हन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…
राह क़ुर्बानियों की न वीरान हो
तुम सजाते ही रहना नये क़ाफ़िले
फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है
ज़िंदगी मौत से मिल रही है
गले बांधलो अपने सर से कफ़न साथियों,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा…
खींच दो अपने खूँ से ज़मीं पर लकीर
इस तरफ़ आने पाये न रावण कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छूने पाये न सीता का दामन कोई
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियों,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों
कर चले हम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों!!”

गणतंत्र दिवस के गीत

“राष्ट्र-भक्ति ले हृदय मे हो खडा यदी देश सारा
सकटो पर मातं कर यह देश विजयी हो हमारा ॥
क्या कभि किसने सूना है सुर्य छीपता तिमीर भय से
क्या कभी सरिता-रुकी है बाध से बन पर्वत से
जो न रुक्ते मार्ग चलते चिर कर सब संकटों-को
वर्न करती कीर्ती उनको तोड़ कर सब असूर दल को
धयेय मंदीर के पतिक को कन्टकों का ही सहारा ॥
हम न रुक्ने चले है सुर्य के यदि पुतर है तो
हम न हट्नें को चले है सरित् की यदि प्रेरना को
चरण अगद ने रखा है आ उसे कोइ हटाएं
बहकात ज्वालामुखि यह आ उसे कोइ बुझाए
म्रत्यु की पी कर सुधा हम चल पडेंगे ले दु-धारा ॥
ज्ञान के वि-ज्ञान के भी क्षेत्र मे हम बढ़ पडेगे
निळ नभ के रूप के नव अरथ भी हम कर सकेंगे
भोगं के वातावरण मे त्याग का सदेश देंगे
तरास के घन बादलों-से सोख्य की वर्शा करेंगे
स्वपन यह साकार करने संघठित हो हिन्दु-सारा ॥”

स्वागत गीत फॉर स्कूल

गणतंत्र दिवस पर गीत

“जन गण मन अधिनायक जय हे

भारत भाग्य विधाता

पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा

द्राविड़ उत्कल बंग

विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा

उच्छल जलधि तरंग

तव शुभ नामे जागे

तव शुभ आशिष मागे

गाहे तव जय गाथा

जन गण मंगल दायक जय हे

भारत भाग्य विधाता

जय हे जय हे जय हे

जय जय जय जय हे!”

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएँ गीत

LYRICS OF AAO BACHCHON TUMHEN DIKHAYEN IN HINDI:

“आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की
इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की
वंदे मातरम …

उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट है
दक्षिण में चरणों को धोता सागर का सम्राट है
जमुना जी के तट को देखो गंगा का ये घाट है
बाट-बाट पे हाट-हाट में यहाँ निराला ठाठ है
देखो ये तस्वीरें अपने गौरव की अभिमान की,
इस मिट्टी से …

ये है अपना राजपूताना नाज़ इसे तलवारों पे
इसने सारा जीवन काटा बरछी तीर कटारों पे
ये प्रताप का वतन पला है आज़ादी के नारों पे
कूद पड़ी थी यहाँ हज़ारों पद्मिनियाँ अंगारों पे
बोल रही है कण कण से कुरबानी राजस्थान की

देखो मुल्क मराठों का ये यहाँ शिवाजी डोला था
मुग़लों की ताकत को जिसने तलवारों पे तोला था
हर पावत पे आग लगी थी हर पत्थर एक शोला था
बोली हर-हर महादेव की बच्चा-बच्चा बोला था
यहाँ शिवाजी ने रखी थी लाज हमारी शान की
इस मिट्टी से …

जलियाँ वाला बाग ये देखो यहाँ चली थी गोलियाँ
ये मत पूछो किसने खेली यहाँ खून की होलियाँ
एक तरफ़ बंदूकें दन दन एक तरफ़ थी टोलियाँ
मरनेवाले बोल रहे थे इनक़लाब की बोलियाँ
यहाँ लगा दी बहनों ने भी बाजी अपनी जान की
इस मिट्टी से …

ये देखो बंगाल यहाँ का हर चप्पा हरियाला है
यहाँ का बच्चा-बच्चा अपने देश पे मरनेवाला है
ढाला है इसको बिजली ने भूचालों ने पाला है
मुट्ठी में तूफ़ान बंधा है और प्राण में ज्वाला है
जन्मभूमि है यही हमारे वीर सुभाष महान की
इस मिट्टी से …”

राष्ट्रीय गीत इन हिंदी

राष्ट्रीय गीत | National Song of India

“वंदे मातरम्, वंदे मातरम्! सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्, शस्यश्यामलाम्, मातरम्! वंदे मातरम्! शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्, फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्, सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्, सुखदाम् वरदाम्, मातरम्! वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥”

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